स्वास्थ्य

Dairy Products Nutritional Comparison: न्यूट्रिशनिस्ट ने खोला सेहत का राज, अब नहीं होगा पेट खराब…

Dairy Products Nutritional Comparison: भारतीय खान-पान में डेयरी उत्पादों का स्थान हमेशा से सर्वोपरि रहा है। चाहे सुबह का एक गिलास गर्म दूध हो या दोपहर के खाने के साथ ठंडी छाछ, ये उत्पाद हमारी जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बन चुके हैं। शाकाहारी लोगों के लिए ये प्रोटीन और कैल्शियम के सबसे विश्वसनीय स्रोत माने जाते हैं। लेकिन (Dietary Essential Nutrients) से भरपूर होने के बावजूद, अक्सर लोग इस उलझन में रहते हैं कि उनके शरीर के लिए कौन सा विकल्प सबसे बेहतर है। प्रसिद्ध न्यूट्रिशनिस्ट सुमन अग्रवाल ने इसी भ्रम को दूर करते हुए डेयरी विज्ञान की बारीकियों को साझा किया है।

Dairy Products Nutritional Comparison
Dairy Products Nutritional Comparison
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दूध: कैल्शियम का खजाना पर पचाने में भारी

दूध को एक संपूर्ण आहार माना जाता है क्योंकि इसमें शरीर के लिए आवश्यक लगभग सभी तत्व मौजूद होते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, एक गिलास दूध में 8 ग्राम प्रोटीन और पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए (Dairy Products Nutritional Comparison) में अहम भूमिका निभाता है। हालांकि, दूध के साथ सबसे बड़ी समस्या इसके पाचन को लेकर आती है। कई लोगों को दूध पीने के बाद पेट फूलने या ब्लोटिंग जैसी शिकायतों का सामना करना पड़ता है क्योंकि इसमें मौजूद लैक्टोज को पचाना हर किसी के बस की बात नहीं होती।


दही: प्रोबायोटिक गुणों से भरपूर और सुपाच्य विकल्प

अगर आपको दूध पचाने में दिक्कत होती है, तो दही आपके लिए एक वरदान साबित हो सकती है। दही में कैल्शियम की मात्रा दूध के मुकाबले थोड़ी अधिक होती है और इसमें मौजूद गुड बैक्टीरिया (Digestive System Health) को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग 68% भारतीय लैक्टोज इनटोलरेंट हैं, यानी उनका शरीर दूध को सही से नहीं पचा पाता। ऐसे लोगों के लिए दही एक बेहतरीन विकल्प है क्योंकि इसमें मौजूद कैल्शियम का अवशोषण शरीर में बहुत प्रभावी ढंग से होता है।


पनीर: प्रोटीन का पावरहाउस और जिम लवर्स की पसंद

वेजिटेरियन डाइट में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए पनीर सबसे लोकप्रिय विकल्प है। 100 ग्राम पनीर में लगभग 21 ग्राम प्रोटीन मिलता है, जो इसे मांसपेशियों के निर्माण के लिए (Muscle Recovery Protein) का बेहतरीन जरिया बनाता है। हालांकि, पनीर में फैट की मात्रा भी अधिक होती है और इसमें कैल्शियम का अवशोषण दूध या दही की तुलना में कम होता है। सुमन अग्रवाल एक विशेष सलाह देती हैं कि पनीर के साथ कभी भी आयरन से भरपूर चीजें न खाएं, क्योंकि इससे आयरन का शरीर में सोखना 50-60% तक कम हो जाता है।


चीज: स्वाद के साथ भारी मात्रा में प्रोटीन और फैट

पिज्जा और पास्ता की जान ‘चीज’ में प्रोटीन और फैट की मात्रा सभी डेयरी प्रोडक्ट्स में सबसे ज्यादा होती है। 100 ग्राम चीज में 25 ग्राम प्रोटीन और भारी मात्रा में कैल्शियम होता है। लेकिन अधिक सोडियम होने के कारण इसका (Metabolic Absorption Rate) थोड़ा धीमा हो जाता है। न्यूट्रिशनिस्ट का मानना है कि पार्मेजान और चेडर चीज जैसे विकल्पों को पचाना आसान होता है। यदि आप वजन बढ़ाने या एथलेटिक डाइट पर हैं, तो सीमित मात्रा में चीज का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।


छाछ: वेट लॉस के लिए सबसे हल्का और बेस्ट ड्रिंक

गर्मी हो या सर्दी, छाछ हर मौसम में शरीर को ताजगी और पोषण देने का काम करती है। इसमें फैट और कैलोरी बहुत कम होती है, जिससे यह (Weight Management Diet) का एक अनिवार्य हिस्सा बन जाती है। सभी डेयरी उत्पादों में से छाछ को पचाना सबसे आसान है और यह शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को अधिकतम करती है। जिन लोगों को पाचन संबंधी पुरानी समस्याएं हैं या जो भारी भोजन के बाद हल्का महसूस करना चाहते हैं, उनके लिए छाछ से बेहतर कुछ नहीं है।


प्रोटीन की जरूरत है तो किसे चुनें?

न्यूट्रिशनिस्ट सुमन अग्रवाल के अनुसार, यदि आपका प्राथमिक लक्ष्य शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करना है, तो आपकी प्राथमिकता सूची अलग होनी चाहिए। (High Protein Requirements) के लिए आपको अपनी डाइट में सबसे पहले चीज को स्थान देना चाहिए, उसके बाद पनीर और फिर दूध या दही का नंबर आता है। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से प्रभावी है जो बॉडी बिल्डिंग कर रहे हैं या जिन्हें अपनी दैनिक गतिविधियों के लिए उच्च ऊर्जा और प्रोटीन की आवश्यकता होती है।


हड्डियों की मजबूती और कैल्शियम के लिए सही चुनाव

बढ़ते बच्चों, गर्भवती महिलाओं और मेनोपॉज के दौर से गुजर रही महिलाओं के लिए कैल्शियम का सेवन बहुत जरूरी है। ऐसी स्थिति में (Calcium Bioavailability Benefits) के लिए दही सबसे उत्तम विकल्प है। दही के बाद दूध और फिर पनीर का स्थान आता है। दही का कैल्शियम शरीर द्वारा अधिक तेजी से सोखा जाता है, जिससे हड्डियों के रोगों का खतरा कम हो जाता है। अपनी उम्र और शारीरिक अवस्था के अनुसार सही डेयरी उत्पाद का चयन करना ही बुद्धिमानी है।


पाचन की समस्या वालों के लिए रामबाण सलाह

अगर आपका पेट अक्सर खराब रहता है या भारी खाना खाने के बाद एसिडिटी होती है, तो आपको अपने डेयरी चुनाव में सावधानी बरतनी चाहिए। (Gut Friendly Probiotics) के लिए सबसे पहले छाछ का चुनाव करें, क्योंकि यह पेट को ठंडक पहुंचाती है और पाचन तंत्र को सुचारू करती है। इसके बाद दही और फिर सीमित मात्रा में पनीर का सेवन किया जा सकता है। दूध का सेवन ऐसे लोगों को कम से कम या फिर हल्दी मिलाकर करना चाहिए ताकि वह आसानी से पच सके।


अपनी जरूरत के हिसाब से करें सही प्रोडक्ट का चुनाव

अंत में, यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति की शारीरिक बनावट और जरूरतें अलग होती हैं। (Personalized Nutrition Planning) के आधार पर ही आपको अपनी डाइट तय करनी चाहिए। चाहे आप वजन कम करना चाहते हों या मांसपेशियां बनाना, प्रकृति ने हमें डेयरी के रूप में कई विकल्प दिए हैं। न्यूट्रिशनिस्ट की इन सलाहों को अपनाकर आप न केवल स्वस्थ रह सकते हैं, बल्कि डेयरी प्रोडक्ट्स का अधिकतम लाभ भी उठा सकते हैं। सही चुनाव ही आपकी सेहत की असली चाबी है।

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