Vitamin K Benefits: विटामिन K की कमी से बढ़ सकता है बीमारियों का खतरा, जानें इसके फायदे
Vitamin K Benefits: शरीर को स्वस्थ और क्रियाशील बनाए रखने के लिए विभिन्न प्रकार के विटामिन्स की आवश्यकता होती है, जिनमें विटामिन K का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। अक्सर लोग विटामिन C या D पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन (Vitamin K Benefits) को नजरअंदाज कर देते हैं। यह वसा में घुलनशील एक ऐसा पोषक तत्व है जो मुख्य रूप से रक्त के थक्के जमने और हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि शरीर में इसकी कमी हो जाए, तो छोटी सी चोट लगने पर भी अत्यधिक रक्तस्राव होने का खतरा रहता है, जो स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

रक्त के थक्के जमने में विटामिन K की अनिवार्य भूमिका
विटामिन K का सबसे प्रमुख कार्य रक्त के जमाव की प्रक्रिया को नियंत्रित करना है। जब हमें कहीं चोट लगती है, तो शरीर से खून बहने लगता है, जिसे रोकने के लिए (Blood Clotting Process) का सक्रिय होना आवश्यक होता है। विटामिन K शरीर में उन प्रोटीनों के निर्माण में सहायता करता है जो रक्त को गाढ़ा कर थक्का बनाने में मदद करते हैं। इसकी अनुपस्थिति में शरीर में ‘प्रोथ्रोम्बिन’ का स्तर गिर जाता है, जिससे घाव जल्दी नहीं भरते। यही कारण है कि सर्जरी या किसी दुर्घटना के समय शरीर में इस विटामिन का पर्याप्त स्तर होना जीवन रक्षक साबित होता है।
मजबूत हड्डियों और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए जरूरी
हड्डियों के स्वास्थ्य की बात आते ही हमारे दिमाग में सिर्फ कैल्शियम और विटामिन D का नाम आता है, लेकिन विटामिन K के बिना हड्डियां इन्हें पूरी तरह अवशोषित नहीं कर पातीं। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि (Bone Mineral Density) को बनाए रखने के लिए विटामिन K2 विशेष रूप से प्रभावी है। यह ‘ऑस्टियोकैल्सीन’ नामक प्रोटीन को सक्रिय करता है, जो कैल्शियम को हड्डियों तक पहुँचाने का काम करता है। पर्याप्त मात्रा में इसका सेवन करने से बुढ़ापे में हड्डियों के टूटने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का जोखिम काफी कम हो जाता है।
हृदय स्वास्थ्य और धमनियों की सुरक्षा में सहायक
विटामिन K न केवल हड्डियों के लिए, बल्कि हमारे दिल की सेहत के लिए भी वरदान साबित होता है। यह धमनियों के अंदर कैल्शियम के जमाव को रोकता है, जिसे (Cardiovascular Health Maintenance) के नजरिए से बहुत जरूरी माना जाता है। जब धमनियों में कैल्शियम जमा होने लगता है, तो वे सख्त हो जाती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ जाता है और हार्ट अटैक का खतरा पैदा होता है। विटामिन K धमनियों को लचीला बनाए रखने में मदद करता है, जिससे पूरे शरीर में रक्त का प्रवाह सुचारू रूप से बना रहता है और हृदय संबंधी जटिलताएं कम होती हैं।
विटामिन K के मुख्य प्राकृतिक स्रोत और खानपान
अपने आहार में विटामिन K को शामिल करना बहुत आसान है क्योंकि यह कई सामान्य खाद्य पदार्थों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। विशेष रूप से (Green Leafy Vegetables) जैसे पालक, केल, ब्रोकली और मेथी इसके बेहतरीन स्रोत हैं। इसके अलावा कीवी, प्रून, अंडे की जर्दी और किण्वित खाद्य पदार्थों (जैसे दही या नाटो) में भी विटामिन K2 की अच्छी मात्रा होती है। चूंकि यह विटामिन वसा में घुलनशील है, इसलिए इन सब्जियों को थोड़े स्वस्थ तेल या घी के साथ पकाकर खाने से शरीर इनका बेहतर अवशोषण कर पाता है।
विटामिन K की कमी के लक्षण और सावधानी
शरीर में इस पोषक तत्व की कमी होने पर कुछ विशिष्ट लक्षण दिखाई देने लगते हैं, जिन्हें पहचानना आवश्यक है। मसूड़ों से खून आना, नाक से अचानक ब्लीडिंग होना या त्वचा पर नीले निशान (ब्रूजिंग) पड़ना (Nutritional Deficiency Symptoms) की ओर इशारा करते हैं। इसके अलावा बार-बार हड्डियों में दर्द रहना भी इसकी कमी का संकेत हो सकता है। हालांकि, जो लोग खून पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं, उन्हें विटामिन K का सेवन बढ़ाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि यह उन दवाओं के असर को प्रभावित कर सकता है।



