FastingRecipe – उपवास में घर पर बनाएं कुरकुरी फलाहारी नमकीन
FastingRecipe – व्रत या उपवास के दौरान सबसे बड़ी उलझन यही रहती है कि ऐसा क्या खाया जाए जो नियमों के अनुरूप भी हो और स्वाद में भी कमी न रहे। कई लोग पूरे दिन फल, दूध या उबले आलू पर निर्भर रहते हैं, लेकिन लगातार एक जैसा भोजन करने से स्वाद बदलने की इच्छा होना स्वाभाविक है। ऐसे समय में हल्का, कुरकुरा और घर पर तैयार किया गया विकल्प राहत दे सकता है। बाजार में मिलने वाली फलाहारी नमकीन सुविधाजनक जरूर होती है, मगर उनमें अधिक तेल, नमक और संरक्षक मिलाए जाने की आशंका रहती है। ऐसे में घर पर बनी नमकीन एक भरोसेमंद और संतुलित विकल्प बनकर सामने आती है।

घर की बनी नमकीन क्यों बेहतर विकल्प
घर पर तैयार की गई फलाहारी नमकीन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता और मात्रा पर आपका पूरा नियंत्रण रहता है। आप अपनी जरूरत के मुताबिक नमक और मसालों का संतुलन तय कर सकते हैं। इसके अलावा, ताजा सामग्री का उपयोग स्वाद और सेहत दोनों को बेहतर बनाता है। उपवास के दौरान शरीर को हल्का लेकिन ऊर्जा देने वाला भोजन चाहिए होता है, जो यह नमकीन आसानी से उपलब्ध करा सकती है।
आवश्यक सामग्री
इस नमकीन को तैयार करने के लिए कद्दूकस किए हुए आलू, सिंघाड़े का आटा, दरदरी पिसी मूंगफली और वैकल्पिक रूप से थोड़ा सा नारियल लिया जाता है। स्वाद के लिए सेंधा नमक, काली मिर्च पाउडर और दरदरा कुटा जीरा मिलाया जाता है। हल्की खटास के लिए कुछ बूंदें नींबू रस की डाली जाती हैं। तलने के लिए घी या साधारण तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये सभी सामग्री आमतौर पर व्रत के दौरान उपयोग में लाई जाती हैं और आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।
तैयारी की प्रक्रिया
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में आलू, सिंघाड़े का आटा और मूंगफली को अच्छी तरह मिलाया जाता है। इसके बाद नारियल, सेंधा नमक, काली मिर्च और जीरा डालकर मिश्रण को एकसार किया जाता है। नींबू रस मिलाने से स्वाद में हल्की ताजगी आ जाती है। ध्यान रहे कि मिश्रण ज्यादा ढीला न हो। जरूरत पड़ने पर थोड़ा अतिरिक्त आटा मिलाया जा सकता है। इसके बाद इस मिश्रण को छोटे-छोटे पतले आकार में ढाल लिया जाता है, जैसे सेव या स्टिक की तरह। मध्यम आंच पर गरम तेल या घी में इन्हें सुनहरा होने तक तला जाता है। तलने के बाद अतिरिक्त तेल निकालने के लिए इन्हें पेपर पर रखा जाता है।
पोषण और संतुलन
इस नमकीन की खासियत केवल इसका स्वाद नहीं, बल्कि इसका पोषण मूल्य भी है। सिंघाड़े का आटा स्वाभाविक रूप से ग्लूटेन-फ्री होता है और उपवास में हल्का माना जाता है। मूंगफली शरीर को प्रोटीन और ऊर्जा देती है, जिससे लंबे समय तक भूख नियंत्रित रहती है। सेंधा नमक शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है। इस तरह यह नमकीन स्वाद और सेहत दोनों का संतुलित मेल प्रस्तुत करती है।
परोसने के अलग-अलग तरीके
इसे केवल चाय के साथ नाश्ते के रूप में ही नहीं, बल्कि फलाहारी चाट में मिलाकर भी खाया जा सकता है। कुछ लोग इसे दही के साथ मिलाकर हल्का नाश्ता तैयार करते हैं। चाहें तो कटे हुए फलों के साथ भी इसका उपयोग किया जा सकता है, जिससे स्वाद में विविधता आती है। त्योहारों जैसे नवरात्रि या एकादशी के दौरान यह मेहमानों के लिए भी अच्छा विकल्प बन सकती है।
सहेज कर रखने के उपाय
अगर नमकीन को लंबे समय तक कुरकुरा बनाए रखना है तो इसे पूरी तरह ठंडा होने के बाद एयरटाइट डिब्बे में रखना चाहिए। तलते समय आंच मध्यम या धीमी रखना बेहतर रहता है, ताकि यह अंदर तक अच्छी तरह पक सके। स्वाद में बदलाव के लिए साबूदाना या मखाना भी मिलाया जा सकता है।
उपवास के दिनों में भोजन का चयन सोच-समझकर करना जरूरी होता है। घर पर बनी फलाहारी नमकीन स्वाद, पोषण और शुद्धता का संतुलित विकल्प देती है। थोड़ी सी तैयारी और सही सामग्री के साथ यह स्नैक उपवास के अनुभव को और भी सहज बना सकता है।



