TerrorNetwork – कई राज्यों में फैले संदिग्ध मॉड्यूल पर एजेंसियों की नजर
TerrorNetwork – देश की सुरक्षा एजेंसियों को हालिया जांच में ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि कई राज्यों में संदिग्ध नेटवर्क सक्रिय हैं। इन नेटवर्क्स के जरिए कथित तौर पर स्थानीय युवाओं को जोड़कर गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश की जा रही थी। दिल्ली-एनसीआर समेत कुछ अन्य क्षेत्रों में निगरानी और सूचनाएं जुटाने से जुड़े मामलों के सामने आने के बाद जांच और तेज कर दी गई है।

अलग-अलग राज्यों में गिरफ्तारियां और कार्रवाई
एसटीएफ और अन्य एजेंसियों ने हाल के दिनों में कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके कथित तौर पर विदेशी संपर्क बताए जा रहे हैं। अंबाला में विस्फोटक सामग्री के साथ तीन आरोपियों को पकड़ा गया, जबकि एक अन्य संदिग्ध की तलाश जारी है। इसी क्रम में गाजियाबाद में भी खुफिया इनपुट के आधार पर छह लोगों को हिरासत में लिया गया। इन सभी मामलों को जोड़कर एक बड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है।
तकनीकी साधनों के जरिए निगरानी की कोशिश
जांच में सामने आया है कि कुछ स्थानों पर सोलर कैमरों के माध्यम से संवेदनशील इलाकों की जानकारी जुटाने की कोशिश की गई। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य महत्वपूर्ण स्थानों की निगरानी करना हो सकता है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच जारी है।
विदेशी संपर्क और ऑनलाइन माध्यम का उपयोग
एजेंसियों के अनुसार, कुछ आरोपियों के संपर्क विदेश में बैठे व्यक्तियों से डिजिटल माध्यमों के जरिए थे। वीडियो कॉल और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर निर्देश दिए जाने की आशंका जताई गई है। इसी कड़ी में कुछ अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है, ताकि पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके।
कई राज्यों में फैले नेटवर्क की आशंका
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क एक से अधिक राज्यों तक फैला हो सकता है। उत्तर भारत के साथ-साथ दक्षिण और पूर्वी हिस्सों में भी गतिविधियों के सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियां इन कड़ियों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की संरचना समझने की कोशिश कर रही हैं।
स्थानीय युवाओं को जोड़ने की रणनीति पर फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में स्थानीय लोगों को शामिल करना नेटवर्क के लिए आसान होता है, क्योंकि उनकी पहचान और गतिविधियों पर तुरंत संदेह नहीं होता। इसी वजह से जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि युवाओं को किस तरह से जोड़ा गया और इसके पीछे क्या तरीके अपनाए गए।
देवबंद में पूछताछ की चर्चा
इसी बीच देवबंद क्षेत्र में एक व्यक्ति से पूछताछ की खबर भी सामने आई, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय स्तर पर कुछ समय तक हलचल बनी रही, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई। पुलिस का कहना है कि हर सूचना की जांच की जा रही है और किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा।
संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाने के आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों को खास जगहों की जानकारी इकट्ठा करने का काम दिया गया था। इसमें धार्मिक स्थलों और सैन्य क्षेत्रों जैसे स्थानों का जिक्र भी शामिल है। हालांकि एजेंसियां अभी इन तथ्यों की पुष्टि करने और सबूतों को मजबूत करने में जुटी हैं।
रेलवे और सार्वजनिक ढांचे पर नजर
कुछ मामलों में रेलवे और मेट्रो स्टेशनों जैसे सार्वजनिक ढांचे से जुड़ी जानकारी जुटाने की बात भी सामने आई है। एजेंसियां इन पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही हैं, ताकि किसी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
जांच जारी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
पूरे घटनाक्रम को देखते हुए विभिन्न एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा के लिहाज से सतर्कता बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।