IbrahimZadran – 95 रन की पारी, फिर भी अधूरा शतक
IbrahimZadran – अफगानिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपना सफर जीत के साथ खत्म किया। कनाडा के खिलाफ ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले में टीम ने 82 रनों से प्रभावशाली जीत दर्ज की। इस मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा इब्राहिम जादरान की रही, जिन्होंने नाबाद 95 रन की शानदार पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी की बदौलत अफगानिस्तान ने पहले खेलते हुए 200 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जादरान को उनके प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, लेकिन शतक से पांच रन दूर रह जाना उनके लिए व्यक्तिगत तौर पर कसक छोड़ गया।

जिम्मेदारी भरी पारी से टीम को मजबूती
जब अफगानिस्तान ने बल्लेबाजी शुरू की तो टीम को ठोस शुरुआत की जरूरत थी। जादरान ने धैर्य और आक्रामकता के संतुलन के साथ पारी को संभाला। उन्होंने 56 गेंदों में 95 रन बनाए और अंत तक क्रीज पर टिके रहे। उनकी पारी में टाइमिंग और शॉट चयन दोनों देखने लायक रहे। बड़े शॉट्स के साथ-साथ उन्होंने स्ट्राइक रोटेट कर साझेदारी को भी आगे बढ़ाया। नतीजा यह हुआ कि टीम ने चार विकेट खोकर 200 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य तय किया।
90 के दशक में नाबाद रहने की सूची में नाम
क्रिकेट में 90 के पार पहुंचना किसी भी बल्लेबाज के लिए उत्साह और दबाव दोनों का क्षण होता है। हर खिलाड़ी शतक तक पहुंचना चाहता है, लेकिन कई बार परिस्थितियां उसे उस मुकाम तक नहीं पहुंचने देतीं। जादरान टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में 90 के दशक में नाबाद लौटने वाले नौवें खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले हर्षल गिब्स, तिलकरत्ने दिलशान, महेला जयवर्धने और अन्य खिलाड़ी भी इस स्थिति का सामना कर चुके हैं। इस सूची में शामिल होना एक उपलब्धि भी है और अधूरे शतक की कसक भी।
कनाडा की पारी दबाव में बिखरी
200 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए कनाडा की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। अफगानिस्तान के गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ के साथ बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और रन गति बढ़ नहीं सकी। अंततः कनाडा 118 रन तक ही पहुंच सकी। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने टूर्नामेंट में अपना दूसरा मुकाबला जीता, जबकि कनाडा को जीत का इंतजार ही रहा।
कोच को समर्पित किया सम्मान
मुकाबले के बाद जादरान ने प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार अपने कोच जोनाथन ट्रॉट को समर्पित किया। यह मैच ट्रॉट का अफगानिस्तान के साथ अंतिम मुकाबला था। जादरान ने कहा कि टीम ने उनके मार्गदर्शन में काफी कुछ सीखा है और उनकी भूमिका खिलाड़ियों के विकास में अहम रही है। भावुक क्षणों में जादरान अपने कोच को गले लगाते भी दिखाई दिए।
उम्मीदों के साथ विदाई
हालांकि अफगानिस्तान टूर्नामेंट के अगले चरण में जगह नहीं बना सका, लेकिन टीम ने अपने अभियान का अंत सकारात्मक प्रदर्शन के साथ किया। जादरान की पारी और गेंदबाजों का सामूहिक प्रयास यह संकेत देता है कि टीम में भविष्य के लिए मजबूत आधार मौजूद है। शतक भले अधूरा रह गया हो, पर 95 रन की यह पारी लंबे समय तक याद की जाएगी।



