Hydration – भीषण गर्मी में स्वास्थ्य को तरोताजा रखने में मददगार साबित होंगे ये उपाय
Hydration – गर्मियों के दौरान अक्सर लोग पर्याप्त पानी पीने के बावजूद थकान, कमजोरी और सिर भारी होने जैसी परेशानियों का सामना करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इसका कारण केवल प्यास नहीं होता, बल्कि शरीर से पसीने के जरिए निकलने वाले आवश्यक लवण और खनिज भी हो सकते हैं। तेज तापमान के बीच लंबे समय तक बाहर रहने या अधिक पसीना आने पर शरीर का संतुलन प्रभावित हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में केवल पानी ही नहीं, बल्कि शरीर में तरल और खनिजों की पूर्ति भी जरूरी मानी जाती है।

ओआरएस क्या है और इसका उपयोग कब किया जाता है
ओआरएस एक ऐसा घोल है जिसका उपयोग शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी को पूरा करने के लिए किया जाता है। स्वास्थ्य क्षेत्र में इसका इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। विशेष रूप से अधिक पसीना आने, दस्त होने या शरीर में पानी की कमी महसूस होने पर यह उपयोगी माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही मात्रा में लिया गया ओआरएस शरीर के तरल संतुलन को बनाए रखने में मदद कर सकता है।
घर पर भी तैयार किया जा सकता है ओआरएस
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ओआरएस को घर में उपलब्ध सामान्य सामग्री से भी बनाया जा सकता है। इसके लिए एक लीटर स्वच्छ पेयजल में छह छोटे चम्मच चीनी और आधा छोटा चम्मच नमक मिलाया जाता है। मिश्रण को तब तक अच्छी तरह घोलना चाहिए जब तक दोनों सामग्री पूरी तरह पानी में घुल न जाएं। मात्रा का सही संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि अधिक या कम मात्रा घोल की उपयोगिता को प्रभावित कर सकती है।
गर्मी के मौसम में क्यों बढ़ जाती है इसकी जरूरत
उच्च तापमान के दौरान शरीर लगातार पसीना छोड़ता है, जिससे पानी के साथ-साथ कई जरूरी तत्व भी बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में शरीर में ऊर्जा की कमी और कमजोरी महसूस हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त तरल पदार्थ और आवश्यक लवणों की पूर्ति करने से शरीर को सामान्य कार्य करने में मदद मिलती है। यही कारण है कि भीषण गर्मी के दौरान ओआरएस को उपयोगी विकल्प माना जाता है।
बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सावधानी की जरूरत
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों और बुजुर्गों में पानी की कमी का असर अपेक्षाकृत जल्दी दिखाई दे सकता है। इन आयु वर्गों में शरीर का तरल संतुलन तेजी से प्रभावित हो सकता है, इसलिए गर्मियों में विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। नियमित रूप से पर्याप्त पानी और अन्य उपयुक्त तरल पदार्थों का सेवन उन्हें सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।
पानी की कमी के संकेतों को पहचानना जरूरी
शरीर में पानी की कमी होने पर कुछ सामान्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं। बार-बार प्यास लगना, मुंह का सूखना, चक्कर महसूस होना, अत्यधिक थकान, सिर भारी लगना और पेशाब की मात्रा कम होना ऐसे संकेतों में शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते शरीर में तरल पदार्थों की पूर्ति करनी चाहिए।
ओआरएस का उपयोग करते समय रखें ये सावधानियां
ओआरएस तैयार करते समय हमेशा साफ और सुरक्षित पानी का उपयोग करना चाहिए। तैयार घोल को लंबे समय तक संग्रहित करने के बजाय 24 घंटे के भीतर उपयोग कर लेना बेहतर माना जाता है। यदि घोल पुराना हो जाए तो नया घोल तैयार करना चाहिए। इससे स्वच्छता और गुणवत्ता बनी रहती है।
गर्मियों में स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये आदतें
विशेषज्ञों का सुझाव है कि दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए। लंबे समय तक खाली पेट रहने से बचना भी जरूरी है। तेज धूप में निकलते समय सिर और शरीर को ढककर रखना लाभकारी माना जाता है। मौसमी फल, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों को आहार में शामिल करना भी उपयोगी हो सकता है। साथ ही दोपहर की तेज गर्मी में अत्यधिक शारीरिक मेहनत से बचने की सलाह दी जाती है।