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Venezuela Global Oil Reserve Secrets: खजाने के ढेर पर बैठा कंगाल देश, जहां चाय की एक चुस्की से भी सस्ता मिलता है पेट्रोल…

Venezuela Global Oil Reserve Secrets: कल्पना कीजिए एक ऐसे देश की जहाँ आप अपनी जेब में रखे चंद सिक्कों से अपनी गाड़ी की टंकी फुल करवा सकते हैं। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला आज दुनिया के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। यह देश दुनिया के सबसे बड़े (proven crude oil reserves) के ढेर पर बैठा है। हैरानी की बात यह है कि तेल के मामले में यह सऊदी अरब और ईरान जैसे दिग्गज देशों को भी पीछे छोड़ देता है। यहाँ की धरती के नीचे इतना काला सोना दबा है कि यह आने वाली कई पीढ़ियों की ऊर्जा जरूरतों को अकेले पूरा कर सकता है।

Venezuela Global Oil Reserve Secrets
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भारत में एक कप चाय और वेनेजुएला में तीन लीटर पेट्रोल

अगर हम कीमतों की तुलना करें तो वेनेजुएला के आंकड़े किसी को भी चौंका सकते हैं। भारत में जहां एक कप साधारण चाय की कीमत औसतन 10 रुपये है, वहीं वेनेजुएला में इतने पैसों में (cheapest petrol prices globally) के कारण लगभग 3 लीटर पेट्रोल खरीदा जा सकता है। यहाँ एक लीटर पेट्रोल की कीमत महज 3.15 रुपये के आसपास है। ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में केवल ईरान और लीबिया ही ऐसे देश हैं जहाँ पेट्रोल इससे भी मामूली दरों पर उपलब्ध है।

303 अरब बैरल का वो विशाल भंडार जिसने दुनिया को हिलाया

अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि वेनेजुएला के पास लगभग 303 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार मौजूद है। यह विशाल भंडार (global oil supply market share) का लगभग पांचवां हिस्सा है। इसका मतलब है कि दुनिया के हर पांच बैरल तेल में से एक बैरल वेनेजुएला की जमीन से आता है। यह आंकड़ा इसे वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था का एक ऐसा केंद्र बनाता है जिसे कोई भी महाशक्ति नजरअंदाज नहीं कर सकती।

ओरिनोको बेल्ट: वेनेजुएला का वो इलाका जो सोना उगलता है

वेनेजुएला की इस अपार संपदा का असली राज उसके ओरिनोको बेल्ट क्षेत्र में छिपा है। लगभग 55,000 वर्ग किलोमीटर में फैला यह इलाका दुनिया का सबसे घना तेल क्षेत्र माना जाता है। इस (geological oil formations) की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ के कुओं से निकलने वाला तेल दशकों तक खत्म होने का नाम नहीं लेगा। यही वह क्षेत्र है जो वेनेजुएला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सौदेबाजी की ताकत देता है।

भारी तेल और डीजल बनाने की अद्भुत क्षमता

वेनेजुएला का तेल अन्य देशों के मुकाबले थोड़ा अलग और विशेष गुणों वाला होता है। यहाँ का तेल काफी भारी और ‘सोर’ (सल्फर की अधिक मात्रा वाला) होता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह (crude oil chemical composition) डीजल बनाने के लिए दुनिया में सबसे उपयुक्त माना जाता है। हालांकि इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने योग्य बनाने के लिए हल्के तेल के साथ मिलाना पड़ता है, लेकिन डीजल की वैश्विक मांग को देखते हुए इसकी अहमियत बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।

भारत और अमेरिका की रिफाइनरियों का वेनेजुएला से नाता

दुनिया की सबसे जटिल और बड़ी रिफाइनरियां वेनेजुएला के इस भारी तेल को प्रोसेस करने के लिए ही डिजाइन की गई हैं। भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज और नायरा जैसी दिग्गज कंपनियों ने (heavy oil refinery processing) के लिए विशेष तकनीक अपनाई है। इसी तरह अमेरिका के गल्फ कोस्ट पर स्थित रिफाइनरियां भी इसी तेल पर निर्भर रहती हैं। यह निर्भरता वेनेजुएला को वैश्विक सप्लाई चेन का एक अटूट हिस्सा बना देती है।

अमेरिका के लिए वेनेजुएला का रणनीतिक महत्व

भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो वेनेजुएला अमेरिका के लिए मध्य पूर्व के देशों की तुलना में कहीं अधिक करीब और सुविधाजनक है। किसी भी युद्ध या समुद्री तनाव की स्थिति में (energy security strategies) के तहत अमेरिका वेनेजुएला से बहुत ही कम समय और न्यूनतम खर्च में तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर सकता है। यही कारण है कि अमेरिकी राजनीति और वहां के राष्ट्रपति हमेशा वेनेजुएला के आंतरिक घटनाक्रमों पर पैनी नजर रखते हैं।

चीन और भारत: वेनेजुएला के तेल के सबसे बड़े खरीदार

वेनेजुएला के तेल निर्यात के आंकड़ों को देखें तो भारत और चीन इसके सबसे बड़े ग्राहक बनकर उभरे हैं। साल 2024 में भारत अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए (crude oil import statistics) के आधार पर रोजाना करीब 2.54 लाख बैरल तेल वहां से खरीद रहा था। वहीं चीन इसके कुल निर्यात का 55 से 80 प्रतिशत तक हिस्सा अकेले ही हासिल कर लेता है। यह व्यापारिक रिश्ते वेनेजुएला की चरमराई अर्थव्यवस्था को ऑक्सीजन देने का काम करते हैं।

रूस और वियतनाम जैसे देशों की भी है इस पर नजर

केवल भारत और चीन ही नहीं, बल्कि रूस, सिंगापुर, वियतनाम और क्यूबा जैसे देश भी वेनेजुएला के इस खजाने में साझीदार हैं। वैश्विक शक्तियों के बीच (international oil trade alliances) की इस होड़ ने वेनेजुएला को एक रणनीतिक युद्ध का मैदान बना दिया है। हर देश चाहता है कि संकट के समय उसे सस्ते तेल की निर्बाध आपूर्ति मिलती रहे, और इसके लिए वेनेजुएला से बेहतर विकल्प फिलहाल कोई दूसरा नजर नहीं आता।

अथाह संपत्ति होने के बावजूद वेनेजुएला लंबे समय से आर्थिक संकट और प्रतिबंधों से जूझ रहा है। एक तरफ जहां वहां की जनता बेहद सस्ता पेट्रोल इस्तेमाल कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। भविष्य में (future of global energy) के समीकरण इस बात पर निर्भर करेंगे कि वेनेजुएला अपनी इस प्राकृतिक संपदा का प्रबंधन कैसे करता है। क्या वह दुनिया का सबसे अमीर देश बनेगा या महाशक्तियों की खींचतान का शिकार होकर रह जाएगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

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