अंतर्राष्ट्रीय

HormuzStrait – ईरान के सैन्य अभ्यास से बढ़ी वैश्विक चिंता

HormuzStrait – दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ गई है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने खाड़ी क्षेत्र में सैन्य अभ्यास शुरू किया है और सरकारी मीडिया ने संकेत दिया है कि जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों को कई घंटों के लिए बंद किया जा सकता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण बयानबाजी जारी है।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ओमान और ईरान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग है, जो उत्तर में फारस की खाड़ी को दक्षिण में ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह जलमार्ग

होर्मुज की भौगोलिक स्थिति इसे रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बनाती है। यह लगभग 33 किलोमीटर चौड़ा और करीब 167 किलोमीटर लंबा है, लेकिन जहाजों के आवागमन के लिए निर्धारित शिपिंग लेन केवल लगभग तीन किलोमीटर चौड़ी है।

आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन करीब 2 करोड़ बैरल से अधिक कच्चा तेल और बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस इसी मार्ग से होकर वैश्विक बाजार तक पहुंचती है। खाड़ी क्षेत्र के कई प्रमुख तेल उत्पादक देशों की आपूर्ति इसी जलमार्ग पर निर्भर है।

ईरान का सैन्य अभ्यास

ईरानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रिवोल्यूशनरी गार्ड ने सोमवार तड़के से इस क्षेत्र में अभ्यास शुरू किया। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने दावा किया कि ईरानी तटों और द्वीपों से दागी गई मिसाइलों ने निर्धारित लक्ष्यों को साधा।

तेहरान ने इस अभ्यास को नियमित सैन्य तैयारी का हिस्सा बताया है, लेकिन समय और संदर्भ को देखते हुए इसे क्षेत्रीय शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। अमेरिका की ओर से हाल के दिनों में कड़े रुख के संकेत दिए गए थे, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।

अमेरिका और अन्य देशों पर असर

यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवागमन बाधित होता है, तो इसका असर वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में तेजी संभव है, जिससे ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों को आर्थिक दबाव झेलना पड़ सकता है।

अमेरिका के लिए यह मार्ग रणनीतिक दृष्टि से अहम है, हालांकि वह स्वयं भी बड़ा ऊर्जा उत्पादक है। दूसरी ओर, चीन जैसे देश, जो खाड़ी क्षेत्र से बड़े पैमाने पर तेल आयात करते हैं, किसी भी व्यवधान से सीधे प्रभावित हो सकते हैं।

परमाणु वार्ता की पृष्ठभूमि

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता का नया दौर शुरू होने वाला है। विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां कूटनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं।

आगे की स्थिति

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जलडमरूमध्य को कितने समय के लिए और किस हद तक बंद किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस क्षेत्र पर बनी हुई है, क्योंकि किसी भी बड़े व्यवधान का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की संवेदनशीलता को देखते हुए आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयासों और सैन्य गतिविधियों की दिशा वैश्विक बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।

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