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Zarina Wahab News: बॉलीवुड की ‘मां’ ने क्यों किया हिंदी सिनेमा का त्याग, जानें नए सफर की दर्दभरी दास्तां…

Zarina Wahab News: भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक दौर वह था जब माया नगरी की चमक के आगे हर कोई नतमस्तक रहता था। उस समय साउथ के सितारे हिंदी फिल्मों में काम पाने के लिए (Bollywood transformation) की राह देखते थे, लेकिन आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। अब बड़े से बड़े कलाकार अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं या दक्षिण भारतीय सिनेमा की गहराई की ओर रुख कर रहे हैं। इसी कड़ी में मशहूर अभिनेत्री जरीना वहाब का नाम भी जुड़ गया है, जिन्होंने हिंदी सिनेमा की मौजूदा स्थिति पर अपनी बेबाक राय रखी है।

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प्रभास के साथ ‘द राजा साहब’ में दिखेगा जरीना का जलवा

हाल ही में एक कार्यक्रम (Zarina Wahab News) के दौरान जरीना वहाब ने अपनी अगली फिल्म को लेकर बहुत उत्साह जताया। वह जल्द ही साउथ के सबसे बड़े सुपरस्टार प्रभास की फिल्म (The Raja Saab cast) का हिस्सा बनने जा रही हैं। यह एक बड़े बजट की हॉरर कॉमेडी फिल्म है, जिसमें जरीना को एक बेहद प्रभावशाली भूमिका में देखा जाएगा। जरीना का मानना है कि इस फिल्म ने उन्हें वह सम्मान और पहचान दी है, जिसकी तलाश उन्हें पिछले कई सालों से थी।

मातृभाषा का लगाव और आंध्र से जुड़ाव की कहानी

जरीना वहाब ने अपनी निजी जिंदगी के कुछ पन्ने खोलते हुए बताया कि उनका जन्म और पालन-पोषण आंध्र में हुआ है। उन्होंने कहा कि एक (Telugu film industry) कलाकार के तौर पर वह अपनी भाषा को किसी भी अन्य भाषा से बेहतर समझती और बोलती हैं। सालों तक उनसे यह सवाल पूछा गया कि उन्होंने तेलुगु फिल्मों से दूरी क्यों बनाई, लेकिन अब ‘द राजा साहब’ के जरिए वह अपनी मिट्टी और अपनी भाषा के दर्शकों तक फिर से पहुंचने के लिए तैयार हैं।

हिंदी सिनेमा में परिवारों का खत्म होना है सबसे बड़ा दुख

एक इवेंट के दौरान जरीना ने जो बात कही, उसने पूरे फिल्म जगत को सोचने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने बहुत ही भावुक होकर कहा कि मुंबई में लोग उनसे पूछते हैं कि वे हिंदी के बजाय तेलुगु में क्यों जा रही हैं। जरीना के मुताबिक (Hindi cinema trends) में अब पारिवारिक कहानियों का अंत हो गया है। आज हिंदी फिल्मों में वह आत्मीयता और पारिवारिक बंधन नजर नहीं आते जो कभी भारतीय सिनेमा की पहचान हुआ करते थे।

दक्षिण भारतीय सिनेमा में आज भी सुरक्षित है पारिवारिक मूल्य

जरीना का मानना है कि दक्षिण के निर्देशक आज भी ऐसी फिल्में बनाते हैं जिन्हें पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता है। उनके अनुसार (South Indian film culture) में आज भी रिश्तों की अहमियत और परिवारों को जिंदा रखा गया है। यही कारण है कि दर्शक साउथ की फिल्मों से भावनात्मक रूप से जुड़ पा रहे हैं, जबकि हिंदी सिनेमा केवल ग्लैमोर और आधुनिकता की अंधी दौड़ में कहीं खो गया है।

हिंदी और तेलुगु दोनों इंडस्ट्री के प्रति आभार

हालांकि, जरीना वहाब ने स्पष्ट किया कि उन्हें हिंदी सिनेमा से कोई नफरत या परहेज नहीं है। उन्होंने कहा कि वह आज (Professional acting career) के जिस मुकाम पर हैं, उसमें हिंदी सिनेमा का बहुत बड़ा योगदान रहा है। वह अपनी पुरानी यादों और हिंदी फिल्मों से मिले प्यार के लिए हमेशा आभारी रहेंगी। फिलहाल उनके पास तेलुगु की 2-3 और बड़ी फिल्में पाइपलाइन में हैं, जिस पर वह पूरी लगन से काम कर रही हैं।

हॉरर कॉमेडी का तड़का और सितारों की बड़ी फौज

‘द राजा साहब’ केवल प्रभास और जरीना वहाब की फिल्म नहीं है, बल्कि इसमें भारतीय सिनेमा के कई दिग्गज कलाकार एक साथ नजर आएंगे। संजय दत्त और बोमन ईरानी जैसे (Star studded movie) कलाकारों की मौजूदगी ने इस फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है। इसके अलावा मालविका मोहनन और निधि अग्रवाल भी फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभा रही हैं, जो इसे युवाओं के बीच भी काफी लोकप्रिय बना रहा है।

तकनीकी पक्ष और संक्रांति पर बड़ा धमाका

फिल्म के तकनीकी पक्ष को भी बहुत मजबूती से तैयार किया गया है। थमन एस का संगीत और कार्तिक पलानी की सिनेमैटोग्राफी फिल्म को (High budget production) की श्रेणी में खड़ा करती है। फिल्म की रिलीज डेट को लेकर फैंस में अभी से काफी क्रेज है। यह फिल्म 9 जनवरी को संक्रांति के बड़े त्यौहार पर सिनेमाघरों में दस्तक देगी, जिससे उम्मीद की जा रही है कि यह बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ देगी।

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