MohammadNabi – 41 की उम्र में रचा वर्ल्ड कप इतिहास
MohammadNabi – अफगानिस्तान के अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने उन्हें रिकॉर्ड बुक में खास जगह दिला दी। 41 वर्ष 49 दिन की उम्र में नबी ने अपने चार ओवर के स्पेल में महज सात रन देकर चार विकेट झटके। उनकी सटीक लाइन और कसी हुई गेंदबाजी के सामने कनाडाई बल्लेबाज खुलकर खेल नहीं सके और पूरी टीम 118 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने मुकाबला 82 रन से अपने नाम किया।

सबसे उम्रदराज खिलाड़ी का रिकॉर्ड
नबी का यह स्पेल सिर्फ मैच जिताऊ ही नहीं, ऐतिहासिक भी रहा। वह वनडे और टी20 वर्ल्ड कप के संयुक्त इतिहास में चार विकेट लेने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। क्रिकेट जैसे तेज रफ्तार खेल में 41 साल की उम्र में इस तरह का प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा माना जा रहा है। टीम प्रबंधन और साथी खिलाड़ियों ने भी उनके अनुभव और फिटनेस की सराहना की।
जदरान की दमदार पारी
इस मुकाबले में अफगानिस्तान की बल्लेबाजी भी प्रभावशाली रही। इब्राहिम जदरान ने 56 गेंदों पर 95 रन की नाबाद पारी खेली और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। उनकी संयमित लेकिन आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत अफगानिस्तान ने चार विकेट खोकर 200 रन बनाए। जदरान की पारी में कई आकर्षक शॉट्स शामिल रहे, जिससे टीम को शुरुआती बढ़त मिली।
कनाडा की संघर्षपूर्ण कोशिश
200 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कनाडा की टीम शुरुआत से दबाव में दिखी। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और रनगति भी धीमी रही। नबी के अलावा अन्य गेंदबाजों ने भी सटीक प्रदर्शन किया। नतीजतन कनाडा 20 ओवर में आठ विकेट पर 118 रन ही बना सकी। टूर्नामेंट में कनाडा को एक भी जीत नसीब नहीं हुई, जबकि अफगानिस्तान ने अपनी दूसरी जीत दर्ज की।
टूर्नामेंट का समापन
यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए टूर्नामेंट का आखिरी मैच था। हालांकि अफगानिस्तान आगे की दौड़ में जगह नहीं बना सका, लेकिन टीम ने मजबूत प्रदर्शन के साथ अभियान समाप्त किया। इससे पहले अफगानिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका को कड़ी टक्कर दी थी और मुकाबला ‘डबल सुपर ओवर’ तक पहुंचा था, हालांकि परिणाम उनके पक्ष में नहीं गया।
अनुभव की मिसाल
मोहम्मद नबी का प्रदर्शन इस बात का उदाहरण है कि अनुभव और अनुशासन क्रिकेट में कितने अहम हैं। उम्र को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने साबित किया कि सही फिटनेस और समर्पण के साथ खिलाड़ी लंबे समय तक प्रभाव छोड़ सकता है। अफगानिस्तान के लिए यह जीत भले ही टूर्नामेंट में आगे बढ़ने के लिहाज से निर्णायक न रही हो, लेकिन टीम के आत्मविश्वास को मजबूती जरूर दे गई।



