Intelligence – अमृतसर में सेना की जानकारी पाकिस्तान भेजने वाला संदिग्ध गिरफ्तार
Intelligence – पंजाब के खुफिया तंत्र को बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने रविवार देर रात अमृतसर से एक ऐसे व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिस पर भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचाने का गंभीर आरोप है। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान हरपाल सिंह के रूप में हुई है, जो अमृतसर जिले की अजनाला तहसील के सीमावर्ती क्षेत्र का निवासी बताया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

खुफिया निगरानी के बाद हुई कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हरपाल सिंह की गतिविधियां पिछले कुछ समय से संदेह के घेरे में थीं। खुफिया इनपुट मिलने के बाद स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने अमृतसर के खालसा कॉलेज क्षेत्र में विशेष नाकेबंदी की। देर रात चलाए गए इस ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध को पकड़ लिया गया। जांच अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी पूरी तरह गोपनीय तरीके से की गई ताकि किसी तरह की सूचना लीक न हो सके।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आए अहम तथ्य
शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी बीते लगभग एक वर्ष से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में था। आरोप है कि वह भारतीय सेना से संबंधित संवेदनशील सूचनाएं नियमित रूप से सीमा पार साझा कर रहा था। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि वह जानकारियां किस स्तर की थीं और उनका सैन्य सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता था।
तलाशी में डिजिटल सबूत बरामद
गिरफ्तारी के दौरान हरपाल सिंह के पास से एक सीडी और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सीडी में सेना से जुड़े कुछ डेटा और सैन्य गतिविधियों की आवाजाही से संबंधित सूचनाएं हो सकती हैं। मोबाइल फोन में कुछ ऐसे अंतरराष्ट्रीय नंबर भी मिले हैं, जिनका संबंध पाकिस्तान से बताया जा रहा है। इन सभी डिजिटल उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
फॉरेंसिक जांच से खुलेगा नेटवर्क
पुलिस और खुफिया एजेंसियों का मानना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं। मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, मैसेजिंग ऐप्स, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और क्या वह किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था।
अदालत में पेशी की तैयारी
जांच एजेंसियां आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही हैं, ताकि उससे और गहन पूछताछ की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह जानने की कोशिश की जाएगी कि उसे किस तरह की जानकारी साझा करने के निर्देश मिले थे और इसके बदले उसे क्या लाभ दिया जा रहा था।
सीमावर्ती इलाकों में पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
पंजाब के सीमावर्ती जिले पहले भी जासूसी से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। अमृतसर, पठानकोट, फिरोजपुर, फाजिल्का और गुरदासपुर जैसे जिलों से पूर्व में भी पाकिस्तान के लिए काम करने के आरोप में कई लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सीमा से सटे क्षेत्रों में रहने वाले कुछ लोग आर्थिक लालच या अन्य प्रलोभनों के चलते ऐसे नेटवर्क का हिस्सा बन जाते हैं।
बढ़ाई गई निगरानी और सतर्कता
मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव के बाद से पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों का उद्देश्य न केवल मौजूदा खतरों को रोकना है, बल्कि भविष्य में किसी भी संभावित सुरक्षा चूक को समय रहते पकड़ना भी है।



