QuintonDeKock – विकेटकीपिंग में एमएस धोनी के रिकॉर्ड पर लटकी तलवार, साउथ अफ्रीका की मजबूत शुरुआत
QuintonDeKock – टी20 वर्ल्ड कप के मौजूदा संस्करण में साउथ अफ्रीका के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक का बल्ला भले ही अभी खुलकर नहीं चला हो, लेकिन विकेट के पीछे उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। कनाडा के खिलाफ खेले गए मुकाबले में डी कॉक ने दो अहम कैच लपकते हुए पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी के एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

धोनी के रिकॉर्ड के बराबर पहुंचे डी कॉक
कनाडा के खिलाफ मैच में विकेटकीपिंग करते हुए डी कॉक ने अपना कुल 32वां डिसमिसल दर्ज किया। इसी के साथ वह टी20 वर्ल्ड कप में विकेटकीपर के तौर पर सबसे ज्यादा आउट करने के मामले में एमएस धोनी के बराबर पहुंच गए हैं। धोनी ने भी अपने टी20 वर्ल्ड कप करियर में 32 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था। डी कॉक अभी टूर्नामेंट में सक्रिय हैं, ऐसे में अगले ही मुकाबले में वह इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकते हैं।
टी20 वर्ल्ड कप में शीर्ष विकेटकीपरों की सूची
टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में विकेटकीपरों की भूमिका हमेशा अहम रही है। सबसे ज्यादा आउट करने वाले विकेटकीपरों की सूची में डी कॉक और धोनी संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर हैं। पाकिस्तान के कामरान अकमल इस सूची में तीसरे पायदान पर हैं, जबकि वेस्टइंडीज के दिनेश रामदीन और श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा भी शीर्ष पांच में शामिल हैं। इंग्लैंड के जोस बटलर का नाम भी इस प्रतिष्ठित सूची में दर्ज है।
साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी ने रखा जीत का आधार
रिकॉर्ड की बराबरी के साथ-साथ यह मुकाबला साउथ अफ्रीका के लिए टीम प्रदर्शन के लिहाज से भी खास रहा। पहले बल्लेबाजी करते हुए अफ्रीकी टीम ने 20 ओवर में चार विकेट खोकर 213 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। कप्तान एडन मार्करम ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 59 रनों की अहम पारी खेली।
मध्यक्रम और फिनिशरों का प्रभावशाली योगदान
मार्करम के अलावा रायन रिकल्टन ने 33 रनों का योगदान दिया। अंतिम ओवरों में डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स ने तेजी से रन बटोरते हुए टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। मिलर ने 23 गेंदों में नाबाद 39 रन बनाए, जबकि स्टब्स ने 19 गेंदों में 34 रन जोड़कर कनाडाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।
कनाडा की गेंदबाजी में अंश पटेल का संघर्ष
कनाडा की ओर से गेंदबाजी में अंश पटेल ने सबसे प्रभावी प्रदर्शन किया। उन्होंने चार ओवर में 31 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और साउथ अफ्रीका के रन रेट को कुछ हद तक काबू में रखने की कोशिश की। हालांकि अन्य गेंदबाजों को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका, जिसका असर स्कोरबोर्ड पर साफ दिखा।
लक्ष्य का पीछा करते हुए कनाडा की सीमित कोशिश
214 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी कनाडा की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। हालांकि नवनीत धालीवाल ने एक छोर संभाले रखा और 64 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरने के कारण कोई ठोस साझेदारी नहीं मिल पाई। पूरी टीम 20 ओवर में आठ विकेट खोकर 156 रन ही बना सकी।
57 रनों से साउथ अफ्रीका की जीत
साउथ अफ्रीका ने यह मुकाबला 57 रनों से जीतकर टूर्नामेंट में अपने अभियान की दमदार शुरुआत की। एक ओर जहां बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर खड़ा किया, वहीं गेंदबाजों और फील्डरों ने मिलकर कनाडा को लक्ष्य से दूर रखा। क्विंटन डी कॉक के लिए यह मैच खास रहा, क्योंकि वह अब टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बनाने से सिर्फ एक कदम दूर हैं।



