Today Panchang: जया एकादशी और गुरुवार का शुभ संयोग, जानें सटीक मुहूर्त
Today Panchang: भारतीय काल गणना के अनुसार, 29 जनवरी 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे शास्त्रों में ‘जया एकादशी’ के नाम से जाना जाता है। विशेष बात यह है कि आज का दिन गुरुवार है, जो स्वयं भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दोहरे संयोग के कारण आज किए जाने वाले व्रत और दान का महत्व कई गुना बढ़ गया है। पंचांग के अनुसार, आज रवि योग और इंद्र योग का शुभ मिलन भी हो रहा है, जो कार्यों में सफलता और मानसिक शांति प्रदान करने वाला माना जाता है।

जया एकादशी का धार्मिक महत्व और पौराणिक मान्यताएं
जया एकादशी (Today Panchang) के बारे में मान्यता है कि जो भक्त इस दिन पूरी निष्ठा के साथ उपवास रखते हैं, उन्हें पिशाच योनि जैसी नकारात्मक परिस्थितियों से मुक्ति मिलती है। यह व्रत न केवल पापों का शमन करता है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में आने वाली बाधाओं को भी दूर करता है। आज के दिन रोहिणी नक्षत्र और उसके पश्चात मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो नक्षत्र मंडल में बहुत ही शुभ माने जाते हैं। चंद्रमा शाम तक वृष राशि में संचरण करेंगे और उसके बाद मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक ऊर्जा और सकारात्मकता में वृद्धि होगी।
पंचांग के अनुसार सूर्योदय, चंद्रास्त और तिथि का विवरण
आज सूर्योदय सुबह 07:11 बजे हुआ है, जबकि सूर्यास्त शाम 05:58 बजे होगा। एकादशी तिथि दोपहर 01:55 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि का आगमन होगा। चंद्रोदय दोपहर 02:00 बजे होगा और अगले दिन 30 जनवरी की सुबह 04:55 बजे चंद्रास्त होगा। आज शुक्ल पक्ष की एकादशी होने के कारण उदया तिथि के आधार पर ही व्रत का अनुष्ठान किया जा रहा है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:25 से 06:18 तक रहा, जो साधना और मंत्र जप के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है।
दिन के शुभ और अशुभ समय की सटीक जानकारी
किसी भी मांगलिक कार्य को करने से पहले शुभ मुहूर्त का विचार करना आवश्यक है। आज का अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:13 से 12:56 तक रहेगा, जो किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए श्रेष्ठ है। इसके अलावा अमृत काल रात 09:26 से 10:54 तक रहेगा। दूसरी ओर, राहुकाल दोपहर 01:55 से 03:16 तक रहेगा, जिस दौरान महत्वपूर्ण आर्थिक लेनदेन या यात्रा शुरू करने से बचना चाहिए। साथ ही भद्रा का प्रभाव दोपहर 01:55 बजे तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्यों का निषेध बताया गया है।
भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष मंत्र और उपाय
जया एकादशी पर भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए विशेष मंत्रों का जाप करना फलदायी होता है। भक्त आज ‘ॐ विष्णवे नमः’ या ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ जैसे प्रभावशाली मंत्रों का सहारा ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त विष्णु चालीसा या विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना भी उत्तम माना जाता है। चूंकि आज गुरुवार है, इसलिए केले के वृक्ष का पूजन और पीले वस्त्रों का दान करने से बृहस्पति देव भी प्रसन्न होते हैं। भगवान को पीले पुष्प और बेसन के लड्डू अर्पित करना सुख-सौभाग्य में वृद्धि करने वाला माना गया है।



