Ranchi Anti Encroachment Drive: रांची की सड़कों पर चला प्रशासन का ‘पीला पंजा’, फुटपाथ पर कब्जा करने वालों की आई शामत
Ranchi Anti Encroachment Drive: झारखंड की राजधानी रांची में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने अब कमर कस ली है। गुरुवार को रांची जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने सड़कों पर अवैध कब्जा जमाने वालों के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोल दिया। (Urban Traffic Management) को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस कार्रवाई के दौरान चर्च रोड स्थित मां काली मंदिर चौक से लेकर कर्बला चौक तक हड़कंप की स्थिति बनी रही। सड़कों के दोनों ओर फैले अतिक्रमण को हटाकर प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि सार्वजनिक रास्तों पर किसी भी तरह का अवरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नाली के ऊपर सजे व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर बड़ी स्ट्राइक
सड़क किनारे नाली के ऊपर काउंटर और मेज-कुर्सी लगाकर व्यापार करने वाले दुकानदारों पर टीम ने सबसे पहले गाज गिराई। इन्फोर्समेंट टीम ने पाया कि (Public Space Occupation) के कारण सड़कों की चौड़ाई कम हो गई थी, जिससे राहगीरों को चलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। कार्रवाई के दौरान लोहे के भारी काउंटर, बेंच, चौकी, और दर्जनों की संख्या में ठेला-खोंमचा और गुमटियों को बलपूर्वक हटाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कारोबार बढ़ाने के लिए सरकारी संसाधनों और सार्वजनिक रास्तों का दुरुपयोग कानूनन अपराध है।
अमीन की मापी और अवैध शेड पर चला प्रशासन का बुलडोजर
इस अभियान की खास बात यह रही कि प्रशासन ने बिना किसी भेदभाव के नक्शे के आधार पर कार्रवाई की। अमीन द्वारा (Land Surveying Process) के जरिए सड़क की वास्तविक चौड़ाई की मापी की गई और अतिक्रमण वाले स्थानों को लाल निशान से चिह्नित किया गया। इसके तुरंत बाद, दुकानों के आगे बढ़े हुए अवैध शेड और अन्य अस्थायी निर्माणों को जेसीबी की मदद से जमींदोज कर दिया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बांस-बल्ली और अन्य निर्माण सामग्री को जब्त कर सरकारी वाहन में लाद दिया, जिससे दुकानदारों के बीच अफरा-तफरी का माहौल रहा।
गलियों और लूप लाइनों तक पहुंचेगा नगर निगम का दस्ता
नगर निगम ने इस कार्रवाई को महज एक दिन का अभियान न मानकर एक सतत प्रक्रिया के रूप में घोषित किया है। निगम के अधिकारियों के अनुसार, शहर के मुख्य मार्गों के अलावा अब व्यस्त (Residential Loop Lines) और अंदरूनी गली-मुहल्लों से भी अतिक्रमण हटाया जाएगा। लूप लाइनों में सड़कों पर बेतरतीब तरीके से दुकान लगाने वालों के खिलाफ जल्द ही अभियान शुरू होगा। निगम का लक्ष्य है कि शहर के उन सभी संपर्क पथों को खाली कराया जाए, जहां रुक-रुक कर लगने वाले जाम की समस्या से आम जनता हर दिन त्रस्त रहती है।
सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने का संकल्प
प्रशासन ने केवल सड़कों तक ही सीमित न रहकर सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से बनी संरचनाओं को भी अपने रडार पर लिया है। (State Property Protection) के तहत जिले की कीमती जमीनों को भू-माफियाओं और अवैध कब्जेदारों के चंगुल से छुड़ाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इस स्वच्छता और सुव्यवस्था के अभियान में प्रशासन का सहयोग करें। निगम ने चेतावनी दी है कि जो दुकानदार एक बार हटने के बाद दोबारा उसी स्थान पर फुटपाथ सजाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
उजड़ते रोजगार और दुकानदारों का फूटता दर्द
जहां एक ओर प्रशासन जाम मुक्ति की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर छोटे दुकानदार इसे अपनी रोजी-रोटी पर हमला मान रहे हैं। कई दुकानदारों का आरोप है कि (Small Business Loss) के बारे में सोचे बिना ही निगम जेसीबी से शेड तोड़ रहा है, जिससे बारिश का पानी उनकी दुकानों के अंदर घुस जाएगा और लाखों का माल बर्बाद होगा। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन केवल उजाड़ना जानता है, समस्याओं का समाधान करना नहीं। कई लोगों ने आरोप लगाया कि वे सालों से जर्जर छत और टपकते पानी की समस्या लेकर निगम के पास जा रहे हैं, लेकिन वहां से कोई मदद नहीं मिलती।
ऐतिहासिक दुकानों पर चला बुलडोजर और बढ़ा आक्रोश
विरोध प्रदर्शन के दौरान एक दुकानदार ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी दुकान आजादी के पहले की बंदोबस्ती की है, जिसे अब अवैध विस्तार के नाम पर तोड़ा जा रहा है। (Administrative Enforcement Actions) के दौरान जब जेसीबी ने उनकी दुकानों के ऊपरी हिस्से को गिराना शुरू किया, तो कुछ लोगों ने मशीन के आगे खड़े होकर विरोध दर्ज कराने की कोशिश की। माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और कुछ देर के लिए अभियान को रोकना पड़ा। हालांकि, जब पुलिस और निगम के अधिकारियों ने कानूनी कार्रवाई की सख्त चेतावनी दी, तो भीड़ पीछे हट गई और प्रशासन ने पूरा अवैध निर्माण ढहा दिया।
जाम से राहत की उम्मीद और भविष्य की योजना
तमाम विरोधों के बावजूद रांची नगर निगम अपने फैसले पर अडिग नजर आ रहा है। प्रशासन का मानना है कि शहर के विकास और (Urban Mobility Improvement) के लिए कड़े फैसले लेना अनिवार्य है। आने वाले दिनों में यह अभियान रांची के अन्य व्यस्त इलाकों जैसे अपर बाजार, मेन रोड और लालपुर में भी तेजी से चलाया जाएगा। प्रशासन ने दुकानदारों को हिदायत दी है कि वे स्वयं ही अपने अवैध निर्माण हटा लें, अन्यथा निगम द्वारा की जाने वाली तोड़फोड़ का हर्जाना भी उन्हीं से वसूला जाएगा। इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य रांची को स्मार्ट सिटी के मानकों पर खड़ा उतारना है।



