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Rashi Khanna Exclusive: राशी खन्ना ने तोड़ी चुप्पी, बताया- कैसे अब वह अपने करियर में जोखिम नहीं, ‘रणनीति’ से चुनती हैं फिल्में…

Rashi Khanna Exclusive: फिल्म 120 बहादुर में फरहान अख्तर के साथ स्क्रीन साझा करने के बाद राशी खन्ना एक बार फिर चर्चा में हैं। इस फिल्म में उनका राजस्थानी किरदार दर्शकों के दिलों में उतर गया। अलग-अलग भाषाओं में काम कर चुकी राशी अब और भी चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं की तलाश में हैं। अमर उजाला से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने अभिनय सफर, भाषाओं से जुड़ी मुश्किलों और इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की कहानी को बेहद खुलकर साझा किया। यह बातचीत साबित करती है कि एक्टिंग की दुनिया में उनकी Journey कितनी बहुआयामी रही है।

Rashi Khanna Exclusive
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भाषा, संस्कृति और एक्सेंट—एक्टर के लिए सबसे बड़ा इम्तिहान

राशी बताती हैं कि विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के किरदार निभाना उनके लिए blessing भी है और बड़ा चैलेंज भी। जब वह किसी नए सेट पर कदम रखती हैं, तो उन्हें पता होता है कि एक्सेंट से लेकर इमोशन तक सब पर पकड़ मजबूत करनी होगी। यही दबाव उन्हें नर्वस भी करता है और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। ‘120 बहादुर’ में राजस्थानी, अगले शो में पंजाबी और एक अन्य किरदार में बंगाली—इन सभी भूमिकाओं ने उन्हें एक कलाकार के रूप में निखारा है। उनके शब्दों में, इस विविधता ने उन्हें सच्चा इंडियन बना दिया है, और एक्टिंग में यह सांस्कृतिक Authenticity सबसे ज्यादा मायने रखती है।


फिल्म ऑफर होते ही आया गर्व—एक अलग किस्म की ऊर्जा का संचार

राशी बताती हैं कि 120 बहादुर उनके पास आई तो उनके मन में सबसे पहले गर्व की भावना जगी। किरदार की लंबाई उनके लिए उतनी महत्वपूर्ण नहीं थी, जितना उसका असर। डायरेक्टर के पास आर्मी का फर्स्ट-हैंड अनुभव था, जिससे कहानी और भी गहराई से गूंथी गई थी। एक्सेल एंटरटेनमेंट और फरहान अख्तर के जुड़ने से उनके मन में फिल्म को लेकर भरोसा और बढ़ गया। उन्हें महसूस हुआ कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक मजबूत Impact छोड़ने वाली कहानी है, जिसे हर दर्शक तक पहुंचना जरूरी है।


तैयारी की बारीकियां—राजस्थानी एक्सेंट और साइलेंट इमोशन्स का खेल

अपने किरदार को जीवंत बनाने के लिए राशी ने राजस्थानी एक्सेंट पर कड़ी मेहनत की। उन्होंने एक कोच के साथ घंटों प्रैक्टिस की और डायरेक्टर से यह भी सीखा कि राजस्थानी परिवारों में इमोशन्स अक्सर साइलेंस के पीछे छिपे होते हैं। उनकी लाइन्स में वही सादगी और गहराई दिखनी चाहिए, यह समझने के बाद उन्होंने हर डायलॉग को कई बार दोहराया। आज जब दर्शकों के रिव्यू सामने आते हैं, तो उन्हें संतोष होता है कि जो भावनाएँ उन्होंने शूट के समय महसूस की थीं, दर्शक भी वही महसूस कर रहे हैं। यह उनकी तैयारी में शामिल Preparation की जीत है।


दिल से काम करने वाली एक्ट्रेस—राशी का सबसे बड़ा एसेट

एक्टर के रूप में अपनी सबसे बड़ी ताकत पर बात करते हुए राशी कहती हैं कि उनका दिल उनसे पहले चलता है, दिमाग बाद में। वह खुद को इमोशनल मानती हैं और इसे कमजोरी नहीं बल्कि अपनी ताकत समझती हैं। उनकी वल्नरेबिलिटी उन्हें किरदारों के असली सच तक पहुँचने में मदद करती है। वह सिर्फ लोगों को देखती नहीं बल्कि उन्हें भीतर तक महसूस करती हैं। यही गुण उनके किरदारों में गहराई लाता है और दर्शकों को उनसे जोड़ देता है। राशी कहती हैं कि एक कलाकार के लिए यह Emotion ही सबसे बड़ा हथियार है।


स्क्रिप्ट चुनते समय क्या खोजती हैं राशी?

राशी के लिए स्क्रिप्ट में सबसे पहला पैमाना होता है—सच्चाई। वह देखकर तय करती हैं कि कहानी कितनी ईमानदार है और किरदार की आत्मा कितनी मजबूत। क्या किरदार उन्हें भावनात्मक रूप से छू रहा है? क्या उसकी जर्नी उन्हें हंसा रही है या रुला रही है? अगर स्क्रिप्ट उन्हें यह सब महसूस करा सके, तभी वह उसे हाँ कहती हैं। उनके अनुसार, कहानी का इमोशनल ट्रुथ ही किसी स्क्रिप्ट का असली Value होता है। यही उन्हें बड़े परदे पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करता है।

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