RamzanRelief – तेलंगाना में मुस्लिम कर्मचारियों को विशेष समय छूट
RamzanRelief – तेलंगाना सरकार ने रमजान के पवित्र महीने को ध्यान में रखते हुए राज्य के मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष कार्य-समय छूट की घोषणा की है। मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, राज्य सरकार के अधीन कार्यरत मुस्लिम कर्मचारी, शिक्षक, अनुबंध आधारित कर्मी, आउटसोर्सिंग स्टाफ, साथ ही विभिन्न बोर्ड, निगम और सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी रमजान के दौरान रोजाना शाम 4 बजे कार्यालय छोड़ सकेंगे। यह छूट नियमित समय से एक घंटा पहले की होगी। आदेश 19 फरवरी से 20 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा।

धार्मिक दायित्वों को ध्यान में रखकर निर्णय
सरकार का कहना है कि यह कदम उपवास रखने वाले कर्मचारियों को रोजा खोलने और नमाज अदा करने जैसी धार्मिक जिम्मेदारियों को सहजता से निभाने में मदद करेगा। रमजान के दौरान शाम के समय इफ्तार की तैयारी और धार्मिक अनुष्ठानों का महत्व देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है। हालांकि, स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी विभाग में आपात स्थिति या सेवा की विशेष आवश्यकता हो, तो संबंधित कर्मचारियों को सामान्य समय तक ड्यूटी पर रहना पड़ सकता है।
शिक्षा संस्थानों के लिए अलग समय-सारिणी
इस निर्णय का दायरा केवल सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं है। स्कूल शिक्षा विभाग ने भी रमजान के मद्देनजर विशेष समय-सारिणी को मंजूरी दी है। 19 फरवरी से 20 मार्च तक उर्दू माध्यम के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल, समानांतर माध्यम स्कूलों के उर्दू खंड तथा डाइट कॉलेज सुबह 8 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक संचालित होंगे।
कम हुए शिक्षण समय की भरपाई के लिए उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में एक अतिरिक्त कार्य दिवस जोड़ा जाएगा। वहीं प्राथमिक स्कूलों में रोजाना पढ़ाई का समय 30 मिनट बढ़ाया जाएगा, ताकि पाठ्यक्रम प्रभावित न हो।
निगरानी की जिम्मेदारी तय
जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि क्षेत्रीय और जिला शिक्षा अधिकारी इस संशोधित समय-सारिणी के सख्त अनुपालन के लिए जिम्मेदार होंगे। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी विभाग इस आदेश को एक समान रूप से लागू करें और केवल विशेष परिस्थितियों में ही अपवाद रखा जाए।
अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था नई नहीं है, बल्कि पूर्व वर्षों में भी रमजान के दौरान इसी तरह की छूट दी जाती रही है। इसका उद्देश्य धार्मिक आस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना है।
समावेशी नीति का संकेत
सरकार का मानना है कि इस तरह के कदम सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक सम्मान को बढ़ावा देते हैं। राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल रमजान की अवधि तक सीमित है। यदि अन्य समुदायों की धार्मिक परंपराओं के लिए भी ऐसी आवश्यकता महसूस होती है, तो उस पर भी विचार किया जा सकता है।
पड़ोसी राज्य में भी समान पहल
पड़ोसी आंध्र प्रदेश में भी रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों के लिए समान व्यवस्था लागू की गई है। वहां यह छूट 18 फरवरी से 19 मार्च तक प्रभावी रहेगी। संबंधित मंत्री ने इसे धार्मिक प्रथाओं के पालन में सहयोगी कदम बताया है।
कार्य-जीवन संतुलन पर जोर
कुल मिलाकर, तेलंगाना सरकार का यह निर्णय धार्मिक स्वतंत्रता और कार्य-जीवन संतुलन के बीच सामंजस्य स्थापित करने की दिशा में एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि इससे सरकारी कामकाज की निरंतरता प्रभावित नहीं होगी, जबकि कर्मचारियों को अपनी आस्था का पालन करने में सहूलियत मिलेगी।



