PakistanCricket – भारत के खिलाफ खेलने पर पलटा पाकिस्तान, सरकार और PCB ने बदला फैसला
PakistanCricket – भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर लंबे समय से जारी असमंजस अब खत्म होता दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और वहां की सरकार ने भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार से जुड़े अपने पहले के फैसले को वापस ले लिया है। ताजा घटनाक्रम में पाकिस्तान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी राष्ट्रीय टीम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मैदान पर उतरेगी। इस फैसले के साथ ही क्रिकेट से जुड़े राजनीतिक और कूटनीतिक संकेतों पर भी एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।

बहिष्कार के फैसले से क्यों पीछे हटा पाकिस्तान
पाकिस्तान का यह रुख ऐसे समय बदला गया है जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और कुछ मित्र देशों की ओर से लगातार बातचीत चल रही थी। इससे पहले पाकिस्तान ने यह संकेत दिए थे कि वह भारत के खिलाफ मुकाबला नहीं खेलेगा। यह फैसला उस घटनाक्रम के बाद आया था, जब भारत ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश में खेलने से इनकार किया और इसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। इसी कड़ी में पाकिस्तान ने भी भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने की घोषणा कर दी थी।
प्रेस वार्ता में नकवी का सख्त संदेश
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने इस पूरे मामले पर प्रेस से बात करते हुए सरकार और बोर्ड की स्थिति स्पष्ट की। नकवी ने न केवल बहिष्कार की अटकलों को खारिज किया, बल्कि यह भी कहा कि पाकिस्तान किसी भी तरह के दबाव या धमकी से फैसले नहीं करता। बातचीत के दौरान उन्होंने फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर का उल्लेख करते हुए यह संकेत दिया कि देश का नेतृत्व और संस्थाएं किसी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होतीं। नकवी वर्तमान में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार में मंत्री भी हैं, जिससे उनके बयान को राजनीतिक महत्व भी मिला।
आईसीसी के दबाव की बात से किया इनकार
मोहसिन नकवी ने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा था कि आईसीसी की संभावित कार्रवाई के डर से पाकिस्तान ने अपना फैसला बदला है। उनके मुताबिक, यह निर्णय किसी चेतावनी या प्रतिबंध की आशंका से नहीं, बल्कि व्यापक बातचीत और क्रिकेट के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने दो टूक कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट किसी भी तरह के प्रतिबंध से डरकर फैसले नहीं करता।
सरकार का आधिकारिक निर्देश
पाकिस्तान सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बहुपक्षीय चर्चाओं और मित्र देशों के अनुरोधों के बाद राष्ट्रीय टीम को निर्देश दिया गया है कि वह 15 फरवरी 2026 को आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के तहत अपना निर्धारित मुकाबला खेले। इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि सरकार और क्रिकेट बोर्ड इस मुद्दे पर एकजुट हैं।
बांग्लादेश की भूमिका और अनुरोध
इस फैसले के पीछे बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने पहले ही पाकिस्तान से क्रिकेट के व्यापक हित में मैच खेलने की अपील की थी। उनका मानना था कि किसी भी टीम का बाहर होना टूर्नामेंट और क्षेत्रीय क्रिकेट दोनों के लिए नुकसानदेह होगा। इस अपील के बाद ही पाकिस्तान के रुख में नरमी के संकेत मिलने लगे थे।
पीएम शरीफ को दी गई पूरी जानकारी
सरकारी बयान आने से पहले पीसीबी प्रमुख नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को आईसीसी के साथ हुई बातचीत का पूरा विवरण सौंपा। इसमें आईसीसी उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के साथ हुई चर्चा की जानकारी शामिल थी। इसके बाद सरकार की ओर से अंतिम निर्णय पर मुहर लगी।
पाकिस्तान की रखी गईं मांगें
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने आईसीसी के समक्ष कुछ मुद्दे भी उठाए थे। इनमें भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंधों की बहाली और बांग्लादेश को हुए नुकसान की भरपाई के लिए त्रिकोणीय श्रृंखला आयोजित करने का सुझाव शामिल था। हालांकि यह भी साफ किया गया कि द्विपक्षीय क्रिकेट आईसीसी के दायरे में नहीं आता और त्रिकोणीय श्रृंखला के प्रस्ताव को फिलहाल स्वीकार नहीं किया गया है।
आगे की संभावनाएं
हालांकि त्रिकोणीय श्रृंखला पर सहमति नहीं बनी, लेकिन आईसीसी की ओर से बांग्लादेश को आगामी अंडर-19 विश्व कप की मेजबानी सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है। इसे बांग्लादेश क्रिकेट के लिए एक तरह की भरपाई के रूप में देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, पाकिस्तान का यह फैसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।



