Jharkhand Weather Update: झारखंड में कुदरत का कहर, क्या 8 जनवरी के बाद भी बंद रहेंगे स्कूल…
Jharkhand Weather Update: राजधानी रांची समेत समूचा झारखंड इस वक्त भीषण ठंड की चपेट में है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों में पारे में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आ सकती है, जो (Freezing wind patterns) के कारण लोगों की मुश्किलें और बढ़ा देगी। कड़ाके की इस ठंड ने न केवल रात के सुकून को छीना है, बल्कि दिन के उजाले में भी लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है।

14 जिलों में ‘शीत दिवस’ और स्कूलों पर ताला
ठंड के बढ़ते जानलेवा खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 8 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया है। प्री-नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए (School holiday notification) जारी कर दी गई है। शिक्षा विभाग की अपर सचिव सीता पुष्पा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 14 जिलों में ‘शीत दिवस’ घोषित किया गया है, जहां दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे रहने की संभावना है।
लोहरदगा बना सबसे ठंडा और रांची का पारा भी गिरा
झारखंड में बीते 24 घंटों के भीतर न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मैदानी इलाकों में बर्फ जैसी ठंड का अहसास हो रहा है। लोहरदगा में न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का (Minimum temperature records) सबसे निचला स्तर है। वहीं, राजधानी रांची में भी पारा 4 डिग्री लुढ़ककर 6.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जिससे सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है।
आखिर क्यों अचानक बढ़ गई राज्य में कनकनी?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राज्य के आसमान से बादलों की विदाई हो चुकी है, जिसके कारण सूरज की गर्मी धरती तक नहीं रुक पा रही है। उत्तर दिशा से आ रही बर्फीली हवाएं अब (Atmospheric pressure changes) के साथ मिलकर सीधे झारखंड में प्रवेश कर रही हैं। बादलों के साफ होने और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने से कनकनी बढ़ गई है, और घने कोहरे के कारण धूप का असर भी बेअसर साबित हो रहा है।
मैकलुस्कीगंज में कुदरत का अनोखा मिजाज
झारखंड के मिनी लंदन कहे जाने वाले मैकलुस्कीगंज में तापमान का उतार-चढ़ाव लोगों को हैरान कर रहा है। सोमवार की सुबह यहां का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जबकि (High altitude weather) के प्रभाव के कारण यहां दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। राणा कॉटेज में लगे यंत्रों के मुताबिक, कड़ाके की ठंड के बावजूद दोपहर में अधिकतम तापमान 21 डिग्री तक पहुंच रहा है, जो सेहत के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
कोहरे का हवाई सेवाओं पर सर्जिकल स्ट्राइक
ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने यातायात व्यवस्था को भी घुटनों पर ला दिया है, खासकर हवाई सफर करने वाले यात्रियों को भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है। विजिबिलिटी कम होने के कारण रांची आने वाली तीन महत्वपूर्ण (Flight cancellation updates) खबरें सामने आई हैं, जिनमें दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई की उड़ानें शामिल हैं। पुणे और कोलकाता से आने वाले विमान भी घंटों की देरी से रांची एयरपोर्ट पर लैंड कर सके।
शिक्षकों के लिए छुट्टी नहीं, निपटाने होंगे जरूरी काम
हालांकि छात्रों के लिए स्कूलों को बंद रखा गया है, लेकिन शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए कोई राहत नहीं है। अधिसूचना के मुताबिक, सभी शिक्षकों को स्कूल में उपस्थित रहकर (Administrative school work) का निष्पादन करना होगा। यदि किसी विद्यालय में प्री-बोर्ड परीक्षाएं पहले से निर्धारित हैं, तो स्कूल प्रबंधन अपने विवेक से परीक्षा के संचालन पर निर्णय ले सकता है, ताकि छात्रों का शैक्षणिक नुकसान न हो।
बुजुर्गों और बच्चों के लिए मौसम विभाग की विशेष एडवायजरी
मौसम केंद्र रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने आगाह किया है कि अगले पांच दिनों तक ठंड की स्थिति में किसी बड़े सुधार की उम्मीद नहीं है। उन्होंने (Health safety advisory) जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक ठंड में घरों से बाहर न निकलें। विशेषकर हृदय रोगियों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को शीतलहर से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की सलाह दी गई है, क्योंकि सर्द हवाओं की रफ्तार अभी और बढ़ने वाली है।
विमानों के लिए ‘जीरो विजिबिलिटी’ जैसी स्थिति
रांची और पलामू जैसे जिलों में सुबह के वक्त दृश्यता यानी विजिबिलिटी महज 300 मीटर तक रह गई है, जिससे सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। जमशेदपुर और देवघर में भी (Visibility challenges) के कारण गाड़ियों की रफ्तार थम सी गई है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे कोहरे के दौरान फाग लाइट का इस्तेमाल करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, क्योंकि आने वाले 48 घंटे बेहद संवेदनशील हैं।



