Weather Update 2025: क्या बर्फबारी और बारिश के साथ होगी साल 2025 की विदाई, मौसम विभाग की इस चेतावनी ने बढ़ाई सबकी धड़कनें…
Weather Update 2025: साल 2025 अपने अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन कुदरत के मिजाज ने लोगों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD Forecast) ने भविष्यवाणी की है कि इस साल का अंत केवल कड़कड़ाती ठंड से नहीं, बल्कि बारिश और बर्फबारी के साथ होगा। पहाड़ों पर गिरती सफेद बर्फ और मैदानी इलाकों में होने वाली बेमौसम बारिश ने नए साल के जश्न की तैयारियों में खलल डाल दिया है। उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में बादलों का डेरा जमने लगा है, जिससे आने वाले कुछ दिन जनजीवन के लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।

पहाड़ों पर शुरू हुआ बर्फ का सितम: सैलानियों के लिए रोमांच और चेतावनी
हिमालय की वादियों में इस समय बर्फबारी का दौर शुरू हो चुका है, जो आने वाले नए साल तक जारी रहने की उम्मीद है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में (Snowfall Alert) जारी किया गया है, जिसके अनुसार 30 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच छिटपुट बर्फबारी और बारिश की प्रबल संभावनाएं हैं। यह स्थिति उन पर्यटकों के लिए तो रोमांचक हो सकती है जो नए साल का जश्न पहाड़ों पर मनाना चाहते हैं, लेकिन स्थानीय निवासियों के लिए यह कड़ाके की ठंड और रास्ते बंद होने की मुसीबत लेकर आ सकता है।
मैदानी इलाकों में भीगेगा साल का आखिरी दिन: बारिश और शीत लहर का कहर
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर अब धीरे-धीरे मैदानी राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी राजस्थान के हिस्सों में (Rainfall Prediction) के चलते हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 30 दिसंबर को होने वाली यह बारिश न केवल तापमान में गिरावट लाएगी, बल्कि ठंडी हवाओं के साथ मिलकर गलन वाली ठंड को और बढ़ा देगी। इसके साथ ही, ओडिशा जैसे राज्यों में 31 दिसंबर तक शीत लहर चलने की संभावना है, जो नए साल की पूर्व संध्या को और अधिक सर्द बना देगी।
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में कोहरे का साया: शून्य दृश्यता ने रोकी रफ्तार
राजधानी दिल्ली की सुबह अब घने कोहरे की चादर में लिपटी हुई नजर आ रही है, जिससे यातायात और उड़ानों पर बुरा असर पड़ रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि (Foggy Weather) की यह स्थिति 31 दिसंबर तक हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यंत गंभीर रह सकती है। बहुत घना कोहरा होने के कारण सड़कों पर दृश्यता शून्य तक पहुंच सकती है, जिससे यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। यह धुंध केवल सुबह तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शाम के समय भी अपना प्रभाव दिखाएगी।
शीत दिवस और गिरता पारा: हड्डियों को कंपा देने वाली ठंड का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ‘शीत दिवस’ यानी कोल्ड डे की स्थिति बनने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, (Temperature Drop) का यह सिलसिला 31 दिसंबर और 1 जनवरी को हिमाचल प्रदेश में चरम पर होगा। वहीं, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी सूर्य की लुका-छिपी जारी रहेगी, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। कड़ाके की धूप न निकलने के कारण लोगों को दिन में भी ठिठुरन महसूस होगी, जो विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है।
कोहरे का विस्तृत घेरा: बिहार से लेकर सिक्किम तक धुंध का साम्राज्य
कोहरे का प्रभाव केवल उत्तर भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वी भारत के कई राज्यों को अपनी चपेट में ले रहा है। उत्तराखंड, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के इलाकों में 5 जनवरी तक (Dense Fog) छाए रहने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके अलावा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी 31 दिसंबर तक घनी धुंध छाई रहेगी। कोहरे के इस लंबे स्पेल के कारण रेलगाड़ियों के परिचालन में देरी होने की संभावना है, जो नए साल की यात्रा करने वालों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
तापमान का उतार-चढ़ाव: अगले पांच दिनों तक मौसम का बदलता मिजाज
आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव का एक अजीब दौर देखने को मिलेगा। IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है, लेकिन (Winter Climate Change) के कारण उसके तीन दिन बाद फिर से 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी। मध्य और पूर्वी भारत में भी न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी, लेकिन सर्द हवाओं का असर बना रहेगा। झारखंड और पश्चिम बंगाल में अगले पांच दिनों के दौरान तापमान में इजाफा होने के बाद अचानक ठंड बढ़ने की उम्मीद है।



