अंतर्राष्ट्रीय

USIranConflict – ट्रंप ने ईरान मिशन खत्म होने के दिए संकेत

USIranConflict – अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य अभियान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। गुरुवार सुबह भारतीय समयानुसार राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना अपने तय लक्ष्यों को लगभग हासिल कर चुकी है और जल्द ही कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। इस दौरान ट्रंप ने मध्य पूर्व के कई सहयोगी देशों का आभार भी जताया और क्षेत्रीय हालात पर अपनी बात रखी।

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मिशन के उद्देश्यों पर ट्रंप का बयान

अपने संबोधन में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना था, जिससे वह अमेरिका या अन्य देशों के लिए खतरा बन सके। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसैनिक ताकत को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है और अब वह पहले जैसी स्थिति में नहीं है। इसके साथ ही ईरान के मिसाइल और वायुसेना कार्यक्रम को भी भारी क्षति पहुंचने की बात कही गई।

ट्रंप के अनुसार, यह अभियान केवल सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि रणनीतिक कदम था, जिसका मकसद क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका भविष्य में ऐसे किसी भी खतरे को उभरने नहीं देगा।

जल्द समाप्त हो सकता है सैन्य अभियान

राष्ट्रपति ने अमेरिकी सेना के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने बताया कि रणनीतिक लक्ष्य लगभग पूरे हो चुके हैं और सेना ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। इस दौरान उन्होंने उन सैनिकों को भी याद किया जिन्होंने इस अभियान में अपनी जान गंवाई।

ट्रंप ने कहा कि इन सैनिकों का बलिदान इस उद्देश्य से जुड़ा है कि भविष्य में अमेरिका और उसके सहयोगियों को परमाणु खतरे का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में वे एयर फोर्स बेस पर जाकर लौटे सैनिकों से मिले थे और उनके साहस को सलाम किया।

सहयोगी देशों का जताया आभार

अपने भाषण में ट्रंप ने मध्य पूर्व के कई देशों का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने इजरायल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन का धन्यवाद करते हुए कहा कि ये सभी देश अमेरिका के मजबूत साझेदार हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमेरिका अपने सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और उन्हें किसी भी खतरे में नहीं छोड़ेगा।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि कुछ खाड़ी देश अमेरिका के साथ मिलकर रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव

इधर ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई देखने को मिली है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और गहरा गया है। कुवैत के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास ड्रोन हमले की घटना हुई, जिससे ईंधन टैंकों में आग लग गई। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

बहरीन में भी एक व्यावसायिक स्थल पर आग लगने की पुष्टि की गई है। वहीं, कतर के तट के पास एक टैंकर को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं के बाद खाड़ी क्षेत्र के देशों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

खाड़ी सहयोग परिषद से जुड़े देशों पर इन हमलों का असर साफ नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम अमेरिका और उसके सहयोगियों की सैन्य कार्रवाई के जवाब में हो रहा है। ईरान की ओर से ऊर्जा ठिकानों और महत्वपूर्ण ढांचों को निशाना बनाने की चेतावनी भी दी गई है, जिससे वैश्विक बाजारों पर असर पड़ सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं और क्या यह तनाव पूरी तरह खत्म हो पाता है या नहीं।

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