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Telangana Assembly Resolution: तेलंगाना में महात्मा गांधी के नाम पर छिड़ी महाजंग, क्या छिनेगा गरीबों का अधिकार…

Telangana Assembly Resolution: तेलंगाना की राजनीति में उस समय एक नया मोड़ आ गया जब विधानसभा ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए वीबी-जी राम जी (VB-G Ram Ji Act) के खिलाफ एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव के जरिए राज्य सरकार ने केंद्र से मांग की है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में तुरंत बहाल किया जाए। विधानसभा में इस मुद्दे पर हुई बहस ने यह साफ कर दिया कि आने वाले दिनों में केंद्र और राज्य के बीच अधिकारों की यह लड़ाई और भी तेज होने वाली है।

Telangana Assembly Resolution
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मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का कड़ा प्रहार और संघीय भावना

प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने सदन में स्पष्ट कहा कि नया कानून (Labor Rights in India) पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है और यह सीधे तौर पर गरीबों और महिला मजदूरों के हितों के खिलाफ है। रेड्डी ने आरोप लगाया कि राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना संघीय ढांचे की भावना को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश है। उनका मानना है कि केंद्र को मनरेगा के तहत वित्तपोषण की पुरानी व्यवस्था को ही जारी रखना चाहिए ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुरक्षित रहे।

बापू के नाम को हटाने पर गहरा दुख और वैचारिक मतभेद

मुख्यमंत्री ने भावनात्मक कार्ड खेलते हुए नए कानून के शीर्षक से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि (Mahatma Gandhi Legacy) को कानून से अलग करना बापू के विचारों और उनकी सेवा की भावना को कमजोर करने जैसा है। उनके अनुसार, मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि करोड़ों गरीबों की उम्मीद थी, जिसके साथ छेड़छाड़ करना इतिहास और सामाजिक न्याय के साथ खिलवाड़ है। यह मुद्दा सदन में चर्चा का सबसे संवेदनशील केंद्र बना रहा।

कृषि सीजन में रोजगार रोकने पर उठे गंभीर सवाल

नए कानून के उस प्रावधान पर भी मुख्यमंत्री ने हमला बोला जिसमें कृषि मौसम के दौरान 60 दिनों के लिए रोजगार रोकने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने इसे (Rural Unemployment Crisis) को बढ़ावा देने वाला कदम बताया। रेड्डी का तर्क है कि भूमिहीन गरीबों के लिए काम की उपलब्धता साल के 365 दिन होनी चाहिए। कृषि सीजन के दौरान काम बंद करने से उन परिवारों के सामने भूखे मरने की नौबत आ जाएगी जिनके पास आय का कोई दूसरा वैकल्पिक स्रोत मौजूद नहीं है।

महिला विरोधी नीतियों के खिलाफ तेलंगाना सरकार का रुख

रेवंत रेड्डी ने वीबी-जी राम जी कानून को ‘महिला विरोधी’ करार देते हुए कहा कि यह ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आजादी पर हमला है। नए नियमों के कारण (Women Empowerment in Rural India) को गहरा धक्का लगा है क्योंकि काम के दिनों की संख्या में कटौती कर दी गई है। उन्होंने सदन को बताया कि काम के दिन घटने से गरीब महिलाएं सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना कर रही हैं, जिससे उनके सामाजिक और आर्थिक स्तर में गिरावट आने का खतरा पैदा हो गया है।

भाजपा का पलटवार और सदन में तीखा विरोध

जहां सत्ता पक्ष इस प्रस्ताव को जनहित में बता रहा था, वहीं भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने इसके खिलाफ मतदान कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। भाजपा विधायक पलवाई हरीश बाबू ने स्पष्ट किया कि (Political Opposition in Telangana) इस प्रस्ताव के तथ्यों से सहमत नहीं है। भाजपा सदस्यों का मानना है कि केंद्र का नया कानून व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और सुधार के लिए है, जिसे राज्य सरकार राजनीतिक चश्मे से देख रही है और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।

शाब्दिक मर्यादा और सदन के भीतर उपजा विवाद

चर्चा के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के विधायक कुणमनेनी सांबासिवा राव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर व्यक्तिगत हमले किए। उनकी टिप्पणियों ने (Legislative Assembly Decorum) को लेकर बहस छेड़ दी, जिस पर भाजपा सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। अध्यक्ष जी. प्रसाद कुमार को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने आश्वासन दिया कि वे रिकॉर्ड की जांच करेंगे और किसी भी आपत्तिजनक या असंसदीय टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाएगा।

भविष्य की राह और केंद्र-राज्य के बीच बढ़ता तनाव

तेलंगाना विधानसभा द्वारा पारित यह प्रस्ताव इस बात का संकेत है कि मनरेगा को लेकर चल रहा यह विवाद थमने वाला नहीं है। विशेषज्ञ इसे (Central State Relations) के बीच एक बड़ी खाई के रूप में देख रहे हैं। अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है कि वह राज्य की इन मांगों और आपत्तियों पर क्या प्रतिक्रिया देती है। क्या वास्तव में नए कानून में संशोधन होगा या फिर यह टकराव कानूनी और राजनीतिक गलियारों में और भी अधिक उग्र रूप धारण कर लेगा?

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