Winter Chillblains Treatment: जब सर्दियों में उंगलियां बन जाएं जी का जंजाल, तो घबराएं नहीं जानें बचने के अचूक उपाय
Winter Chillblains Treatment: जैसे ही पारा गिरता है और शीतलहर का प्रकोप बढ़ता है, कई लोगों के लिए हाथ-पैरों की उंगलियां एक बड़ी मुसीबत बन जाती हैं। यह समस्या केवल मामूली सूजन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उंगलियों का रंग गहरा लाल या नीला पड़ जाना और (Severe Winter Itching) की ऐसी स्थिति पैदा होना जिसे झेलना मुश्किल हो जाता है, आम बात है। खासकर उन महिलाओं के लिए जो घर के कामकाज में ठंडे पानी का अधिक उपयोग करती हैं, यह मौसम किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता।

आखिर क्यों सूजकर लाल हो जाती हैं हाथ-पैरों की उंगलियां
मेडिकल डायटिशियन लवलीन कौर के अनुसार, इस विशिष्ट शारीरिक स्थिति को चिकित्सीय भाषा में ‘चिलब्लेन्स’ कहा जाता है। दरअसल, जब हमारा शरीर अचानक ठंडे वातावरण से बहुत गर्म वातावरण के संपर्क में आता है, तो हमारी सूक्ष्म रक्त वाहिकाएं (Nerve Damage Prevention) के बजाय तेजी से फैलने लगती हैं। इस आकस्मिक विस्तार के कारण नसों में सूजन आ जाती है और रक्त का रिसाव आसपास के ऊतकों में होने लगता है, जिससे गंभीर खुजली और दर्द पैदा होता है।
तिल के तेल और गर्म पानी का जादुई संगम
अगर आप इस दर्दनाक सूजन से तुरंत राहत पाना चाहते हैं, तो रात को सोने से पहले एक सरल लेकिन प्रभावी घरेलू नुस्खा अपनाएं। सबसे पहले अपने हाथों और पैरों को गुनगुने पानी से अच्छी तरह धो लें और फिर उन्हें (Blood Circulation Improvement) के लिए पूरी तरह सुखा लें। इसके बाद उंगलियों पर हल्का गर्म तिल का तेल लगाकर मालिश करें। तिल की तासीर गर्म होती है जो नसों को आराम देती है और त्वचा की नमी को भी बरकरार रखती है।
मैग्नीशियम और जिंक: सर्दियों के लिए आपका सुरक्षा कवच
उंगलियों की सूजन को केवल बाहरी लेप से नहीं, बल्कि आंतरिक पोषण से भी ठीक किया जा सकता है। डायटिशियन सलाह देती हैं कि ठंड के दिनों में आपको अपनी डाइट में मैग्नीशियम और जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थों को प्रमुखता देनी चाहिए। कद्दू के बीज, काजू और काले चने जैसे (Mineral Rich Diet) का सेवन आपके शरीर के आंतरिक तापमान को स्थिर रखने में मदद करता है। ये पोषक तत्व रक्त वाहिकाओं को मजबूती प्रदान करते हैं जिससे चिलब्लेन्स का खतरा कम हो जाता है।
शरीर की गर्मी को बरकरार रखने के लिए नट्स का सहारा
काजू और कद्दू के बीज न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि सर्दियों में ये एक प्राकृतिक हीटर की तरह काम करते हैं। इन ड्राई फ्रूट्स में मौजूद फैट्स और मिनरल्स शरीर में (Body Temperature Maintenance) की प्रक्रिया को सुचारू बनाते हैं। जब शरीर के भीतर पर्याप्त गर्मी और ऊर्जा का स्तर बना रहता है, तो बाहरी तापमान का असर नसों पर उतना घातक नहीं होता, जिससे उंगलियों में सूजन की समस्या जड़ से खत्म होने लगती है।
एक्सरसाइज: खराब सर्कुलेशन का परमानेंट इलाज
चिलब्लेन्स की समस्या मुख्य रूप से उन लोगों को ज्यादा होती है जिनका रक्त संचार धीमा होता है। डायटिशियन लवलीन कौर का कहना है कि नियमित एक्सरसाइज को अपने रूटीन का हिस्सा बनाकर आप इस (Physical Activity Benefits) का लाभ उठा सकते हैं। जब आप सक्रिय रहते हैं, तो रक्त का प्रवाह शरीर के अंतिम छोर यानी हाथ और पैरों की उंगलियों तक सही ढंग से पहुंचता है, जिससे नसों के सिकुड़ने या डैमेज होने की संभावना न के बराबर रह जाती है।
योग और वॉक से करें सर्दियों की शुरुआत
अगर आप जिम जाकर भारी कसरत नहीं कर सकते, तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। हल्की फिजिकल एक्टिविटी जैसे सुबह-शाम की सैर या कुछ सरल योगासन भी आपके (Daily Fitness Routine) के लिए पर्याप्त हैं। योग के जरिए शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है और रक्त वाहिकाएं लचीली बनी रहती हैं। यह आदतों में किया गया एक छोटा सा बदलाव आपको हर साल होने वाली इस असहनीय खुजली और सूजन से हमेशा के लिए आजादी दिला सकता है।
अचानक तापमान बदलने की गलती से बचें
सर्दी में अक्सर लोग बहुत ठंडे हाथों को सीधे आग या हीटर के सामने ले जाते हैं, जो चिलब्लेन्स का सबसे बड़ा कारण है। तापमान में यह (Sudden Temperature Change) नसों के लिए काफी नुकसानदेह होता है। बेहतर होगा कि आप अपने हाथों को पहले आपस में रगड़कर या सामान्य पानी में डालकर धीरे-धीरे गर्म करें। शरीर को तापमान के प्रति तालमेल बिठाने का समय देना ही इस समस्या से बचने का सबसे समझदारी भरा तरीका है।
निष्कर्ष: सावधानी ही है सबसे बड़ा उपचार
सर्दियों की यह समस्या भले ही आम लगे, लेकिन समय रहते ध्यान न देने पर यह घाव का रूप भी ले सकती है। सही खान-पान, (Healthy Winter Habits) और शरीर की गर्माहट का ध्यान रखकर आप इस मौसम का भरपूर आनंद उठा सकते हैं। अगर आपकी उंगलियों में सूजन के साथ छाले या खून आने की समस्या दिखे, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए ताकि स्थिति और गंभीर न हो।



