Beetroot Side Effects and Risks: फायदे की जगह किडनी स्टोन और ऑर्गन डैमेज का जख्म दे सकता है चुकंदर का सेवन
Beetroot Side Effects and Risks: बीटरूट यानी चुकंदर को अक्सर हम सेहत का खजाना मानकर सलाद या जूस के रूप में बड़े चाव से खाते हैं। शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने से लेकर चेहरे पर कुदरती चमक लाने तक, इसके अनगिनत फायदे हर किसी को पता हैं। इसमें मौजूद विटामिन सी, ए, और शक्तिशाली (High Antioxidant Concentration) इसे एक बेहतरीन सुपरफूड बनाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक डायटिशियन की नजर में आपका यह पसंदीदा स्नैक आपकी सेहत बिगाड़ भी सकता है? अगर इसे खाने का तरीका गलत है, तो यह अमृत नहीं बल्कि जहर की तरह काम कर सकता है।

कच्चा चुकंदर खाना बन सकता है आफत का सबब
डायटिशियन श्रुति गोयल ने हाल ही में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है कि चुकंदर को कभी भी पूरी तरह कच्चा नहीं खाना चाहिए। चूंकि चुकंदर एक जड़ वाली सब्जी है, इसलिए इसमें जमीन के अंदर रहने वाले खतरनाक बैक्टीरिया और हेवी मेटल्स होने की संभावना बहुत अधिक होती है। (Beetroot Side Effects and Risks) की वजह से कच्चा चुकंदर खाने से न केवल आपका पेट खराब हो सकता है, बल्कि यह धीरे-धीरे आपके शरीर के अंगों को भी नुकसान पहुँचा सकता है। इसे हमेशा हल्का स्टीम करके या पकाकर खाना ही सुरक्षित माना जाता है।
पेस्टीसाइड्स और हेवी मेटल्स का रहता है खतरा
अक्सर हम सोचते हैं कि जूस पीना सबसे हेल्दी ऑप्शन है, लेकिन चुकंदर के मामले में यह धारणा गलत साबित हो सकती है। डायटिशियन के अनुसार, कच्चे बीटरूट में मौजूद (Toxic Heavy Metals) आपके ऑर्गन डैमेज होने का रिस्क बढ़ा देते हैं। खेतों में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक भी इसकी ऊपरी परत और भीतरी हिस्से में समा जाते हैं, जिन्हें केवल धो लेने से साफ नहीं किया जा सकता। इसलिए इसे कच्चा खाने के बजाय इसके साथ थोड़ा सा कुकिंग प्रोसेस जोड़ना आपकी सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
किडनी की पथरी वाले मरीजों के लिए रेड सिग्नल
अगर आपको पहले कभी किडनी में पथरी की समस्या रही है, तो चुकंदर आपकी थाली का हिस्सा नहीं होना चाहिए। चुकंदर में बहुत अधिक मात्रा में ऑक्सलेट्स पाए जाते हैं, जो शरीर के भीतर जाकर कैल्शियम के साथ मिल जाते हैं। (Calcium Oxalate Stones) बनने की प्रक्रिया इन्हीं तत्वों की वजह से शुरू होती है, जिससे किडनी में असहनीय दर्द और स्टोन की समस्या दोबारा पैदा हो सकती है। अगर आप किडनी के मरीज हैं, तो बिना डॉक्टरी सलाह के चुकंदर को छूना भी जोखिम भरा हो सकता है।
पेट की गंभीर बीमारियों में जहर समान है बीटरूट
जिन लोगों को आईबीएस (इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम) या आईबीडी (इन्फ्लेमेटरी बॉवेल डिजीज) की शिकायत है, उनके लिए चुकंदर एक बड़ा दुश्मन साबित हो सकता है। कच्चा चुकंदर खाने से आंतों में सूजन और (Abdominal Discomfort Issues) की समस्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे मरीजों को यह सब्जी पचाने में बहुत कठिनाई होती है, जिससे पेट में गैस, ब्लोटिंग और मरोड़ उठना आम बात हो जाती है। अपनी आंतों को स्वस्थ रखने के लिए ऐसी स्थिति में बीटरूट से दूरी बनाना ही अक्लमंदी है।
पोषक तत्व चाहिए तो बदलने होंगे खाने के नियम
डायटिशियन श्रुति गोयल का सुझाव है कि चुकंदर के पोषक तत्वों का पूरा लाभ उठाने के लिए इसे कच्चा खाने की जिद छोड़नी होगी। अगर आप इसे हल्का उबाल लेते हैं या भाप में पका लेते हैं, तो इसमें मौजूद (Harmful Bacteria Removal) की प्रक्रिया आसान हो जाती है और इसके मिनरल्स भी शरीर को बेहतर तरीके से मिल पाते हैं। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों को यह समझना होगा कि हर नेचुरल चीज कच्ची खाने के लिए नहीं बनी होती, खासकर वे जो जमीन की गहराइयों में उगती हैं।
एलर्जी और पाचन तंत्र पर पड़ता है बुरा असर
कई लोगों को कच्चा चुकंदर खाने के तुरंत बाद त्वचा पर चकत्ते या पेट में भारीपन महसूस होता है। यह वास्तव में आपके शरीर का (Digestive System Reaction) होता है जो उस कच्चे फाइबर और मेटल्स को स्वीकार नहीं कर पाता। बीटरूट को सलाद में शामिल करने से पहले उसे छीलकर और हल्का सॉते करके उपयोग करना एक सुरक्षित और प्रोफेशनल तरीका है। इससे न केवल स्वाद बेहतर होता है, बल्कि स्वास्थ्य को होने वाले संभावित खतरे भी टल जाते हैं।
वेट मैनेजमेंट के चक्कर में न करें अपनी सेहत से खिलवाड़
आजकल वजन घटाने के लिए लोग बड़ी मात्रा में बीटरूट जूस का सेवन कर रहे हैं। हालांकि वेट मैनेजमेंट में यह मददगार है, लेकिन इसे बिना किसी सावधानी के लगातार पीना (Internal Health Complications) का कारण बन सकता है। किसी भी सुपरफूड का अधिक मात्रा में और गलत तरीके से सेवन करना शरीर के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ सकता है। संतुलन ही अच्छी सेहत की कुंजी है, इसलिए इसे अपने डाइट चार्ट में शामिल करने से पहले एक बार अपनी मेडिकल कंडीशन जरूर जांच लें।
डॉक्टर और विशेषज्ञों की राय है सबसे महत्वपूर्ण
अंत में यह याद रखना जरूरी है कि किसी भी प्राकृतिक चीज के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। चुकंदर निश्चित रूप से एक शक्तिशाली सब्जी है, लेकिन इसे (Personalized Nutrition Advice) के बिना अपनी रूटीन का हिस्सा न बनाएं, खासकर यदि आप पहले से ही किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। सही जानकारी और सही तरीके से किया गया सेवन ही आपको बीमारियों से बचा सकता है और सुपरफूड्स के असली लाभ दिला सकता है। अपनी सेहत के साथ एक्सपेरिमेंट करने के बजाय विशेषज्ञों द्वारा बताए गए नियमों का पालन करें।



