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Jagdeep Dhankhar Health Update: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की बिगड़ी तबीयत, एम्स के डॉक्टरों ने लिया बड़ा फैसला

Jagdeep Dhankhar Health Update: भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की सेहत को लेकर इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती 74 वर्षीय धनखड़ की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उनके साथ हुई हालिया घटना ने सबको चिंता में डाल दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे जब वह बाथरूम में थे, तब (Loss of consciousness episodes) के कारण वह दो बार बेहोश होकर गिर पड़े थे। इस अचानक आई कमजोरी के बाद उनके परिवार और करीबियों ने तुरंत चिकित्सा परामर्श लेने का निर्णय लिया ताकि स्थिति गंभीर न हो जाए।

Jagdeep Dhankhar Health Update
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एम्स के स्पेशल वार्ड में डॉक्टरों की निगरानी

शुरुआत में इसे सामान्य कमजोरी समझा गया था, लेकिन डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत भर्ती होने की सलाह दी। सोमवार को जब वह रूटीन जांच के लिए अस्पताल पहुंचे, तो (AIIMS Delhi medical admission) की प्रक्रिया पूरी की गई ताकि विशेषज्ञ उनकी स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रख सकें। वरिष्ठ चिकित्सकों की एक टीम उनके स्वास्थ्य मापदंडों की बारीकी से जांच कर रही है। सूत्रों का कहना है कि मंगलवार सुबह उनके कुछ महत्वपूर्ण ब्लड टेस्ट भी किए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे का उपचार तय किया जाएगा।

अधिकारियों ने दी जगदीप धनखड़ की सेहत पर जानकारी

अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने पूर्व उपराष्ट्रपति की स्थिति पर आधिकारिक बयान जारी किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें विस्तृत जांच के लिए अस्पताल में रातभर रुकने पर जोर दिया था। जगदीप धनखड़ की (Stable health condition status) को देखते हुए उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, उम्र के इस पड़ाव पर बार-बार बेहोशी छाना एक गंभीर संकेत माना जा रहा है, जिसे देखते हुए एम्स के कार्डियोलॉजी और न्यूरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ आपसी समन्वय के साथ उनके केस का अध्ययन कर रहे हैं।

पुरानी बीमारियों और बेहोशी का लंबा इतिहास

यह पहली बार नहीं है जब जगदीप धनखड़ को इस तरह की शारीरिक समस्या का सामना करना पड़ा हो। उपराष्ट्रपति के पद पर रहते हुए भी उन्हें कच्छ के रण, उत्तराखंड, केरल और दिल्ली के सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान (Recurrent fainting spells history) का सामना करना पड़ा था। उनकी मेडिकल हिस्ट्री बताती है कि उन्हें हृदय संबंधी बीमारी भी रही है, जिसके चलते पिछले साल भी उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। बार-बार बिगड़ती तबीयत ही वह मुख्य कारण थी, जिसकी वजह से उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण संवैधानिक पद से दूरी बनाने का फैसला किया था।

उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे का वह चर्चित घटनाक्रम

जगदीप धनखड़ ने पिछले साल 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस (Resignation from Vice President post) के फैसले ने भारतीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया था। हालांकि उन्होंने आधिकारिक तौर पर बीमारी को ही आधार बनाया था, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। धनखड़ ने तब से लेकर अब तक सार्वजनिक मंचों पर अपने इस फैसले के पीछे की किसी और वजह का खुलासा नहीं किया है और वह पूरी तरह से अपने स्वास्थ्य लाभ पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

विपक्ष के सवाल और इस्तीफे पर छिड़ा घमासान

धनखड़ के इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कई कड़े सवाल दागे थे। सियासी गलियारों में यह दावा किया गया था कि उनके और सरकार के बीच (Political fallout rumors) के चलते यह स्थिति पैदा हुई थी। इन तमाम अटकलों के बावजूद पूर्व उपराष्ट्रपति ने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी और गरिमा बनाए रखी। वर्तमान में उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद, उन तमाम चर्चाओं पर एक बार फिर विराम लग गया है, क्योंकि उनकी शारीरिक स्थिति वास्तव में चिंताजनक नजर आ रही है।

एम्स में चल रहे विशेष टेस्ट और रिकवरी की उम्मीद

मंगलवार का दिन धनखड़ के स्वास्थ्य के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की कार्यप्रणाली जांचने के लिए (Routine medical checkup tests) किए गए। डॉक्टर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बाथरूम में हुई बेहोशी की वजह रक्तचाप में उतार-चढ़ाव था या फिर इसका संबंध उनके पुराने हृदय रोग से है। अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि उनकी रिकवरी की गति संतोषजनक है और यदि रिपोर्ट में सब कुछ सामान्य आता है, तो उन्हें जल्द ही छुट्टी दी जा सकती है।

उम्र और स्वास्थ्य के बीच निरंतर जारी संघर्ष

74 वर्ष की आयु में सक्रिय राजनीति और संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना एक बड़ी चुनौती होती है। जगदीप धनखड़ ने (Geriatric health challenges) का सामना करते हुए काफी समय तक देश की सेवा की, लेकिन अब उनका शरीर उन्हें विश्राम का संकेत दे रहा है। देश भर से लोग उनकी सलामती की दुआएं मांग रहे हैं। एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि इस उम्र में हृदय और मस्तिष्क के तालमेल पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है, ताकि भविष्य में बेहोशी जैसी अप्रिय घटनाओं को पूरी तरह से टाला जा सके।

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