CBSEPolicy – दसवीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा पर नया स्पष्टीकरण
CBSEPolicy – केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10 की दो बोर्ड परीक्षाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। बोर्ड ने कहा है कि दूसरी परीक्षा का अवसर केवल उन्हीं विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्होंने पहली बोर्ड परीक्षा में अनिवार्य रूप से हिस्सा लिया हो। यह दूसरी परीक्षा मुख्य रूप से प्रदर्शन सुधार के लिए होगी, न कि पहली परीक्षा में अनुपस्थित रहने की भरपाई के तौर पर।

हाल के दिनों में बोर्ड को ऐसे कई आवेदन मिले थे, जिनमें छात्रों ने अलग-अलग कारणों का हवाला देते हुए पहली परीक्षा में शामिल न हो पाने की बात कही और दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति मांगी। इसी पृष्ठभूमि में यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
तीन विषयों तक सीमित रहेगा अवसर
परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने जानकारी दी कि दूसरी बोर्ड परीक्षा में छात्र अधिकतम तीन विषयों की परीक्षा दे सकेंगे। विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा जैसे मुख्य विषयों में से किसी भी तीन का चयन किया जा सकता है।
हालांकि, इसके लिए शर्त यह है कि विद्यार्थी पहली बोर्ड परीक्षा में कम से कम तीन या उससे अधिक विषयों में शामिल हुए हों। यदि कोई छात्र मुख्य परीक्षा में तीन विषयों में भी उपस्थित नहीं होता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे विद्यार्थियों को ‘एसेंशियल रिपीट’ श्रेणी में रखा जाएगा और उन्हें अगले वर्ष होने वाली मुख्य परीक्षा में ही शामिल होना होगा।
कंपार्टमेंट वाले छात्रों को राहत
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन विद्यार्थियों का परिणाम पहली परीक्षा में कंपार्टमेंट आता है, वे दूसरी परीक्षा में कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत शामिल हो सकेंगे। इससे उन्हें उसी शैक्षणिक सत्र में सुधार का अवसर मिलेगा।
अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाएगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 से कक्षा 10 के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लागू किया जा रहा है।
अतिरिक्त विषय की अनुमति नहीं
बोर्ड ने साफ किया है कि कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के बाद किसी अतिरिक्त विषय की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई छात्र मुख्य परीक्षा में निर्धारित न्यूनतम विषयों में शामिल नहीं होता है, तो वह दूसरी परीक्षा का लाभ नहीं उठा सकेगा। इस संबंध में प्राप्त होने वाले अनुरोधों पर कोई विशेष छूट नहीं दी जाएगी।
10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं शुरू
मंगलवार से कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, जिनमें देश और विदेश से 46 लाख से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बोर्ड परीक्षाओं में सुधार की सिफारिश की गई थी। उसी के अनुरूप कक्षा 10 में वर्ष में दो बार परीक्षा की व्यवस्था लागू की जा रही है।
नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों पर परीक्षा का दबाव कम करना और कोचिंग पर निर्भरता घटाना है।
12वीं के छात्रों के लिए क्या विकल्प
कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिए दो परीक्षा नीति लागू नहीं होगी। वे मुख्य परीक्षा के बाद जुलाई 2026 में आयोजित होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा में केवल एक विषय में प्रदर्शन सुधार सकते हैं। यदि कोई छात्र एक से अधिक विषयों में सुधार चाहता है, तो उसे अगले वर्ष फरवरी में होने वाली मुख्य परीक्षा में ही शामिल होना होगा।
बोर्ड का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को स्पष्ट और संतुलित बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को अवसर भी मिले और व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे।



