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Sriram Raghavan on Dhurandhar Movie: सिर्फ एक दिखावा है बॉलीवुड की सुपरहिट ‘धुरंधर’, श्रीराम राघवन के बेबाक बयान ने मचाया तहलका…

Sriram Raghavan on Dhurandhar Movie: फिल्म जगत में इन दिनों फिल्म ‘धुरंधर’ की सफलता के चर्चे हर जुबान पर हैं, लेकिन इसी बीच मशहूर निर्देशक श्रीराम राघवन ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने इंडस्ट्री में नई बहस छेड़ दी है। अपनी आने वाली फिल्म ‘इक्कीस’ के प्रचार के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कभी भी ‘धुरंधर’ जैसी मसाला फिल्में नहीं बनाएंगे। उन्होंने अपनी (cinematic storytelling approach) को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि हर निर्देशक का अपना एक अलग नजरिया होता है और वे किसी की नकल करने में विश्वास नहीं रखते।

Sriram Raghavan on Dhurandhar Movie
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धुरंधर की सफलता पर श्रीराम राघवन की दो टूक राय

जब उनसे ‘एजेंट विनोद’ जैसी स्पाई थ्रिलर और हालिया ब्लॉकबस्टर ‘धुरंधर’ के बीच तुलना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही संजीदगी से जवाब दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि फिल्म में परफॉर्मेंस और निर्माण की गुणवत्ता बेहतरीन है, लेकिन यह उनके (personal filmmaking style) के दायरे में फिट नहीं बैठती। राघवन का मानना है कि केवल बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों को देखकर एक ही तरह का फॉर्मेट अपनाना किसी भी निर्देशक के लिए रचनात्मक पतन की शुरुआत हो सकती है।

बॉक्स ऑफिस पर धुरंधर का सुनामी जैसा प्रदर्शन

फिल्म ‘धुरंधर’ साल 2025 की सबसे बड़ी हिट साबित हुई है, जिसने कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। भारत में 700 करोड़ और वैश्विक स्तर पर 1100 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन करके इस फिल्म ने (Indian box office records) की सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त कर लिया है। हालांकि, इतनी बड़ी सफलता के बावजूद श्रीराम राघवन जैसे निर्देशकों का मानना है कि व्यावसायिक सफलता और कलात्मक संतुष्टि दो अलग-अलग ध्रुव हैं।

आदित्य धर के निर्देशन कौशल की सराहना और अपनी सीमाएं

निर्देशक आदित्य धर के काम के बारे में बात करते हुए श्रीराम ने काफी उदारता दिखाई। उन्होंने कहा कि आदित्य का अपना एक विशेष विजन और क्राफ्ट है, जिसे दर्शक बेहद पसंद कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने (directorial vision in Bollywood) का जिक्र करते हुए यह भी जोड़ा कि वे खुद उस तरह का सिनेमा बनाने में सहज महसूस नहीं करते। उनके अनुसार, अगर वे जबरदस्ती ऐसी फिल्म बनाने की कोशिश करेंगे, तो यह उनके करियर का सबसे बड़ा पागलपन होगा।

परमवीर चक्र विजेता अरुण खेत्रपाल की गौरव गाथा ‘इक्कीस’

श्रीराम राघवन की अगली फिल्म ‘इक्कीस’ 1 जनवरी को पर्दे पर दस्तक देने वाली है, जो एक ऐतिहासिक युद्ध नायक की कहानी है। यह फिल्म महज मनोरंजन नहीं, बल्कि (biographical war drama) के रूप में देश के सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता अरुण खेत्रपाल के जीवन को समर्पित है। राघवन इस फिल्म के जरिए दर्शकों को उस शौर्य और बलिदान से रूबरू कराना चाहते हैं, जिसने भारत के इतिहास को एक नई दिशा दी थी।

स्टार कास्ट और अगस्त्य नंदा का चुनौतीपूर्ण डेब्यू

फिल्म ‘इक्कीस’ के साथ अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा अपने फिल्मी करियर की एक बड़ी शुरुआत करने जा रहे हैं। उन्होंने इस फिल्म में अरुण खेत्रपाल की चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है। उनके साथ अक्षय कुमार की भांजी सिमर भाटिया (new talent in Bollywood) के रूप में नजर आएंगी। फिल्म में धर्मेंद्र, जयदीप अहलावत और दीपक डोबरियाल जैसे मंझे हुए कलाकारों की मौजूदगी इसे और भी खास बनाती है।

मुकेश छाबड़ा का रिव्यू और स्क्रीनिंग का भावुक माहौल

फिल्म की रिलीज से पहले ही इंडस्ट्री के जाने-माने कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने इसे लेकर अपनी सकारात्मक राय साझा की है। उन्होंने फिल्म को ‘शानदार’ बताते हुए राघवन के निर्देशन की जमकर तारीफ की है। हाल ही में हुई एक स्क्रीनिंग के दौरान (emotional celebrity screening) का नजारा भी देखने को मिला, जहां सनी देओल फिल्म देखकर काफी भावुक हो गए और अमीषा पटेल को गले लगाते नजर आए।

निष्कर्ष: व्यावसायिक सफलता बनाम सार्थक सिनेमा

श्रीराम राघवन का यह बयान साबित करता है कि बॉलीवुड में आज भी ऐसे निर्देशक मौजूद हैं जो केवल भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अपनी मौलिकता को बचाए रखना चाहते हैं। ‘धुरंधर’ की विशाल कमाई एक तरफ है, लेकिन ‘इक्कीस’ जैसी फिल्में दर्शकों को (meaningful Indian cinema) के करीब लाने का काम करती हैं। अब देखना यह होगा कि नए साल के मौके पर रिलीज हो रही यह फिल्म दर्शकों के दिलों में अपनी कितनी जगह बना पाती है।

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