Health Habits: सोने से पहले दीवार के सहारे पैर ऊपर रखने के फायदे और सही तरीका जानें
Health Habits: बेहतर स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती के लिए अक्सर हम बड़े बदलावों की तलाश करते हैं, जबकि कई बार बहुत छोटी और सरल आदतें ही जादुई असर दिखाती हैं। प्रसिद्ध न्यूट्रीशनिस्ट लीमा महाजन के अनुसार, यदि आप रात को बिस्तर पर जाने से पहले केवल 5 से 10 मिनट के लिए अपने पैरों को दीवार के सहारे ऊपर की ओर रखते हैं, तो यह आपकी जीवनशैली में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। यह एक अत्यंत सरल मुद्रा है जिसे ‘विपरीत करणी’ के समान माना जाता है। इस मुद्रा का नियमित अभ्यास न केवल शरीर को आराम देता है, बल्कि मानसिक शांति और शारीरिक व्याधियों से मुक्ति दिलाने में भी सहायक सिद्ध होता है।

दीवार के सहारे पैर ऊपर रखने का सही तरीका और नियम
इस क्रिया का अधिकतम लाभ उठाने के लिए सही तकनीक का पालन करना आवश्यक है। सबसे पहले एक शांत स्थान पर आराम से लेट जाएं और अपने दोनों पैरों को दीवार के सहारे सीधा ऊपर की ओर टिका दें। ध्यान रहे कि आपके कूल्हे दीवार से थोड़े पीछे रहें ताकि पीठ के निचले हिस्से पर अनावश्यक दबाव न पड़े और आप सहज महसूस करें। इस मुद्रा में रहते हुए नाक से गहरी और धीमी सांसें लें। न्यूट्रीशनिस्ट सलाह देती हैं कि इस दौरान शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ दें और किसी भी प्रकार का खिंचाव पैदा न करें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस अभ्यास को भोजन करने के कम से कम 2 से 3 घंटे बाद ही करना चाहिए और उस समय मोबाइल फोन का उपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
शारीरिक दर्द और सूजन से राहत दिलाने में प्रभावी
दिनभर खड़े रहकर काम करने या बहुत अधिक चलने की वजह से पैरों में अक्सर सूजन और भारीपन आ जाता है। जब आप पैरों को ऊपर की ओर रखते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण की मदद से रक्त का प्रवाह विपरीत दिशा में होता है, जिससे पैरों की सूजन और दर्द में तुरंत राहत मिलती है। यह मुद्रा नर्वस सिस्टम को शांत करने में मदद करती है, जिससे शरीर का कोर्टिसोल लेवल यानी स्ट्रेस हार्मोन कम होता है। यदि आप लगातार 30 दिनों तक इस आदत को अपनाते हैं, तो आपको पैरों की थकान में उल्लेखनीय कमी महसूस होगी और मांसपेशियों को बेहतर आराम मिलेगा।
फर्टिलिटी और पाचन तंत्र में सुधार के लिए लाभकारी
पैरों को ऊपर उठाने वाली यह मुद्रा शरीर के निचले हिस्से और रिप्रोडक्टिव ऑर्गंस में रक्त के संचार को बढ़ाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रजनन क्षमता में सुधार होता है और महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान होने वाले हल्के दर्द से भी निजात मिल सकती है। इसके अतिरिक्त, यह क्रिया पाचन तंत्र को सक्रिय करने में भी मदद करती है। यदि आपको तनाव के कारण पेट फूलने या ब्लोटिंग की समस्या रहती है, तो यह अभ्यास आपके लिए बहुत उपयोगी हो सकता है। यह शरीर के आंतरिक अंगों की मालिश जैसा काम करता है जिससे भोजन के अवशोषण की प्रक्रिया बेहतर होती है।
पीठ दर्द से छुटकारा और बेहतर नींद का वरदान
आजकल की डेस्क जॉब और घंटों बैठने की आदत के कारण कमर दर्द एक आम समस्या बन गई है। सोने से पहले दीवार के सहारे पैर टिकाने से रीढ़ की हड्डी को एक प्राकृतिक आराम मिलता है, जो कमर के निचले हिस्से के दर्द को कम करने में सहायक है। इसके साथ ही, यह मुद्रा मस्तिष्क को शांत कर गहरी नींद के लिए तैयार करती है। जिन लोगों को रात में नींद न आने या बेचैनी की समस्या है, उनके लिए यह एक प्राकृतिक उपचार की तरह काम करता है। यह एक बोनस फायदे की तरह है जो आपकी कार्यक्षमता को अगले दिन के लिए बढ़ा देता है।
इन स्वास्थ्य स्थितियों में बरतें विशेष सावधानी
हालांकि यह एक सुरक्षित अभ्यास है, लेकिन कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों में विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने या इसे न करने की सलाह दी है। यदि आप अनियंत्रित उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure), ग्लूकोमा या आंखों की किसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, तो इस मुद्रा को करने से बचें। इसके अलावा, जिन लोगों को बार-बार चक्कर आने की शिकायत रहती है, उन्हें भी यह अभ्यास नहीं करना चाहिए। यदि पैर ऊपर रखने के दौरान आपको किसी भी प्रकार की असहजता या बेचैनी महसूस होती है, तो पैरों के नीचे कुशन या कुर्सी का सहारा लें या फिर इसे तुरंत बंद कर दें। किसी भी नई फिजिकल एक्टिविटी को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लेना हमेशा बेहतर होता है।



