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Irfan Khan Last Movie Shooting Struggles: फनकार की आखिरी जंग! ‘अंग्रेजी मीडियम’ के सेट पर असहनीय दर्द में थे इरफान खान, हुआ दर्दनाक खुलासा

Irfan Khan Last Movie Shooting Struggles: बॉलीवुड के गलियारों में जब भी प्रभावशाली अभिनय की बात होगी, इरफान खान का नाम सबसे ऊपर सुनहरे अक्षरों में लिया जाएगा। वे एक ऐसे कलाकार थे जिनकी खामोश आँखें हजार शब्दों के बराबर संवाद बोल दिया करती थीं। साल 2020 में उनके आकस्मिक निधन ने पूरी दुनिया के सिनेमा प्रेमियों को एक गहरे शोक में डुबो दिया था। अब उनकी आखिरी फिल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’ की कॉस्ट्यूम डिजाइनर ने एक्टर के अंतिम दिनों के बारे में (Legendary Actor Legacy) से जुड़े कुछ ऐसे सच बताए हैं, जिन्हें सुनकर किसी भी प्रशंसक का कलेजा मुंह को आ जाए।

Irfan Khan Last Movie Shooting Struggles
Irfan Khan Last Movie Shooting Struggles
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कैंसर की बेरहम जकड़ और इरफान का अडिग साहस

मार्च 2018 में इरफान खान को न्यूरोइंडोक्राइन ट्यूमर जैसी दुर्लभ और जानलेवा बीमारी का पता चला था। विदेश में लंबे इलाज और अपनी जीने की अदम्य इच्छाशक्ति के बावजूद वे अप्रैल 2020 में दुनिया छोड़ गए। उनकी आखिरी फिल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’ की शूटिंग के दौरान (Cancer Battle Journey) की तकलीफ़ें अपने चरम पर थीं। पर्दे पर मुस्कुराते हुए दिखने वाले इस कलाकार के पीछे एक ऐसा इंसान था जो हर पल मौत और दर्द से लड़ रहा था, ताकि अपने दर्शकों से किया आखिरी वादा पूरा कर सके।

कड़कड़ाती ठंड और शरीर का जवाब दे जाना

फिल्म की कॉस्ट्यूम डिजाइनर स्मृति चौहान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि शूटिंग के दौरान इरफान को असामान्य रूप से बहुत अधिक ठंड महसूस होती थी। बीमारी के कारण उनका शरीर भीतर से खोखला हो रहा था। स्मृति के अनुसार, इरफान ने उनसे कहा था कि उन्हें बहुत ठंड लग रही है और उन्होंने लंदन के एक खास ब्रांड के वार्मर मंगवाने की गुजारिश की थी। (Behind The Scenes Struggle) की यह दास्तां बताती है कि उस वक्त उनका शारीरिक तापमान बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती बन गया था।

पैडिंग और कपड़ों की परतों के पीछे छिपा सच

शूटिंग जैसे-जैसे आगे बढ़ रही थी, इरफान का शरीर धीरे-धीरे सिकुड़ता जा रहा था। स्मृति चौहान ने खुलासा किया कि उनका वजन इतनी तेजी से घट रहा था कि उनके कपड़ों की फिटिंग करना मुश्किल हो गया था। कैमरे के सामने उन्हें स्वस्थ दिखाने के लिए (Film Costume Design Techniques) का सहारा लिया गया और उनके कपड़ों में भारी पैडिंग लगाई गई। यहाँ तक कि गर्मियों के सीन में भी, जहाँ उन्हें केवल एक बनियान पहननी थी, उसमें भी पैडिंग का इस्तेमाल किया गया ताकि उनका गिरता हुआ वजन और कमजोरी दर्शकों को नजर न आए।

दर्द जब बर्दाश्त से बाहर हो जाता था

स्मृति बताती हैं कि इरफान एक पेशेवर कलाकार थे, लेकिन कभी-कभी दर्द इतना असहनीय हो जाता था कि उन्हें बीच में ही शूटिंग रोकनी पड़ती थी। (Professional Commitment Challenges) के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उनका परिवार हर पल उनके साथ साए की तरह रहता था ताकि उन्हें मानसिक और शारीरिक सहारा दे सके। सेट पर मौजूद हर शख्स यह देख पा रहा था कि यह महान अभिनेता अपनी आखिरी सांसों तक सिनेमा के प्रति समर्पित था, भले ही उनका शरीर साथ नहीं दे रहा था।

आख़िरी फिल्म और एक चमकते सितारे का अंत

‘अंग्रेजी मीडियम’ उनके निधन से कुछ ही दिन पहले रिलीज हुई थी और यह फिल्म उनके फैंस के लिए एक इमोशनल तोहफा साबित हुई। फिल्म में एक पिता का किरदार निभाने वाले इरफान ने (Emotional Character Portrayal) के जरिए एक बार फिर साबित कर दिया कि वे क्यों महान हैं। कॉस्ट्यूम डिजाइनर के इन खुलासों ने अब लोगों को उस फिल्म को एक अलग नजरिए से देखने पर मजबूर कर दिया है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि एक योद्धा की अपनी कला के प्रति आखिरी आहुति थी।

सिने जगत के लिए एक अपूर्णीय क्षति

इरफान खान का जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं था, बल्कि अभिनय की एक पूरी पाठशाला का अंत था। आज भी उनके द्वारा निभाए गए किरदार और उनकी फिल्में (Indian Cinema Contribution) की मिसाल पेश करती हैं। स्मृति चौहान के इन खुलासों ने यह साफ कर दिया है कि इरफान ने अपने जीवन के सबसे कठिन दौर में भी अपनी मुस्कान और कला को फीका नहीं पड़ने दिया। उनके साहस और दर्द की यह कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी।

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