Vishal Jethwa Oscar Movie Homebound: अब ऑस्कर की दहलीज पर पहुंचा नारियल पानी बेचने वाले का बेटा…
Vishal Jethwa Oscar Movie Homebound: भारतीय सिनेमा के लिए साल 2026 एक ऐतिहासिक सौगात लेकर आया है। मशहूर फिल्म निर्माता करण जौहर की नवीनतम फिल्म ‘होमबाउंड’ ने ऑस्कर 2026 की शॉर्टलिस्ट में जगह बनाकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस फिल्म की सफलता ने दो युवा अभिनेताओं की किस्मत चमका दी है। फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले ईशान खट्टर की चर्चा तो हर तरफ है, लेकिन (rising star Vishal Jethwa) की कहानी ने लोगों के दिलों को गहराई से छू लिया है। यह फिल्म न केवल एक बेहतरीन सिनेमाई अनुभव है, बल्कि यह उन संघर्षों की जीत है जो अंधेरी गलियों से निकलकर सुनहरे पर्दे तक पहुंचे हैं।

कौन हैं विशाल जेठवा? गरीबी को मात देने वाली एक अनसुनी दास्तां
विशाल जेठवा आज भले ही एक जाना-पहचाना नाम हों, लेकिन उनकी जड़ें एक साधारण गुजराती परिवार से जुड़ी हैं। 6 जुलाई 1994 को जन्मे विशाल का बचपन सुविधाओं में नहीं, बल्कि अभावों में बीता है। उनके पिता नरेश जेठवा परिवार चलाने के लिए (struggling childhood memories) के बीच नारियल पानी बेचने का काम करते थे। वहीं उनकी मां प्रीति ने अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए दूसरों के घरों में सफाई की और घर-घर जाकर सेनेटरी पैड बेचे। माता-पिता के इसी कड़े संघर्ष ने विशाल को मेहनत की असली कीमत सिखाई।
बैकग्राउंड डांसर से शुरू हुआ शोहरत का सफर
विशाल का मनोरंजन जगत में प्रवेश किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक मामूली बैकग्राउंड डांसर के रूप में की थी, जहां वे भीड़ का हिस्सा हुआ करते थे। उनकी कड़ी मेहनत का फल साल 2013 में मिला, जब उन्हें प्रसिद्ध टीवी सीरियल ‘भारत का वीर पुत्र- महाराणा प्रताप’ में (debut in television) के तौर पर एक महत्वपूर्ण भूमिका मिली। इस शो ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई और उनके अभिनय के प्रति समर्पण ने फिल्म निर्माताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना शुरू कर दिया।
‘मर्दानी 2’ से ‘टाइगर 3’ तक: अभिनय की बेमिसाल छाप
छोटे पर्दे पर अपनी धाक जमाने के बाद विशाल ने बॉलीवुड का रुख किया और वहां भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। रानी मुखर्जी के साथ फिल्म ‘मर्दानी 2’ में एक खूंखार विलेन की भूमिका निभाकर उन्होंने (Bollywood career growth) को एक नई ऊंचाई दी। इसके बाद उन्होंने ‘सलाम वेंकी’, ‘आईबी71’ और सलमान खान की ब्लॉकबस्टर ‘टाइगर 3’ जैसी बड़ी फिल्मों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। दिलचस्प बात यह है कि फिल्मों में सफलता मिलने के बाद भी विशाल ने अपनी जड़ों यानी टेलीविजन से नाता नहीं तोड़ा और दोनों माध्यमों में संतुलन बनाए रखा।
नेटफ्लिक्स पर ‘होमबाउंड’ का जलवा और जबरदस्त रेटिंग
अगर आप विशाल जेठवा और ईशान खट्टर के शानदार अभिनय को करीब से देखना चाहते हैं, तो ‘होमबाउंड’ आपके लिए एक अनिवार्य विकल्प है। यह फिल्म वर्तमान में ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है, जहां इसे (streaming on Netflix) के माध्यम से वैश्विक दर्शक देख रहे हैं। फिल्म की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे आईएमडीबी (IMDb) पर 8 की शानदार रेटिंग मिली है। कहानी की गहराई और कलाकारों के जीवंत अभिनय ने इसे ऑस्कर की दौड़ में एक मजबूत दावेदार बना दिया है।
ऑस्कर की दहलीज और एक मां के सपनों की उड़ान
विशाल जेठवा का आज का मुकाम उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मानते हैं। जिस मां ने घर-घर जाकर सेनेटरी पैड बेचे, आज उनका बेटा (Oscar shortlist recognition) के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ा रहा है। विशाल की यह यात्रा साबित करती है कि यदि आपके इरादे फौलादी हों, तो नारियल पानी बेचने वाले का बेटा भी दुनिया के सबसे बड़े सिनेमाई मंच पर खड़ा हो सकता है। करण जौहर की इस फिल्म ने विशाल को वह मंच दिया है जिसका सपना हर अभिनेता देखता है।
निष्कर्ष: मेहनत और किस्मत का अनोखा संगम
विशाल जेठवा की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों भारतीयों की जीत है जो हर रोज अपने सपनों के लिए लड़ते हैं। ‘होमबाउंड’ फिल्म के जरिए विशाल ने (inspiring success stories) की सूची में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है। अब सभी की निगाहें ऑस्कर 2026 के मुख्य समारोह पर टिकी हैं, जहां देश उम्मीद कर रहा है कि विशाल और उनकी टीम विश्व मंच पर तिरंगा लहराएगी। यह देखना वाकई सुखद है कि कैसे एक टैलेंटेड एक्टर ने अपनी सादगी और लगन से बॉलीवुड और अब हॉलीवुड के दरवाजे खटखटाए हैं।



