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Pesticide Residue in Food: आपकी थाली में कहीं धीमा जहर तो नहीं, कीटनाशकों से फलों-सब्जियों को बचाने के आसान तरीके

Pesticide Residue in Food: स्वस्थ जीवन के लिए हम सभी अपनी डाइट में अधिक से अधिक फल और सब्जियां शामिल करने की कोशिश करते हैं। लेकिन एक कड़वा सच यह भी है कि आज के दौर में खेतों से हमारी रसोई तक पहुँचने वाली इन चीजों में कीटनाशकों (Pesticides) का भारी इस्तेमाल हो रहा है। ये जहरीले रसायन शरीर के आंतरिक अंगों पर बेहद बुरा असर डाल सकते हैं। तो क्या इसका समाधान यह है कि हम फल और सब्जियां खाना छोड़ दें? बिल्कुल नहीं। जरूरत है तो बस थोड़ी सी जागरूकता और सावधानी की। डॉ. वर्तिका विश्वनी ने ‘एनवायरनमेंटल वर्किंग ग्रुप’ (EWG) की एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि किन खाद्य पदार्थों में सबसे अधिक जोखिम है और किन्हें खाना सुरक्षित है।

Pesticide Residue in Food: आपकी थाली में कहीं धीमा जहर तो नहीं? कीटनाशकों से फलों-सब्जियों को बचाने के आसान तरीके
Pesticide Residue in Food: आपकी थाली में कहीं धीमा जहर तो नहीं? कीटनाशकों से फलों-सब्जियों को बचाने के आसान तरीके

क्या है ईडब्ल्यूजी की रिपोर्ट और डर्टी डजन का सच?

एनवायरनमेंटल वर्किंग ग्रुप (EWG) एक गैर-लाभकारी संस्था है जो हर साल ‘शॉपर गाइड’ जारी करती है। यह गाइड अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) के डेटा के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें ‘डर्टी डजन’ (Dirty Dozen) नाम की एक सूची होती है, जिसमें उन 12 फलों और सब्जियों का जिक्र होता है जिनमें पेस्टीसाइड (Pesticide Residue in Food) के कण सबसे अधिक पाए जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस श्रेणी में पालक, स्ट्रॉबेरी, केल (एक प्रकार की गोभी), अंगूर, आड़ू, चेरी, सेब, ब्लूबेरी और नाशपाती जैसे फल शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन चीजों में करीब 203 अलग-अलग तरह के रसायनों की मौजूदगी पाई गई है। यदि संभव हो, तो विशेषज्ञों की राय है कि इन चीजों को ‘ऑर्गेनिक’ ही खरीदना चाहिए।

‘क्लीन फिफ्टीन’: ये फल और सब्जियां हैं आपके लिए सुरक्षित

रिपोर्ट का दूसरा और सकारात्मक पहलू है ‘क्लीन फिफ्टीन’ (Clean Fifteen) की सूची। ये वे 15 फल और सब्जियां हैं जिनमें कीटनाशकों के कण न के बराबर या बहुत कम मात्रा में पाए गए हैं। इस सुरक्षित सूची में अनानास, पपीता, एवोकाडो, स्वीट कॉर्न, प्याज, हरी मटर, तरबूज, फूलगोभी, मशरूम, केला, आम और कीवी जैसे नाम शामिल हैं। इन चीजों को आप सामान्य बाजार से खरीदकर भी निश्चिंत होकर खा सकते हैं, क्योंकि इनकी प्राकृतिक संरचना या छिलका इन्हें बाहरी रसायनों से बचाने में सक्षम होता है।

कीटनाशकों के असर को कम करने के घरेलू नुस्खे

डॉ. वर्तिका के अनुसार, यदि आप डर्टी डजन वाली सूची के फल खरीद रहे हैं, तो उन्हें सीधे खाना खतरनाक हो सकता है। केवल सादे पानी से धोने पर भी महज 70% तक रसायन ही साफ हो पाते हैं। पूरी सुरक्षा के लिए उन्होंने दो प्रभावी तरीके बताए हैं। पहला तरीका है ‘बेकिंग सोडा’ का उपयोग—एक लीटर पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर फलों और सब्जियों को 15 मिनट के लिए भिगो दें। दूसरा तरीका है ‘सफेद सिरका’ (White Vinegar)—चार कप पानी में एक चौथाई कप सिरका मिलाकर उसमें सब्जियों को डुबोकर रखें। इन दोनों ही तरीकों के बाद चीजों को बहते हुए साफ पानी के नीचे रगड़कर धोना अनिवार्य है।

किचन टूल्स और सही धुलाई का महत्व

सब्जियों को साफ करने के लिए बाजार में आजकल कई तरह के ‘वेजिटेबल वॉश’ और खास तरह की ‘ड्रेन बास्केट’ उपलब्ध हैं, जो कीटनाशकों और गंदगी को हटाने में मददगार साबित होती हैं। याद रखें कि फलों को धोने के बाद ही काटना चाहिए, ताकि चाकू के जरिए रसायन फल के अंदरूनी हिस्से तक न पहुँचें। अपनी रसोई में इन छोटे लेकिन महत्वपूर्ण बदलावों को अपनाकर आप अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को रसायनों के इस अदृश्य खतरे से सुरक्षित रख सकते हैं।

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