December 2025 Kharmas: दिसंबर में इस दिन से बजने वाला है खरमास का घंटा, जान लें वह तारीख जिसके बाद सम्पन्न नहीं होंगे शुभ कार्य
December 2025 Kharmas: हिंदू धर्म में खरमास को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह साल में दो बार आता है जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं। इस समय में सभी मांगलिक कार्यों पर विराम होता है। विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण या मुंडन जैसी शुभ क्रियाएँ इस अवधि में नहीं की जातीं। खरमास को भक्ति, साधना और पूजा-पाठ का समय माना जाता है। इसलिए अगर आप नवंबर या दिसंबर में कोई Event प्लान कर रहे हैं, तो इसे खरमास शुरू होने से पहले पूरा कर लें।

दिसंबर 2025 में खरमास की तिथियाँ
पंचांग के अनुसार, इस साल खरमास (December 2025 Kharmas) 16 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 14 जनवरी 2026 तक रहेगा। यह अवधि सूर्य के धनु राशि में गोचर से आरंभ होती है और सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ समाप्त होती है। इस दौरान विवाह या गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, यह समय पूजा, भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम है। इससे नकारात्मकता दूर होती है और मन को शांति मिलती है। इस अवधि में ध्यान केंद्रित करने से जीवन में Spirituality बढ़ती है।
खरमास में क्या नहीं करना चाहिए
खरमास की अवधि में कई चीजों से परहेज करना आवश्यक है। विवाह, सगाई, मुंडन और नामकरण संस्कार जैसे शुभ कार्य इस दौरान निषिद्ध हैं। नए व्यवसाय की शुरुआत करना या नया वाहन, सोना-चांदी या बड़ी मूल्य की वस्तुएँ खरीदना भी अशुभ माना जाता है। इसके अलावा नए घर में प्रवेश करना भी इस समय से टाला जाता है। यह अवधि जीवन में संयम और सोच-समझकर निर्णय लेने की शिक्षा देती है। इस दौरान बचाव और सतर्कता से जुड़े कार्यों पर ध्यान दें। इससे आपके वित्तीय और व्यक्तिगत निर्णय में Guidance मिलती है।
खरमास में करने योग्य कार्य
खरमास में पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नकारात्मक विचारों को मन में आने न दें और भगवान विष्णु की उपासना करें। यह समय दान-पुण्य और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए भी सर्वोत्तम माना जाता है। धार्मिक अनुष्ठान, स्नान और पूजा से मन और आत्मा दोनों को लाभ मिलता है। इस अवधि में किए गए भक्ति कार्य से मानसिक शांति और जीवन में Positive Energy आती है।
दान और सेवा—खरमास का सार
धर्मग्रंथों में बताया गया है कि खरमास में दान और सेवा करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े या आर्थिक सहायता देना अत्यंत फलदायी माना गया है। यह न केवल सामाजिक कल्याण को बढ़ाता है, बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी सुख-शांति लाता है। भक्ति और सेवा से जीवन में आध्यात्मिक Blessings प्राप्त होते हैं और मानसिक संतुलन बना रहता है।
खरमास—समय का महत्व और सावधानियाँ
खरमास का उद्देश्य जीवन को संयमित और आध्यात्मिक बनाना है। इस अवधि में शुभ कार्यों को टालना और पूजा, दान, सेवा पर ध्यान देना जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। ध्यान और साधना से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि आत्मा की शक्ति भी बढ़ती है। इसलिए इस समय अपने कार्यों में संतुलन और भक्ति बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इसे ध्यान में रखते हुए जीवन में Harmony बनी रहती है।



