BCCIContract – सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सूची पर उठे सवाल, चयन नीति पर बहस तेज
BCCIContract – टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की नई सूची जारी कर दी है। इस बार की सूची ने क्रिकेट जगत में चर्चा और सवाल दोनों खड़े कर दिए हैं। कुछ सीनियर खिलाड़ियों का ग्रेड डाउनग्रेड होना, कुछ नियमित प्रदर्शन करने वालों को अपेक्षाकृत नीचे की कैटेगरी में रखना और सबसे अहम, A+ ग्रेड को पूरी तरह खत्म कर देना—इन सभी फैसलों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

सीनियर खिलाड़ियों का ग्रेड डाउनग्रेड क्यों?
नई सूची में सबसे चौंकाने वाला पहलू रोहित शर्मा और विराट कोहली का ग्रेड बी में रखा जाना है। दोनों खिलाड़ी अब एक ही फॉर्मेट में सक्रिय हैं, और माना जा रहा है कि यही वजह उनके ग्रेड में गिरावट की बनी। बोर्ड का फोकस अब मल्टी-फॉर्मेट खिलाड़ियों पर अधिक दिखाई दे रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में चयन और कॉन्ट्रैक्ट नीति और भी प्रदर्शन व उपलब्धता आधारित हो सकती है।
ग्रेड ए में किन्हें मिली जगह
ग्रेड ए में तीन नाम शामिल किए गए हैं—शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा। गिल जहां टेस्ट और वनडे टीम की अगुवाई कर रहे हैं, वहीं बुमराह और जडेजा टीम की रीढ़ माने जाते हैं। हालांकि, इसी ग्रेड को लेकर बहस भी तेज है, क्योंकि जडेजा की तरह दो फॉर्मेट खेलने वाले कुछ अन्य खिलाड़ियों को इससे नीचे रखा गया है।
हार्दिक, राहुल और कुलदीप पर उठते सवाल
सबसे ज्यादा चर्चा ग्रेड बी को लेकर हो रही है, जहां हार्दिक पांड्या, केएल राहुल और कुलदीप यादव जैसे नाम शामिल हैं। राहुल लगातार टेस्ट और वनडे टीम का हिस्सा रहे हैं, जबकि कुलदीप तीनों फॉर्मेट के लिए उपलब्ध रहते हैं और कई मौकों पर मैच विनर साबित हुए हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इन्हें ग्रेड ए में जगह क्यों नहीं मिली।
अक्षर पटेल का मामला क्यों बना बहस का केंद्र
अक्षर पटेल को ग्रेड सी में रखा जाना कई पूर्व खिलाड़ियों और विशेषज्ञों को खटक रहा है। अक्षर तीनों फॉर्मेट खेलते हैं और टी20 टीम में उप-कप्तान की भूमिका भी निभा चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें सबसे निचले ग्रेड में शामिल किया गया, जिसे कई लोग बोर्ड की चयन नीति में असंतुलन के तौर पर देख रहे हैं।
अर्शदीप सिंह और अन्य युवा खिलाड़ी
टी20 क्रिकेट में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा बन चुके अर्शदीप सिंह भी ग्रेड सी में हैं। वह टी20 वर्ल्ड कप 2024 की विजेता टीम का हिस्सा रहे और धीरे-धीरे वनडे में भी अपनी जगह बना रहे हैं। इसके अलावा रिंकू सिंह, तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा जैसे युवा खिलाड़ियों को भी इसी ग्रेड में रखा गया है, जो भविष्य के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।
पूरी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सूची एक नजर में
ग्रेड ए: शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा
ग्रेड बी: विराट कोहली, रोहित शर्मा, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव, ऋषभ पंत, मोहम्मद सिराज, यशस्वी जायसवाल, सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर, वॉशिंगटन सुंदर
ग्रेड सी: अक्षर पटेल, रुतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, संजू सैमसन, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, ध्रुव जुरेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, नितीश कुमार रेड्डी, अभिषेक शर्मा, साई सुदर्शन, रवि बिश्नोई
आकाश चोपड़ा ने सार्वजनिक रूप से उठाए सवाल
पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने पूछा कि अक्षर पटेल को ग्रेड सी से ऊपर जाने के लिए आखिर और क्या करना होगा। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर गिल और जडेजा ग्रेड ए में हैं, तो हार्दिक पांड्या, केएल राहुल और कुलदीप यादव को उसी श्रेणी में क्यों नहीं रखा गया। अर्शदीप सिंह को लेकर भी उन्होंने असहमति जताई।
चयन नीति पर आगे क्या?
बीसीसीआई की यह सूची साफ तौर पर संकेत देती है कि बोर्ड अब खिलाड़ियों की फॉर्मेट उपलब्धता और निरंतरता को ज्यादा महत्व दे रहा है। हालांकि, इस नीति पर बहस जारी है और आने वाले समय में इसमें बदलाव की गुंजाइश से भी इनकार नहीं किया जा सकता।



