Jharkhand Weather School Timing Update: झारखंड में खिली धूप ने दिलाई राहत पर कनकनी का वार अभी है बाकी, स्कूलों के समय में हुआ बड़ा बदलाव
Jharkhand Weather School Timing Update: रांची समेत पूरे झारखंड वासियों के लिए पिछले 24 घंटे खुशहाली भरे रहे हैं क्योंकि लंबे समय से जारी भीषण शीतलहर से अब काफी हद तक निजात मिल गई है। दोपहर के समय खिली तेज धूप ने कंपकंपी को कम किया है, लेकिन रात और सुबह के वक्त ठंड का तीखापन अभी भी लोगों को सता रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि (Jharkhand Winter Season Trends) में आए इस बदलाव से अधिकतम तापमान में तो उछाल आया है, परंतु न्यूनतम तापमान अब भी स्थिर बना हुआ है। इसी दोहरी मार की वजह से सुबह की कनकनी जानलेवा महसूस हो रही है।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला
कड़ाके की ठंड और सुबह की कनकनी को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के हित में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में केजी से लेकर छठी कक्षा तक की पढ़ाई अब सुबह 9 बजे के बाद ही शुरू होगी। यह नया आदेश (School Timings Modification) के तहत 24 जनवरी से प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाएगा। प्रशासन ने सभी स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इस नियम का उल्लंघन न करें, ताकि छोटे बच्चों को सुबह की खतरनाक ठंड से बचाया जा सके।
कनकनी का कहर और न्यूनतम तापमान की लुका-छिपी
मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट बताती है कि बीते 24 घंटों के दौरान झारखंड के कई हिस्सों में अधिकतम पारा 24 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। हालांकि, न्यूनतम तापमान में कोई विशेष गिरावट या बढ़ोत्तरी दर्ज नहीं की गई है, जिसके कारण सूरज ढलते ही ठिठुरन बढ़ जाती है। विभाग का पूर्वानुमान है कि (Minimum Temperature Rise Forecast) के अनुसार आने वाले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में लगभग 5 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो रात के समय महसूस होने वाली कनकनी से लोगों को बड़ी राहत मिल सकेगी।
रांची और गुमला में दर्ज हुआ पारे का उतार-चढ़ाव
राजधानी रांची में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री की बढ़ोत्तरी देखी गई है, जिससे दिन का पारा 26.6 डिग्री तक पहुँच गया। वहीं, रात का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। झारखंड के अन्य जिलों की बात करें तो (Regional Temperature Variations) का असर साफ दिख रहा है, जहाँ गुमला में न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री के साथ सबसे कम रहा। इसके विपरीत, चाईबासा में अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे ज्यादा रहा।
सुबह का कुहासा हुआ कम पर धूप हुई तीखी
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह के वक्त छाने वाला घना कुहासा अब काफी हद तक कम हो गया है। आसमान साफ होने की वजह से धूप की तपिश बढ़ गई है, जिससे दिन के समय लोगों को गर्म कपड़ों से राहत मिल रही है। यह (Atmospheric Condition Change) हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाओं के प्रभाव में कमी आने के कारण हुआ है। हालांकि, वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इसे पूरी तरह से ठंड का अंत नहीं माना जाना चाहिए।
एक सप्ताह बाद फिर पलटी मारेगा झारखंड का मौसम
मौसम के जानकारों ने एक बड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले एक सप्ताह के भीतर राज्य के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने वाला है। इस बदलाव के कारण ठंड में दोबारा इजाफा होने की प्रबल संभावना है। वैज्ञानिकों का मानना है कि (Upcoming Cold Wave Alert) के चलते फरवरी की शुरुआत से पहले एक बार फिर कनकनी लौट सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे दिन की धूप देखकर असावधान न हों और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखें।
स्वास्थ्य और जीवनशैली पर बदलती ऋतु का प्रभाव
तापमान में अचानक होने वाले इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। दिन में गर्मी और रात में ठंड की वजह से वायरल फीवर और सर्दी-खांसी के मामले बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि (Human Body Adaptation) के लिए यह मौसम काफी चुनौतीपूर्ण होता है। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को इस दौरान संतुलित आहार और गर्म पानी का सेवन करना चाहिए। प्रशासन भी रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था को अभी जारी रखने के पक्ष में है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
प्रशासन की सख्ती और स्कूलों की निगरानी
रांची में स्कूलों के समय में बदलाव के बाद शिक्षा विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि (Education Department Compliance) को लेकर कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो स्कूल सुबह 9 बजे से पहले छोटी कक्षाओं का संचालन करेंगे, उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। माता-पिता ने भी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि सुबह-सुबह छोटे बच्चों को स्कूल भेजना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
आने वाले दिनों के लिए तैयारी और सुरक्षा
झारखंड में ठंड का यह मिला-जुला असर अभी कुछ दिन और जारी रहेगा। पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों में अभी भी रात का तापमान शहरों के मुकाबले काफी कम है। मौसम विभाग (Future Weather Predictions) पर लगातार नजर बनाए हुए है और पल-पल की जानकारी साझा कर रहा है। किसानों के लिए भी यह समय काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि तापमान में बदलाव का असर रबी की फसलों पर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, झारखंड के लोग अभी राहत की धूप का आनंद ले रहे हैं, लेकिन आने वाली ठंड की आहट से भी इंकार नहीं किया जा सकता।



