स्वास्थ्य

Heart Attack Early Signs in Winter: फटाफट पहचानें खामोश कातिल की आहट, क्या आपको भी सर्दियों में महसूस होती है सीने में जकड़न…

Heart Attack Early Signs in Winter: ठंड का मौसम जहां अपने साथ खुशनुमा अहसास लाता है, वहीं यह दिल के मरीजों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे हृदय को रक्त पंप करने के लिए अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ती है। डॉ. अमनदीप अग्रवाल ने हाल ही में (Cardiovascular Health Risks) को लेकर आगाह किया है कि हार्ट अटैक कभी भी बिना दस्तक दिए नहीं आता। शरीर हमें कई दिन पहले से संकेत देना शुरू कर देता है, जिन्हें हम अक्सर सामान्य गैस या थकान समझकर टाल देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर जानलेवा साबित होती है।

Heart Attack Early Signs in Winter
Heart Attack Early Signs in Winter

सुबह की जकड़न: रजाई का आलस या खतरे की घंटी

अक्सर लोग सर्दियों में सुबह सोकर उठने पर सीने में भारीपन महसूस करते हैं। डॉ. अग्रवाल बताते हैं कि अगर सुबह उठते ही आपको घुटन या सीने में दबाव महसूस हो, तो इसे महज (Early Morning Chest Discomfort) समझकर नजरअंदाज न करें। यह इस बात का इशारा हो सकता है कि आपके दिल की धमनियों में रक्त का प्रवाह बाधित हो रहा है। यदि यह भारीपन गर्दन, जबड़े या आपके बाएं हाथ की ओर फैलने लगे, तो यह एक मेडिकल इमरजेंसी का संकेत है जिसे तत्काल डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

थोड़ी सी पैदल दूरी और फूलती सांसें

क्या आप चंद कदम चलने पर ही हांफने लगते हैं? यदि हां, तो इसे अपनी बढ़ती उम्र या मोटापे का दोष न दें। जब हृदय शरीर की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त रक्त पंप करने में असमर्थ होता है, तो (Shortness of Breath Symptoms) उभरने लगते हैं। सर्दियों में ठंडी हवा के कारण फेफड़ों और दिल पर दबाव दोगुना हो जाता है। अगर आपको सामान्य घरेलू काम करने में भी सांस लेने में कठिनाई हो रही है, तो यह संकेत है कि आपके दिल की मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं या उनमें रुकावट आ रही है।

जब दर्द सीने से निकलकर जबड़े तक पहुंचे

हार्ट अटैक का दर्द हमेशा सीने के बीचों-बीच हो, यह जरूरी नहीं है। कई मामलों में मरीज को बाएं कंधे, पीठ के ऊपरी हिस्से या यहां तक कि जबड़े में तेज खिंचाव महसूस होता है। (Radiating Body Pain) की यह प्रक्रिया नसों के आपस में जुड़े होने के कारण होती है। अगर आपको बिना किसी चोट या जिम किए मांसपेशियों में ऐसी जकड़न महसूस हो रही है जो रुक-रुक कर आती है, तो यह आपके हृदय तंत्र की ओर से दी जाने वाली एक गंभीर चेतावनी हो सकती है।

कड़ाके की ठंड में पसीना आना सामान्य नहीं

सर्दियों के मौसम में यदि आप बिना किसी शारीरिक श्रम के पसीने से तर-बतर हो रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। ठंडे मौसम में पसीना आना (Cold Sweating Warning) का एक प्रमुख लक्षण माना जाता है। खासकर जब यह पसीना चिपचिपा हो और उसके साथ आपको बेचैनी या घबराहट महसूस हो रही हो। डॉक्टर बताते हैं कि जब दिल की धमनियां ब्लॉक होती हैं, तो शरीर का तापमान नियंत्रित करने के लिए हृदय को बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे असामान्य रूप से पसीना आने लगता है।

वह थकान जिसे नींद भी कम न कर पाए

कामकाज के बाद थकान होना स्वाभाविक है, लेकिन अगर भरपूर नींद और आराम के बाद भी आप खुद को ऊर्जाहीन महसूस कर रहे हैं, तो यह चिंता का विषय है। (Chronic Fatigue Syndrome) जैसा अहसास तब होता है जब हृदय शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पाता। ऑक्सीजन की कमी के कारण कोशिकाएं सुस्त पड़ जाती हैं और व्यक्ति हर समय सुस्ती और कमजोरी महसूस करता है। इस तरह की ‘असामान्य थकान’ को कभी भी विटामिन की कमी मानकर न छोड़ें।

गैस और हार्ट अटैक के बीच का महीन अंतर

अक्सर लोग सीने की जलन को एसिडिटी मानकर एंटासिड दवाएं ले लेते हैं। डॉ. अमनदीप के अनुसार, हार्ट अटैक के कई लक्षण (Gastrointestinal Issues vs Heart) की तरह ही महसूस होते हैं। पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या भारीपन असल में हार्ट अटैक का शुरुआती चरण हो सकता है। अगर दवा लेने के बाद भी भारीपन कम न हो और साथ में पसीना या चक्कर आने लगें, तो बिना देरी किए ईसीजी (ECG) कराना ही समझदारी है क्योंकि समय पर जांच ही जान बचा सकती है।

बचाव के तरीके और जीवनशैली में बदलाव

सर्दियों में हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने के लिए अपनी जीवनशैली में सुधार करना अनिवार्य है। सुबह की सैर के लिए बहुत जल्दी निकलने के बजाय धूप निकलने का इंतजार करें। (Healthy Heart Lifestyle) अपनाने के लिए नमक और वसायुक्त भोजन से परहेज करें और शरीर को हमेशा गर्म कपड़ों से ढंककर रखें। नियमित व्यायाम करें लेकिन क्षमता से अधिक जोर न लगाएं। यदि आपके परिवार में हृदय रोगों का इतिहास रहा है, तो सर्दियों की शुरुआत में ही अपना फुल बॉडी चेकअप जरूर करवा लें।

डॉक्टर की सलाह: सतर्कता ही सुरक्षा है

अंत में, डॉ. अमनदीप अग्रवाल का कहना है कि हमारा शरीर एक अद्भुत मशीन है जो किसी भी बड़े संकट से पहले अलार्म बजाता है। (Preventive Healthcare Measures) के तहत इन 5 संकेतों को पहचानना और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना ही आपकी सुरक्षा की गारंटी है। याद रखें, हार्ट अटैक के मामलों में ‘गोल्डन ऑवर’ (शुरुआती एक घंटा) सबसे महत्वपूर्ण होता है। लक्षणों को पहचानें, घबराएं नहीं और तत्काल विशेषज्ञ की मदद लें ताकि आपके दिल की धड़कनें सुरक्षित रहें।

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