TMC Headquarters – पार्टी मुख्यालय को लेकर बढ़ा विवाद, मकान मालिक ने उठाया कानूनी कदम
TMC Headquarters – पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) एक नए विवाद में घिरती नजर आ रही है। पार्टी जिस इमारत से फिलहाल अपना केंद्रीय कार्यालय संचालित कर रही है, उसके मालिक ने भवन खाली कराने की मांग तेज कर दी है। मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है, जिससे राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा बढ़ गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पार्टी के भीतर संगठनात्मक मतभेदों और गुटबाजी की खबरें भी सुर्खियों में हैं।

किरायेदारी समझौते को लेकर विवाद
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, टीएमसी का वर्तमान कार्यालय कोलकाता के कैनाल साउथ क्षेत्र स्थित एक भवन में संचालित हो रहा है। इस संपत्ति के मालिक मोंटू साहा का दावा है कि पार्टी के साथ हुआ किरायेदारी समझौता वर्ष 2025 में समाप्त हो चुका है। उनका कहना है कि समझौता खत्म होने के बाद से वह लगातार भवन वापस लेने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
साहा परिवार का कहना है कि उन्हें अपनी संपत्ति की आवश्यकता है और वे लंबे समय से पार्टी नेतृत्व को इस संबंध में अवगत कराते रहे हैं।
पुलिस के पास पहुंचा मामला
रविवार को मोंटू साहा और उनके बेटे अमित साहा कथित तौर पर संबंधित संपत्ति पर पहुंचे थे ताकि पार्टी के जिम्मेदार पदाधिकारियों से बातचीत की जा सके। हालांकि, वहां कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि उपलब्ध नहीं मिला। इसके बाद दोनों ने स्थानीय पुलिस से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
बताया जा रहा है कि उन्होंने कई घंटे तक इंतजार किया, लेकिन बातचीत नहीं हो पाने के कारण प्रशासनिक सहायता लेने का निर्णय लिया। फिलहाल मामले को लेकर पुलिस स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया जारी है।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
संपत्ति मालिक पक्ष ने संकेत दिए हैं कि यदि जल्द समाधान नहीं निकलता तो वे अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। अमित साहा के अनुसार, भवन की मरम्मत और व्यावसायिक उपयोग के लिए उन्हें यह परिसर वापस चाहिए। उनका कहना है कि पिछले कुछ महीनों में पार्टी से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले उन्हें भवन जुलाई तक खाली करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट कदम सामने नहीं आया है। इसी वजह से परिवार ने कानूनी विकल्पों पर विचार शुरू किया है।
टीएमसी नेताओं की अलग राय
विवाद के बीच पार्टी के कुछ नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। रिपोर्टों के अनुसार, टीएमसी से जुड़े एक नेता ने कहा कि संपत्ति को किराये पर देना एक व्यावसायिक व्यवस्था थी और इसके बदले मालिक पक्ष को भी विभिन्न स्तरों पर लाभ मिला है। हालांकि पार्टी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह विवाद लंबा खिंचता है तो पार्टी को प्रशासनिक और संगठनात्मक स्तर पर अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
पुराने मुख्यालय पर भी जारी है विवाद
टीएमसी का पारंपरिक मुख्यालय, जिसे तृणमूल भवन के नाम से जाना जाता है, वह भी अलग विवाद में घिरा हुआ है। पार्टी के एक बागी विधायक ने उस भवन की जमीन पर अपने परिवार का दावा जताया है। उनका कहना है कि संबंधित भूमि के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं।
ऐसे में पार्टी के वर्तमान और पुराने दोनों कार्यालयों को लेकर उठे सवाल राजनीतिक चर्चा का विषय बन गए हैं।
2022 में यहां स्थानांतरित हुआ था कार्यालय
जानकारी के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस ने वर्ष 2022 में अपने पुराने मुख्यालय में मरम्मत और नवीनीकरण कार्य शुरू होने के बाद इस भवन को अस्थायी कार्यालय के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया था। साहा परिवार का कहना है कि इससे पहले इस परिसर में एक होटल संचालित किया जाता था और बाद में इसे किराये पर दिया गया।