Fake Product Racket in Delhi: आपकी रसोई में ही मौजूद है मौत का सामान, दिल्ली पुलिस ने लिया तगड़ा एक्शन
Fake Product Racket in Delhi: राजधानी दिल्ली में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बहुत बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (Eastern Range-1 Crime Branch) ने एक ऐसे शातिर गिरोह को दबोचा है जो नामी कंपनियों के नाम पर नकली घरेलू उत्पाद बेच रहा था। पुलिस की इस दबिश ने बाजार में बिक रहे उन सामानों की पोल खोल दी है, जिन्हें हम रोजाना अपनी रसोई में इस्तेमाल करते हैं। उत्तम नगर और कंझावला जैसे क्षेत्रों में सक्रिय यह गिरोह इतने शातिर तरीके से काम कर रहा था कि आम आदमी के लिए असली और नकली के बीच फर्क करना नामुमकिन था।

गुप्त सूचना ने बिगाड़ा अपराधियों का खेल
अपराधियों का यह काला कारोबार तब सामने आया जब पुलिस को एक पुख्ता जानकारी मिली। पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह के मुताबिक 29 दिसंबर को (Criminal Investigation) के दौरान यह पता चला कि उत्तम नगर में नकली ब्रांडेड सामान की एक बड़ी सप्लाई होने वाली है। पुलिस ने बिना देरी किए मेट्रो पिलर संख्या 680 के पास अपनी घेराबंदी की। दोपहर के वक्त जैसे ही एक संदिग्ध टेंपो वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रोक लिया। तलाशी के दौरान पुलिस के भी होश उड़ गए क्योंकि उस छोटे से वाहन में भारी मात्रा में नकली घी और अन्य सामान भरा हुआ था।
चार गिरफ़्तारी और लाखों का नकली माल बरामद
मौके से पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनकी पहचान नितिन कुमार, रजत सिंघल, सुरेंद्र गुज्जर और मुजाहिद के रूप में हुई है। इन आरोपियों (Counterfeit Goods) के पास से पुलिस को टाटा ब्रांड का 5000 किलो नकली नमक और पतंजलि, अमूल व मधुसूदन जैसे विश्वसनीय ब्रांड्स के नाम पर 1100 लीटर से ज्यादा नकली घी मिला। इतना ही नहीं, इनके पास से ईनो, ऑलआउट, और वीट जैसे प्रोडक्ट्स के भी हजारों नकली पैकेट बरामद किए गए हैं। इन सामानों की बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
अवैध फैक्ट्रियों में तैयार होता था ‘धीमा जहर’
मुख्य आरोपी नितिन कुमार ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वह पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से थोक व्यापार से जुड़ा था और इसी दौरान उसने (Illegal Manufacturing) का रास्ता चुना। उसने कंझावला में एक गुप्त फैक्टरी लगा रखी थी, जहां घटिया क्वालिटी के तेल और रसायनों की मदद से नकली घी तैयार किया जाता था। इस नकली माल को पैक करने के लिए नामी कंपनियों के हूबहू दिखने वाले रैपर और बोतलों का इस्तेमाल होता था, जिससे ग्राहक कभी शक न कर पाएं।
मुनाफे का आधा हिस्सा और गहरी साजिश
यह गिरोह सिर्फ माल बनाने तक सीमित नहीं था, बल्कि इनका डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी बहुत मजबूत था। आरोपी रजत और सुरेंद्र थोक व्यापारियों के रूप में काम करते थे। रजत का काम बाजार से ऑर्डर लेना था, जबकि सुरेंद्र (Financial Transactions) और कैश कलेक्शन की जिम्मेदारी संभालता था। यह गिरोह आपस में मुनाफे का 50 प्रतिशत हिस्सा बांटता था। इनकी सप्लाई चेन दिल्ली के स्थानीय बाजारों से लेकर साप्ताहिक बाजारों तक फैली हुई थी, जहां कम कीमत का लालच देकर दुकानदार इस माल को खपा देते थे।
आपकी सेहत पर मंडराता गंभीर खतरा
बाजार में बिकने वाला यह नकली सामान किसी जहर से कम नहीं है। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के विशेषज्ञों का कहना है कि नकली घी और नमक का सेवन (Public Health Risk) को खतरनाक स्तर पर ले जाता है। घटिया वनस्पति तेल से बना नकली घी लिवर और किडनी को सीधा नुकसान पहुंचाता है। इसके नियमित सेवन से पाचन तंत्र खराब हो सकता है और हृदय रोग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है क्योंकि यह उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को खत्म कर देता है।
कैसे करें असली और नकली उत्पाद की पहचान
धोखाधड़ी से बचने के लिए उपभोक्ताओं को अब अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी भी उत्पाद को खरीदते समय उसकी (Packaging Quality) पर विशेष ध्यान दें। अक्सर नकली सामान की पैकिंग के रंग असली के मुकाबले थोड़े फीके या अलग होते हैं। स्पेलिंग की गलतियां, धुंधली प्रिंटिंग, और ढीली सील इस बात का संकेत हैं कि सामान नकली हो सकता है। इसके अलावा, हमेशा बारकोड या क्यूआर कोड को स्कैन करें और एमआरपी व बैच नंबर की जांच जरूर करें। बहुत कम कीमत पर मिलने वाले ब्रांडेड सामान को खरीदने से बचें।
मिलावटखोरों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई
क्राइम ब्रांच अब इस मामले में और भी गहराई से जांच कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य गुर्गों को पकड़ा जा सके। पुलिस (Law Enforcement) की यह कार्रवाई मिलावटखोरों के लिए एक कड़ी चेतावनी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस तरह के ऑपरेशंस आगे भी जारी रहेंगे ताकि जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले सलाखों के पीछे हों। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने भी बरामद माल के नकली होने की पुष्टि कर दी है, जिससे आरोपियों के खिलाफ केस और भी मजबूत हो गया है।



