Delhi murder case: मोबाइल स्नैचिंग के विरोध में छिन गया एक युवक का जीवन
Delhi murder case: नॉर्थ दिल्ली में हुई एक दर्दनाक घटना traumatic event ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया, जहां 18 वर्षीय युवक आर्यन की मौत मोबाइल छीनने का विरोध करने पर हो गई। 1 दिसंबर की रात उसे स्वामी नारायण मार्ग पर गंभीर हालत में पाया गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया। पहले दीप चंद बंधु हॉस्पिटल और फिर हालत बिगड़ने पर RML हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया, जहां 2 दिसंबर को उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि यह अपराध चार लोगों के एक गैंग ने मिलकर अंजाम दिया था, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं।

पुलिस इन्वेस्टिगेशन की दिशा और CCTV की भूमिका
अपराध को सुलझाने में पुलिस Police in solving को काफी मेहनत करनी पड़ी, क्योंकि घटना के समय वहां कोई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद नहीं था। ऐसे में जांच टीम ने इलाके के 150 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। इस विस्तृत विश्लेषण के बाद चार संदिग्धों की पहचान हुई, जो वारदात के बाद शास्त्री नगर की ओर भागते दिखाई दिए। शुरुआती केस BNS सेक्शन 118(1) के तहत दर्ज किया गया था, लेकिन आर्यन की मौत के बाद इसे सेक्शन 103(1) यानी मर्डर में बदल दिया गया।
चोरी, स्नैचिंग और अपराध की कड़ी
जांच में यह भी सामने आया कि संदिग्धों में से दो ने 30 नवंबर की रात कन्हैया नगर मेट्रो स्टेशन Kanhaiya Nagar Metro Station के पास से एक स्कूटर चुराया था। इसके बाद 1 दिसंबर को शास्त्री नगर इलाके में उन्होंने एक स्नैचिंग भी की। पुलिस ने पहला आरोपी रोशन, उम्र 19 वर्ष, को 4 दिसंबर को उसके घर से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गया स्कूटर भी बरामद किया।
क्राइम वेपन और ऑनलाइन खरीद का खुलासा
पूछताछ में रोशन ने बताया कि उसने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर आर्यन से मोबाइल छीनने की कोशिश Attempt to snatch the mobile phone की थी। विरोध करने पर उसने चाकू से हमला किया और सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। हैरानी की बात यह रही कि हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू उसने मात्र चार सौ रुपये में ऑनलाइन खरीदा था।
आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी
रोशन के कबूलनामे के बाद पुलिस Police after the confession ने उसके साथी जीतू, उम्र 19 वर्ष, और दो नाबालिगों को भी पकड़ लिया। जांच से पता चला कि चारों आरोपी स्कूल छोड़ चुके हैं और नशे की लत से ग्रस्त हैं। पुलिस ने उनके कपड़े, अपराध के दौरान पहनी चप्पलें और मर्डर वेपन को भी ज़ब्त कर लिया है।
समाज और सुरक्षा पर उठते सवाल
यह घटना न केवल एक पुलिस केस है, बल्कि समाज के सामने कई गंभीर प्रश्न Serious questions भी खड़े करती है। युवा अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति, नशे की लत और आसानी से ऑनलाइन हथियारों की उपलब्धता जैसे मुद्दे आज भी गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। साथ ही, यह घटना शहरी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों पर भी प्रकाश डालती है, जहां मोबाइल स्नैचिंग जैसे अपराध अक्सर जीवन के लिए खतरा साबित हो रहे हैं।



