Jharkhand Weather Updates:झारखंड में सर्दी का सितम खत्म, विदा हो रही है कनकनी और बढ़ने लगा है पारा…
Jharkhand Weather Updates: झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में अब कड़ाके की ठंड से राहत मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है। पिछले कुछ दिनों से न्यूनतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे रात के समय महसूस होने वाली कनकनी अब धीरे-धीरे गायब हो रही है। इस (Climatic Shift in Jharkhand) की वजह से लोगों को भारी ऊनी कपड़ों से थोड़ी निजात मिलने लगी है। मौसम में आए इस बदलाव ने राज्य के जनजीवन को एक नई गर्माहट दी है, जिससे सुबह और शाम की सैर करने वालों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है।

सामान्य से अधिक पहुंचा अधिकतम तापमान
राज्य के कई जिलों में गर्मी ने अपनी आहट देनी शुरू कर दी है, जहाँ अधिकतम तापमान सामान्य के मुकाबले काफी ऊपर चला गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कई स्थानों पर पारा सामान्य से तीन से छह डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है। यह (Maximum Temperature Fluctuations) इस बात का संकेत है कि इस बार बसंत के आगमन से पहले ही सूरज की तपिश अपना असर दिखाने लगी है। तापमान में आई इस अचानक तेजी ने कृषि विशेषज्ञों को भी थोड़ा चौंका दिया है, क्योंकि इसका असर रबी की फसलों पर पड़ सकता है।
अगले एक सप्ताह तक चलेगा उतार-चढ़ाव का दौर
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, फिलहाल राहत के बीच थोड़ा उतार-चढ़ाव बना रहेगा। विभाग का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह के दौरान तापमान की स्थिति स्थिर नहीं रहेगी। हालांकि (Weather Prediction Models) के मुताबिक अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट आने की संभावना है, जिससे हल्की ठंड का अहसास फिर से हो सकता है। लेकिन यह स्थिति अल्पकालिक होगी और इसके तुरंत बाद तापमान में एक बार फिर से तेज वृद्धि देखने को मिलेगी, जिससे पूर्ण रूप से सर्दी की विदाई तय मानी जा रही है।
बादलों की आवाजाही ने बदली हवा की कनकनी
राजधानी रांची समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय चलने वाली बर्फीली हवाओं का जोर अब थम गया है। आसमान में हल्के बादल छाए रहने के कारण रात का तापमान बहुत अधिक नीचे नहीं गिर पा रहा है। इन (Atmospheric Cloud Cover Effects) ने वातावरण में ऊष्मा को रोक लिया है, जिससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान दोनों में संतुलित वृद्धि हुई है। बादलों की इस मौजूदगी ने उन लोगों को बड़ी राहत दी है जो शीतलहर के कारण घरों में दुबकने को मजबूर थे।
रांची और खूंटी के तापमान का ताजा हाल
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो रांची का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। वहीं, खूंटी जिला अभी भी राज्य के सबसे ठंडे इलाकों में शुमार है, जहाँ का पारा 8.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। खूंटी में (Lowest Minimum Temperature Recorded) की स्थिति होने के बावजूद, वहां भी पहले जैसी हाड़ कपाने वाली ठंड अब महसूस नहीं की जा रही है। राज्य के अधिकांश जिलों में अब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुका है।
चाईबासा में दिखा गर्मी का ट्रेलर
कोल्हान प्रमंडल के चाईबासा में तो मौसम पूरी तरह बदल चुका है, जहाँ अधिकतम तापमान ने 31 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को भी पार कर लिया है। इसके विपरीत, खूंटी, लोहरदगा और मेदिनीनगर ही अब ऐसे तीन जिले बचे हैं जहाँ रात का तापमान (Single Digit Temperature Readings) यानी 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। अन्य सभी क्षेत्रों में अब रातें पहले के मुकाबले काफी सुखद हो गई हैं। चाईबासा की इस गर्मी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि झारखंड के दक्षिणी हिस्सों में ग्रीष्म ऋतु का प्रवेश द्वार खुल चुका है।
शीतलहर के कहर से अब मिल गई पूरी आजादी
झारखंड के निवासियों के लिए सबसे सुखद खबर यह है कि अब भीषण शीतलहर का खतरा टल गया है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम केंद्र ने पुष्टि की है कि (Cold Wave Condition Termination) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब धूप में पहले जैसी तेजी लौटने लगी है और लोग खुले में बैठकर गुनगुनी धूप का आनंद ले रहे हैं। शीतलहर का प्रकोप खत्म होने से पशुपालकों और खुले आसमान के नीचे रहने वाले लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
विदाई लेती सर्दी और बदलता लाइफस्टाइल
जैसे-जैसे पारा ऊपर चढ़ रहा है, रांची के बाजारों और खान-पान की दुकानों पर भी बदलाव दिखने लगा है। अब लोग गर्म चाय और कॉफी के बजाय ताजे फलों के रस और ठंडे पेय पदार्थों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। (Seasonal Lifestyle Changes) का यह दौर फरवरी की शुरुआत तक और भी तेज होने की उम्मीद है। हालांकि, डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस बदलते मौसम में सावधानी बरतें क्योंकि दिन और रात के तापमान में होने वाला बड़ा अंतर वायरल बीमारियों को न्यौता दे सकता है।



