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Savarkar – भारत रत्न को लेकर संघ प्रमुख से सीधे सरकार से बात करें: संजय राउत

Savarkar – शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर संघ नेतृत्व वास्तव में विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न दिलाना चाहता है, तो इसके लिए मंचों से भाषण देने के बजाय सीधे केंद्र सरकार से बात करनी चाहिए।

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सरकार से सीधे संवाद की जरूरत: राउत
संजय राउत ने कहा कि जब केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और संघ से जुड़े स्वयंसेवक सरकार के अहम पदों पर हैं, तो फिर सावरकर को भारत रत्न देने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि लाखों स्वयंसेवकों के समर्थन से बनी सरकार के रहते यह फैसला अब तक क्यों नहीं लिया गया। राउत के मुताबिक, संघ प्रमुख को यह विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष सीधे उठाना चाहिए, न कि सार्वजनिक मंचों से बयान देकर।

संघ प्रमुख के बयान से बढ़ी बहस
यह विवाद उस वक्त सामने आया जब मोहन भागवत ने मुंबई में आयोजित ‘100 ईयर्स ऑफ संघ जर्नी – न्यू होराइजन्स’ कार्यक्रम के दौरान कहा कि सावरकर को भारत रत्न देने से इस सम्मान की गरिमा और बढ़ेगी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर सावरकर के सम्मान को लेकर चर्चा तेज हो गई।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी हमला
राउत ने इसी संदर्भ में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के प्रस्तावित ढांचे की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते में भारत ने अमेरिका की शर्तों के आगे झुककर अपने हितों से समझौता किया है। उनका कहना था कि भाजपा को तो सत्ता में आने के बाद फायदे हुए, लेकिन आम जनता को जिन ‘अच्छे दिनों’ का वादा किया गया था, वे अब तक नहीं आए। इसके लिए उन्होंने संघ नेतृत्व को भी जिम्मेदार ठहराया।

टैरिफ ढांचे को लेकर विपक्ष की आपत्तियां
संयुक्त बयान के अनुसार, अमेरिका भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत तक का पारस्परिक शुल्क लगाने की योजना बना रहा है। इसमें वस्त्र, चमड़ा, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल, होम डेकोर और कुछ मशीनरी शामिल हैं। विपक्ष का कहना है कि इसके बदले भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर शुल्क में कटौती या पूरी तरह समाप्ति की दिशा में बढ़ सकता है।

कृषि और खाद्य उत्पादों पर असर की आशंका
राउत ने यह भी कहा कि इस ढांचे के तहत अमेरिका से आने वाले कई कृषि और खाद्य उत्पादों पर टैरिफ कम किए जाने या हटाए जाने की बात सामने आ रही है। इनमें पशु चारे से जुड़े उत्पाद, सूखे अनाज, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन और अन्य स्पिरिट्स शामिल बताए जा रहे हैं। विपक्ष का तर्क है कि इससे घरेलू किसानों और छोटे उद्योगों पर दबाव बढ़ सकता है।

संघ कार्यक्रम में आमंत्रित हस्तियों पर सवाल
आरएसएस के शताब्दी कार्यक्रम में गायक अदनान सामी की उपस्थिति पर भी संजय राउत ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अदनान सामी के पिता 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना से जुड़े थे। राउत ने सवाल किया कि ऐसे पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को सम्मानित कर किस तरह की राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया जा रहा है।

फिल्मी हस्तियों को लेकर उठाए गए मुद्दे
राउत ने कार्यक्रम में मौजूद एक अभिनेत्री पर भी टिप्पणी की, जिन्होंने मंच से संघ प्रमुख के प्रति प्रशंसा जताई थी। उन्होंने कहा कि उस अभिनेत्री के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है और उनके पति पर गंभीर आपराधिक आरोप लगे हैं। राउत के अनुसार, संघ के मंच का इस्तेमाल संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले लोग अपनी छवि सुधारने के लिए कर रहे हैं।

चयन पर सवाल और नैतिकता की बहस
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में उन लोगों को महत्व दिया गया, जिन पर आर्थिक या अन्य गंभीर आरोप रहे हैं, जबकि स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े प्रतिष्ठित परिवारों से आने वाले व्यक्तियों को आमंत्रित नहीं किया गया। राउत ने कहा कि संघ का सम्मान किया जान

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