Assam Cricket Corruption Case: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में आया बड़ा भूचाल, भ्रष्टाचार के दलदल में धंसे 4 बड़े खिलाड़ी
Assam Cricket Corruption Case: असम क्रिकेट संघ (एसीए) ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 से जुड़े कथित भ्रष्ट आचरण के मामले में बड़ा और सख्त कदम उठाया है। एसीए ने चार क्रिकेटरों अमित सिन्हा, इशान अहमद, अमन त्रिपाठी और अभिषेक ठाकुरी को निलंबित कर दिया है। यह फैसला सामने आते ही राज्य क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है (Assam cricket news)। ये सभी खिलाड़ी अलग-अलग समय पर असम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और अब उन पर क्रिकेट की साख को नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगे हैं।

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 से जुड़ा मामला
यह पूरा विवाद भारत की प्रतिष्ठित घरेलू टी20 प्रतियोगिता सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इन चारों खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट के दौरान असम के कुछ खिलाड़ियों को प्रभावित करने और उन्हें उकसाने की कोशिश की थी। यह मामला सिर्फ अनुशासनहीनता तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल की निष्पक्षता पर सीधा सवाल खड़ा करता है (Syed Mushtaq Ali Trophy controversy)। इसी वजह से एसीए ने बिना देरी किए कड़ा रुख अपनाया।
राज्य पुलिस की अपराध शाखा में दर्ज हुई एफआईआर
एसीए की ओर से कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इन चारों खिलाड़ियों के खिलाफ राज्य पुलिस की अपराध शाखा में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर कुछ खिलाड़ियों को गलत गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास किया। यह मामला अब सिर्फ क्रिकेट बोर्ड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानून के दायरे में भी आ चुका है (FIR against cricketers)।
बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट ने की जांच
एसीए सचिव सनातन दास ने इस मामले पर बयान देते हुए बताया कि आरोप सामने आने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की भ्रष्टाचार रोधी एवं सुरक्षा इकाई (ACSU) ने जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। दास के अनुसार, यह मामला खेल की अखंडता से जुड़ा है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा सकती (BCCI anti corruption unit)।
एसीए सचिव सनातन दास का कड़ा बयान
सनातन दास ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “प्रथम दृष्टया इन खिलाड़ियों के गंभीर कदाचार में शामिल होने के संकेत मिले हैं, जो खेल की अखंडता को प्रभावित करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि एसीए ने न सिर्फ अनुशासनात्मक बल्कि आपराधिक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। एसीए का मानना है कि क्रिकेट में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखना सर्वोपरि है (cricket integrity issue)।
निलंबन के दौरान खेलने पर पूरी तरह प्रतिबंध
निलंबन अवधि के दौरान इन चारों खिलाड़ियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। वे एसीए, उसकी जिला इकाइयों या उससे संबद्ध किसी भी क्लब द्वारा आयोजित राज्य-स्तरीय टूर्नामेंट या मैच में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इसका मतलब है कि फिलहाल इन खिलाड़ियों का प्रतिस्पर्धी क्रिकेट करियर पूरी तरह ठप हो गया है (player suspension rules)।
क्रिकेट से जुड़ी हर भूमिका निभाने पर रोक
सिर्फ खिलाड़ी के रूप में ही नहीं, बल्कि किसी भी अन्य क्रिकेट संबंधी भूमिका में भी इन चारों पर प्रतिबंध लगाया गया है। निलंबन अवधि के दौरान वे मैच रेफरी, कोच, अंपायर या किसी भी तरह की क्रिकेट गतिविधि से नहीं जुड़ सकते। एसीए का यह फैसला दिखाता है कि संघ इस मामले को कितनी गंभीरता से ले रहा है (cricket ban regulations)।
जिला संघों को सख्त निर्देश
एसीए सचिव ने बताया कि सभी जिला क्रिकेट संघों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी क्लबों और क्रिकेट अकादमियों को एसीए के फैसले की जानकारी देने को कहा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निलंबन का उल्लंघन किसी भी स्तर पर न हो (district cricket associations)।
असम क्रिकेट की छवि पर असर
इस पूरे घटनाक्रम ने असम क्रिकेट की छवि को झटका जरूर दिया है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि एसीए की त्वरित और सख्त कार्रवाई से यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के लिए यहां कोई जगह नहीं है। लंबे समय में यह फैसला राज्य क्रिकेट को और मजबूत करने में मदद कर सकता है (Assam cricket integrity)।
आगे क्या हो सकता है?
अब सभी की नजरें जांच के अंतिम नतीजों पर टिकी हैं। अगर आरोप साबित होते हैं, तो इन खिलाड़ियों पर और भी सख्त प्रतिबंध लग सकते हैं। वहीं, अगर वे निर्दोष पाए जाते हैं, तो आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। फिलहाल, एसीए और बीसीसीआई दोनों इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं (cricket corruption investigation)।



