स्वास्थ्य

Leftover Rice Food Poisoning: खौफनाक चेतावनी! रसोई की यह छोटी सी लापरवाही बन सकती है जानलेवा जहर

Leftover Rice Food Poisoning: भारतीय घरों, हॉस्टल्स और ऑफिस की कैंटीन में बचा हुआ चावल दोबारा गर्म करके खाना एक बेहद सामान्य परंपरा है। हम अक्सर यह सोचकर संतुष्ट हो जाते हैं कि भोजन को दोबारा आंच पर रखने से वह पूरी तरह कीटाणुमुक्त और सुरक्षित हो जाता है। हालांकि, प्रसिद्ध न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉ. एमी शाह ने इस धारणा को (Health Risk) के नजरिए से पूरी तरह गलत बताया है। डॉ. शाह के अनुसार, चावल का गलत भंडारण न केवल आपके पाचन तंत्र को बिगाड़ सकता है, बल्कि यह आपको अस्पताल के बिस्तर तक भी पहुंचा सकता है।

Leftover Rice Food Poisoning
Leftover Rice Food Poisoning

क्या चावल को फ्रिज में रखना वाकई फायदेमंद है?

अक्सर लोग बासी चावल को फेंकना ही बेहतर समझते हैं, लेकिन डॉ. शाह का शोध एक अलग ही कहानी बयां करता है। यदि पके हुए चावल को कमरे के तापमान पर छोड़ने के बजाय तुरंत ठंडा करके फ्रिज में रख दिया जाए, तो इसमें (Resistant Starch) का निर्माण होता है। यह विशेष प्रकार का स्टार्च शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि यह रक्त शर्करा के स्तर को अचानक बढ़ने से रोकता है और वजन घटाने के इच्छुक लोगों के लिए एक स्वस्थ विकल्प पेश करता है।

आंतों की सेहत और माइक्रोबायोम का संतुलन

फ्रिज में सही तरीके से स्टोर किया गया चावल आपके पेट के भीतर मौजूद ‘अच्छे बैक्टीरिया’ के लिए ईंधन का काम करता है। डॉ. एमी शाह के अनुसार, जब चावल में स्टार्च की संरचना बदलती है, तो यह आपकी (Gut Health) को मजबूती प्रदान करता है। इसका मतलब यह है कि अगर आप रात के बचे चावल को अगले दिन अच्छी तरह भाप निकलने तक गर्म करके खाते हैं, तो यह ताजे चावल की तुलना में आपके मेटाबॉलिज्म के लिए अधिक सहायक सिद्ध हो सकता है।

बेसिलस सीरियस: वह अदृश्य बैक्टीरिया जो मरता नहीं

चावल के साथ सबसे बड़ी समस्या एक विशेष बैक्टीरिया है जिसे विज्ञान की भाषा में ‘बेसिलस सीरियस’ कहा जाता है। डॉ. एमी शाह चेतावनी देती हैं कि यह बैक्टीरिया (Bacillus Cereus) पके हुए चावल में अविश्वसनीय गति से प्रजनन करता है। सबसे डरावनी बात यह है कि यह बैक्टीरिया गर्मी के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी होता है। यानी अगर चावल एक बार दूषित हो गया, तो आप उसे कितना भी गर्म क्यों न कर लें, इसके जहरीले तत्व पूरी तरह नष्ट नहीं होते और शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।

कमरे के तापमान पर चावल छोड़ना यानी बीमारी को न्योता

डॉ. शाह साफ शब्दों में कहती हैं कि पके हुए चावल को घंटों तक किचन के स्लैब पर या कमरे के तापमान पर छोड़ देना सबसे घातक भूल है। भले ही अतीत में आप ऐसा करके (Food Poisoning) से बच गए हों, लेकिन यह एक ‘टाइम बम’ की तरह है जो कभी भी फट सकता है। जैसे ही चावल ठंडा होकर सामान्य तापमान पर आता है, इसमें मौजूद बैक्टीरिया के बीजाणु सक्रिय हो जाते हैं और ऐसे विषैले पदार्थ छोड़ते हैं जो तीव्र उल्टी और दस्त का कारण बनते हैं।

दोबारा गर्म करने का सही तरीका और समय सीमा

यदि आप बचे हुए चावल का आनंद लेना चाहते हैं, तो सुरक्षा के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। चावल पकने के बाद उसे एक से दो घंटे के भीतर ही एयरटाइट कंटेनर में भरकर (Refrigerator Storage) के लिए रख देना चाहिए। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि स्टोर किए गए इस चावल को 24 घंटे के भीतर ही खत्म कर लेना चाहिए। दोबारा खाते समय इसे केवल गुनगुना न करें, बल्कि इसे तब तक गर्म करें जब तक कि इसमें से तेज भाप न निकलने लगे।

लापरवाही के गंभीर परिणाम: अस्पताल की दहलीज तक का सफर

न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉ. एमी शाह का मानना है कि ‘फ्राइड राइस सिंड्रोम’ जैसी बीमारियां अक्सर इसी लापरवाही के कारण होती हैं। गलत तरीके से रखे गए चावल का सेवन करने से होने वाली (Digestive Problems) इतनी गंभीर हो सकती हैं कि व्यक्ति को डिहाइड्रेशन के कारण इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होना पड़ता है। पेट दर्द, मरोड़ और लगातार होने वाली उल्टियां इस बात का संकेत हैं कि आपके शरीर में चावल के जरिए हानिकारक टॉक्सिन्स प्रवेश कर चुके हैं।

विशेषज्ञों की राय: सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है

भोजन की बर्बादी रोकना अच्छी बात है, लेकिन स्वास्थ्य की कीमत पर नहीं। डॉ. शाह के अनुसार, चावल को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले उसकी बनावट और गंध की जांच जरूर करें। यदि उसमें (Bacterial Contamination) के जरा भी लक्षण नजर आएं, जैसे कि चिपचिपाहट या हल्की दुर्गंध, तो उसे तुरंत फेंक देना ही समझदारी है। किसी भी प्रकार की शारीरिक परेशानी होने पर घरेलू नुस्खों के बजाय तुरंत किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए ताकि स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सके।

निष्कर्ष: क्या बासी चावल खाना पूरी तरह सुरक्षित है?

अंततः, यह स्पष्ट है कि बासी चावल अपने आप में हानिकारक नहीं है, बल्कि उसे रखने का ‘तरीका’ उसे जहरीला बनाता है। यदि आप (Healthy Nutrition) के सिद्धांतों का पालन करते हैं और चावल को उचित तापमान पर स्टोर करते हैं, तो आप इसके फायदों का आनंद ले सकते हैं। रसोई की यह छोटी सी जागरूकता आपको और आपके परिवार को फूड पॉइजनिंग जैसे गंभीर खतरों से सुरक्षित रख सकती है। याद रखें, सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी, और यह कहावत आपकी थाली पर भी पूरी तरह लागू होती है।

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