झारखण्ड

Dhanbad Electricity Infrastructure: क्या धनबाद बनेगा झारखंड का नया पावर हब, जानें बिजली संकट खत्म करने का महाप्लान…

Dhanbad Electricity Infrastructure: धनबाद जिले की लगातार बढ़ती आबादी और यहां तेजी से फैलते कल-कारखानों को अब भविष्य में अंधेरे का सामना नहीं करना पड़ेगा। उद्योगों और स्थानीय व्यवसायों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने (Power supply stability) सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक खाका तैयार किया है। इस नई योजना के लागू होने से न केवल बिजली की किल्लत दूर होगी, बल्कि धनबाद के विकास को एक नई रफ्तार भी मिलेगी।

Dhanbad Electricity Infrastructure
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पांच नए ग्रिडों का निर्माण और भविष्य की तस्वीर

जिले की बिजली व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए धनबाद में पांच नए पावर ग्रिड स्थापित किए जा रहे हैं। वर्तमान में दो ग्रिड पहले से ही सेवा दे रहे हैं, और इन पांच नए प्रोजेक्ट्स के (Infrastructure development projects) पूरे होने के बाद जिले में कुल ग्रिडों की संख्या सात हो जाएगी। यह विस्तार धनबाद को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

तीन साल का इंतजार और चौबीस घंटे बिजली का वादा

विभागीय अधिकारियों की मानें तो यदि निर्माण कार्य योजना के अनुसार चला, तो अगले तीन वर्षों के भीतर सभी ग्रिड बनकर तैयार हो जाएंगे। इन ग्रिडों के (Energy grid expansion) नेटवर्क से जुड़ते ही पूरे क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ बड़े उद्योगों को भी बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से मुक्ति मिल जाएगी।

जमीन का आवंटन और टेंडर प्रक्रिया का अंतिम चरण

बिजली विभाग ने पिछले साल ही निरसा, सिंदरी, धनबाद और टुंडी जैसे प्रमुख इलाकों में जमीन चिह्नित कर ली थी। इसके बाद जेबीवीएनएल मुख्यालय से मंजूरी मिलते ही (Tendering process efficiency) को तेज कर दिया गया है। वर्तमान में टेंडर प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही संबंधित एजेंसियों को काम आवंटित कर दिया जाएगा, जिससे धरातल पर निर्माण कार्य शुरू हो सके।

बेलगड़िया में शुरू हुआ काम और डीवीसी से मिलेगी मुक्ति

बलियापुर के बेलगड़िया इलाके में नए ग्रिड के निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके पूरा होते ही धनबाद जिला (DVC power dependency) के चंगुल से पूरी तरह बाहर निकल जाएगा। वर्षों से डीवीसी की बिजली पर निर्भर रहने के कारण जिले को जो तकनीकी बाधाएं झेलनी पड़ती थीं, वे अब इतिहास बन जाएंगी।

महुदा पुटकी ग्रिड से इसी साल मिलेगी बड़ी राहत

एक अच्छी खबर यह भी है कि महुदा-पुटकी ग्रिड का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इसे (Interim power solution) के तौर पर इसी साल चालू कर दिया जाएगा। इस ग्रिड के चालू होते ही स्थानीय लोगों को तात्कालिक रूप से लोडशेडिंग की समस्या से काफी हद तक राहत मिल जाएगी, जो गर्मियों के मौसम में अक्सर सिरदर्द बनी रहती है।

पतरातू थर्मल पावर प्लांट से मिलेगा सीधा कनेक्शन

नए ग्रिडों को बिजली देने के लिए पतरातू में एनटीपीसी और जेबीवीएनएल के संयुक्त प्रयास से चार हजार मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट तैयार किया जा रहा है। यहां से (Electricity generation capacity) का लगभग 800 मेगावाट उत्पादन शुरू भी हो चुका है। धनबाद के नए ग्रिडों को इसी प्लांट से जोड़ा जाएगा, जिससे लोडशेडिंग और लो वोल्टेज की समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी।

लोडशेडिंग के दर्द से मिलेगी स्थायी निजात

फिलहाल धनबाद का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा डीवीसी की बिजली आपूर्ति पर निर्भर है, जहां आए दिन लोडशेडिंग का सामना करना पड़ता है। बिजली विभाग का लक्ष्य है कि (Consumer relief measures) को प्राथमिकता देते हुए इस निर्भरता को खत्म किया जाए। जब जिले का अपना ग्रिड नेटवर्क मजबूत होगा, तो बिजली कटौती की समस्या स्वतः समाप्त हो जाएगी।

अधीक्षण अभियंता ने दी प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी

अधीक्षण अभियंता एसके कश्यप ने पुष्टि की है कि जिले में ग्रिड निर्माण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि (Departmental monitoring system) के तहत निरसा, सिंदरी और टुंडी के टेंडर्स को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। कुल पांच नए ग्रिडों के सक्रिय होने के बाद धनबाद के हर घर और कारखाने तक पर्याप्त बिजली पहुंचाना संभव हो पाएगा।

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