अंतर्राष्ट्रीय

US: व्हाइट हाउस के पास हुआ आतंकी हमला, नेशनल गार्ड के दो जवान घायल, ट्रंप ने भरी हुंकार

US: वाशिंगटन डीसी में White House के करीब एक गंभीर गोलीबारी की घटना सामने आई, जिसने देश की राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हमले में दो नेशनल गार्ड सैनिकों को गोली लगी है। वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर पैट्रिक मॉरिसी ने शुरू में सैनिकों की मौत की खबर दी, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई। बताया गया है कि दोनों गार्ड गंभीर रूप से घायल हैं और उनकी हालत critical बनी हुई है। इस बीच, पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है। गवर्नर ने स्थिति पर नजर रखने और जांच के लिए संघीय एजेंसियों के साथ निरंतर संपर्क में रहने की बात कही है। यह घटना संयुक्त राज्य अमेरिका में सैन्य कर्मियों की सुरक्षा और homeland security की चिंताओं को उजागर करती है।


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हमलावर और उसकी पहचान

 

स्थानीय news outlets ने दावा किया है कि इस हमले को अंजाम देने वाला व्यक्ति एक अफगान नागरिक है। उसकी पहचान 29 वर्षीय रहमानुल्लाह लकनवाल के तौर पर की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, वह उन अफगान नागरिकों में से था जिन्हें 2021 में अमेरिका और गठबंधन सेनाओं के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद एक विशेष योजना के तहत अमेरिका लाया गया था। यह योजना पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के दौरान लाई गई थी, जिसका उद्देश्य अमेरिकी सेना की मदद करने वाले अफगानों को resettlement देना था। इस घटना के सामने आने के बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस नीति पर निशाना साधते हुए घटना के लिए बाइडन प्रशासन को घेरा है। यह incident संयुक्त राज्य अमेरिका की इमिग्रेशन और सुरक्षा नीतियों के बीच संतुलन पर एक नई बहस छेड़ता है।


घटना स्थल और तुरंत प्रतिक्रिया

 

यह चौंकाने वाली घटना 17वीं स्ट्रीट और एच स्ट्रीट के intersection के पास हुई, जो US White House से महज दो ब्लॉक की दूरी पर है। घटना की सूचना मिलते ही, मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल, फायर विभाग और आपातकालीन टीमें तुरंत पहुंचीं। यूएस सीक्रेट सर्विस, एटीएफ एजेंसी (ATF) और नेशनल गार्ड के जवानों ने तुरंत area की घेराबंदी कर दी, जिससे और किसी अनहोनी को रोका जा सके। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, नेशनल मॉल पर एक हेलीकॉप्टर को भी land कराया गया। इस त्वरित और समन्वित response ने दर्शाया कि संवेदनशील सरकारी locations के आसपास सुरक्षा प्रोटोकॉल कितनी मजबूती से लागू किए गए हैं। इस तरह की घटनाएँ metropolitan security की चुनौतियों को बढ़ाती हैं।


डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी प्रतिक्रिया

 

US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस घटना को लेकर अपनी कड़ी statement जारी की। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने दो नेशनल गार्ड सैनिकों को गोली मारी, वे दोनों गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में treatment ले रहे हैं, और वह हमलावर भी बुरी तरह घायल है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि हमलावर को अपने कृत्य की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने नेशनल गार्ड, सेना, और कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी लोगों के प्रति अपनी support व्यक्त की, उन्हें ‘वास्तव में महान लोग’ बताया। उन्होंने लिखा, “मैं, संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति होने के नाते और राष्ट्रपति पद से जुड़े सभी लोग आपके साथ खड़े हैं।” उनकी यह टिप्पणी political leadership की ओर से घायल सैनिकों के प्रति solidarity और न्याय दिलाने के संकल्प को दर्शाती है।


अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती

 

US के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने official announcement करते हुए बताया कि वाशिंगटन डीसी में दो नेशनल गार्ड सैनिकों पर फायरिंग की घटना के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राजधानी में 500 अतिरिक्त नेशनल गार्ड जवानों को deploy करने का फैसला किया है। हेगसेथ ने इस हमले को ‘सोची-समझी और कायरता भरी हरकत’ करार दिया। उन्होंने घायल जवानों की dedication की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे देश की सेवा के लिए समर्पित हैं और दूसरों की सुरक्षा के लिए जोखिम उठाते हैं। अतिरिक्त सैनिकों की यह reinforcement यह सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि federal district में law and order पूरी तरह से बना रहे। यह फैसला emergency management और public safety को प्राथमिकता देने की रणनीति का हिस्सा है।


राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में निगरानी

 

घटना के समय US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वाशिंगटन डीसी में मौजूद नहीं थे; वे वेस्ट पाम बीच स्थित अपने गोल्फ कोर्स पर थे। हालांकि, व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने पुष्टि की कि White House इस ‘दुखद घटना’ पर लगातार नजर रखे हुए है और राष्ट्रपति को regularly brief किया गया है। यह दिखाता है कि command and control की संरचना किसी भी गंभीर crisis के दौरान सुचारू रूप से कार्य करती है, भले ही राष्ट्रपति राजधानी में न हों। गौरतलब है कि राजधानी में बीते महीनों से हजारों नेशनल गार्ड सदस्य already तैनात हैं। अगस्त में राष्ट्रपति की आपातकालीन घोषणा के बाद, स्थानीय पुलिस को संघीय नियंत्रण में लाया गया था और आठ राज्यों से नेशनल गार्ड सैनिक बुलाए गए थे। ongoing investigation जारी है और अधिकारी neighborhood में सुरक्षा measures को enhance कर रहे हैं।

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