RajpalYadav – तिहाड़ जेल में सरेंडर से पहले अभिनेता का भावुक बयान आया सामने…
RajpalYadav – अभिनेता राजपाल यादव ने मंगलवार देर रात दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया। इस खबर के सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच हलचल मच गई। हालांकि, सरेंडर से पहले उन्होंने जो बातें कहीं, वही सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। जेल अधिकारियों के सामने दिए गए उनके बयान ने न सिर्फ माहौल को भावुक कर दिया, बल्कि इंडस्ट्री में रिश्तों और मुश्किल वक्त में साथ देने की हकीकत पर भी सवाल खड़े कर दिए।

सरेंडर से पहले क्या बोले राजपाल यादव
तिहाड़ जेल पहुंचने से कुछ देर पहले राजपाल यादव काफी भावुक नजर आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने जेल अधिकारियों से बातचीत के दौरान अपने हालात बयां करते हुए कहा कि उनके पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने स्वीकार किया कि आर्थिक संकट ने उन्हें इस स्थिति तक पहुंचा दिया है और इस संघर्ष में वह खुद को पूरी तरह अकेला महसूस कर रहे हैं। उनका यह बयान सुनकर वहां मौजूद लोग भी कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए।
2010 से जुड़ा है पूरा मामला
यह मामला करीब 16 साल पुराना है। साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी, जिसके बाद अभिनेता की आर्थिक स्थिति बिगड़ती चली गई। आय के स्रोत सीमित होने के कारण कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया।
चेक बाउंस और कानूनी कार्रवाई
आर्थिक तंगी के चलते राजपाल यादव द्वारा दिया गया चेक बैंक में पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा। अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अभिनेता और उनकी पत्नी को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोनों को छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी।
अपील, राहत और बढ़ता बकाया
इस फैसले के बाद राजपाल यादव ने उच्च अदालतों में अपील दायर की। उन्हें सजा पर अस्थायी राहत तो मिलती रही, लेकिन इस दौरान मूल रकम के साथ ब्याज और अन्य कानूनी खर्च जुड़ते चले गए। बताया गया कि समय के साथ बकाया राशि बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। हालांकि, अभिनेता ने बीच-बीच में रकम का कुछ हिस्सा चुकाया भी।
कोर्ट की सख्ती और फटकार
लगातार समय बढ़ाने और तय डेडलाइन पूरी न हो पाने पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि किसी भी व्यक्ति की सार्वजनिक पहचान या लोकप्रियता के आधार पर बार-बार नरमी नहीं बरती जा सकती। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और आदेशों का पालन अनिवार्य है।
आत्मसमर्पण का निर्देश और पालन
अदालत की सख्ती के बाद राजपाल यादव को बिना किसी और देरी के आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया। कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए अभिनेता ने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया। इस कदम के साथ लंबे समय से चल रहा यह मामला एक अहम मोड़ पर आ गया है।
फैंस और इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया
राजपाल यादव के सरेंडर की खबर से उनके प्रशंसकों में मायूसी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर कई लोग उनके संघर्ष और मुश्किल दौर को लेकर सहानुभूति जता रहे हैं। वहीं, यह मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि फिल्म इंडस्ट्री में सफलता और असफलता के बीच की दूरी कितनी कम होती है और कठिन समय में रिश्ते कितने टिकाऊ साबित होते हैं।



