ElectionHoliday – झारखंड नगर निकाय मतदान पर अवकाश घोषणा
ElectionHoliday – झारखंड में आगामी नगर निकाय चुनाव के मद्देनज़र राज्य सरकार ने मतदान दिवस पर संबंधित नगरपालिका क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 23 फरवरी को जिन क्षेत्रों में मतदान होना है, वहां सभी सरकारी और निजी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। इस दिन कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।

मतदान दिवस पर बंद रहेंगे प्रतिष्ठान
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि मतदान वाले दिन संबंधित नगरपालिका क्षेत्र की सभी दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और औद्योगिक इकाइयां बंद रहेंगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी कर्मचारी अपने कार्यस्थल के कारण मतदान से वंचित न रहे। सरकार का मानना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने के लिए यह कदम जरूरी है। अधिकारियों ने बताया कि इस आदेश का पालन सभी नियोक्ताओं को अनिवार्य रूप से करना होगा।
बाहरी क्षेत्रों में कार्यरत मतदाताओं को भी मिलेगा अवकाश
सरकार ने उन मतदाताओं के लिए भी व्यवस्था की है जो संबंधित नगर निकाय क्षेत्र के निवासी हैं, लेकिन नौकरी या सेवा के कारण अन्य क्षेत्रों में कार्यरत हैं। यदि कोई व्यक्ति अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर किसी औद्योगिक इकाई, दुकान या संस्थान में काम करता है और वह उस क्षेत्र का पंजीकृत मतदाता है, तो उसे भी मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश दिया जाएगा। यह प्रावधान निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों पर समान रूप से लागू होगा।
कैजुअल और डेली वेज कर्मचारियों के लिए भी राहत
अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि अस्थायी या दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी इस सुविधा के दायरे में आएंगे। कई बार ऐसे कामगार मतदान के दिन अवकाश न मिलने के कारण वोट नहीं डाल पाते। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि वे संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता हैं, तो उन्हें भी वेतन सहित अवकाश देना अनिवार्य होगा। इससे बड़ी संख्या में श्रमिक वर्ग के लोगों की चुनावी भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
23 फरवरी को होगा मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव के लिए 23 फरवरी की तिथि तय की है। इस दिन विभिन्न नगर निगमों और नगर परिषद क्षेत्रों में मतदान कराया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मतदान केंद्रों की सूची, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की तैनाती को लेकर संबंधित जिलों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।
केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाईक, विधि प्रकोष्ठ के संयोजक सुधीर श्रीवास्तव और चंद्रप्रकाश शामिल थे। ज्ञापन में निकाय चुनाव के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की गई है।
कानून व्यवस्था को लेकर जताई चिंता
पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आदित्य साहू ने राज्य की कानून व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है और आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना था कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की आवश्यकता है। हालांकि, इस पर निर्वाचन आयोग की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करने की पहल
राज्य सरकार का मानना है कि मतदान दिवस पर अवकाश की घोषणा से नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी। विशेषज्ञों का भी कहना है कि ऐसे कदम चुनावी जागरूकता को बढ़ावा देते हैं। अब सभी की नजर 23 फरवरी को होने वाले मतदान पर है, जहां मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे।



