INDvsNED – नीदरलैंड्स मुकाबले से पहले पिच और टीम संयोजन पर नजर
INDvsNED – टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लीग चरण में भारत आज 18 फरवरी को नीदरलैंड्स के खिलाफ अपना अंतिम मुकाबला खेलने उतर रहा है। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम इंडिया पहले ही लगातार दो जीत दर्ज कर सुपर-8 में जगह सुनिश्चित कर चुकी है। ऐसे में यह मुकाबला अंक तालिका से ज्यादा लय और संयोजन को परखने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पाकिस्तान के खिलाफ 61 रन की बड़ी जीत के बाद भारतीय खेमे का मनोबल ऊंचा है और टीम जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगी।

नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच का मिजाज
अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम की सतह आमतौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है। इस टूर्नामेंट के दौरान यहां खेले गए मुकाबलों में 170 से 190 के बीच के स्कोर सहजता से बने हैं। पिछले मैच में दक्षिण अफ्रीका ने 175 रन के लक्ष्य को अपेक्षाकृत आसानी से हासिल कर लिया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि दूसरी पारी में भी बल्लेबाजी मुश्किल नहीं रहती।
यहां रन गति अन्य मैदानों की तुलना में बेहतर रही है। औसतन हर ओवर में नौ से अधिक रन बने हैं, जो टी20 प्रारूप के लिहाज से संतुलित लेकिन बल्लेबाजों के लिए उत्साहजनक आंकड़ा है। अब तक खेले गए तीन मुकाबलों में पहली पारी का औसत स्कोर करीब 190 के आसपास रहा है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम परिस्थितियों को देखते हुए फैसला कर सकती है, हालांकि लक्ष्य का पीछा करना यहां असंभव नहीं माना जाता।
स्पिनरों की भूमिका भी अहम
हालांकि पिच को बल्लेबाजों के अनुकूल माना जाता है, लेकिन स्पिन गेंदबाजों ने भी यहां प्रभाव छोड़ा है। टूर्नामेंट के मुकाबलों में स्पिनरों ने बीच के ओवरों में रन गति पर अंकुश लगाया है। उनका औसत अपेक्षाकृत ऊंचा जरूर रहा, लेकिन उन्होंने बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने में सतर्क रहने पर मजबूर किया।
भारतीय टीम के पास अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती जैसे विकल्प मौजूद हैं, जो इस सतह पर उपयोगी साबित हो सकते हैं। वहीं नीदरलैंड्स की टीम भी अपनी स्पिन रणनीति के साथ उतर सकती है ताकि भारतीय बल्लेबाजी क्रम को बांधकर रखा जा सके।
भारत के लिए मौका, संयोजन पर नजर
सुपर-8 में जगह पक्की होने के बाद यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए प्रयोग का अवसर भी हो सकता है। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा अब तक बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं, ऐसे में उनसे बेहतर शुरुआत की उम्मीद होगी। मध्यक्रम में ईशान किशन, तिलक वर्मा और रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ी लय में दिखे हैं, जबकि हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे संतुलन प्रदान करते हैं।
गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज की जोड़ी नई गेंद से दबाव बना सकती है। अर्शदीप सिंह और वाशिंगटन सुंदर जैसे विकल्प भी टीम को गहराई देते हैं। टीम प्रबंधन इस मैच को अगले चरण से पहले तैयारी के तौर पर देख सकता है।
नीदरलैंड्स की चुनौती
नीदरलैंड्स भले ही मजबूत टीमों के सामने पिछड़ता रहा हो, लेकिन उसकी टीम में अनुभव की कमी नहीं है। कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स के अलावा मैक्स ओ’डॉड, बास डी लीडे और कॉलिन एकरमैन जैसे खिलाड़ी मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। गेंदबाजी में पॉल वैन मीकेरेन और लोगन वैन बीक जैसे नाम भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा ले सकते हैं।
उनके लिए यह मैच प्रतिष्ठा का सवाल भी है, क्योंकि बड़े मंच पर मजबूत टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन आगे के अभियानों में आत्मविश्वास बढ़ा सकता है।
मुकाबले से क्या उम्मीद
कुल मिलाकर अहमदाबाद की पिच पर रन बनने की संभावना अधिक है। अगर शुरुआती ओवरों में विकेट नहीं गिरते, तो बड़ा स्कोर देखने को मिल सकता है। भारत की नजर जीत की लय बनाए रखने पर होगी, जबकि नीदरलैंड्स सकारात्मक खेल दिखाने की कोशिश करेगा। दर्शकों को संतुलित लेकिन रोमांचक मुकाबले की उम्मीद रहेगी।



