T20Match – वरुण चक्रवर्ती के स्पेल ने नामीबिया की तोड़ीं उम्मीदें
T20Match – भारत के खिलाफ खेले गए मुकाबले में नामीबिया को 93 रनों की बड़ी हार का सामना करना पड़ा। स्कोरबोर्ड भले ही भारत के मजबूत प्रदर्शन की कहानी कह रहा था, लेकिन मैच के बाद नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने जिस खिलाड़ी का नाम सबसे पहले लिया, वह थे वरुण चक्रवर्ती। उनके छोटे लेकिन असरदार स्पेल ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

भारतीय बल्लेबाजों की तेज शुरुआत
मुकाबले में भारत ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। ईशान किशन ने सिर्फ 24 गेंदों पर 61 रन बनाकर पारी को तेज रफ्तार दी। उनकी पारी में चौकों-छक्कों की भरमार रही और नामीबियाई गेंदबाजों पर लगातार दबाव बना रहा।
दूसरी ओर, हार्दिक पांड्या ने भी 28 गेंदों में 52 रन ठोकते हुए रनगति को थमने नहीं दिया। दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी ने भारत को मजबूत स्कोर की ओर पहुंचाया। हालांकि, नामीबिया की डेथ बॉलिंग ने अंत में कुछ नियंत्रण जरूर दिखाया और आखिरी चार ओवरों में महज 25 रन दिए।
वरुण चक्रवर्ती का निर्णायक स्पेल
लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया ने शुरुआत में संघर्ष नहीं दिखाया। पावरप्ले के बाद टीम 6 ओवर में 57 रन तक पहुंच चुकी थी और केवल एक विकेट गिरा था। उस समय मुकाबला संतुलित नजर आ रहा था।
लेकिन 6 से 10 ओवर के बीच तस्वीर पूरी तरह बदल गई। वरुण चक्रवर्ती ने दो ओवरों में सिर्फ 7 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके। उनकी गेंदबाजी ने नामीबिया की रनगति को थाम दिया और मध्यक्रम को झटका दे दिया। 10 ओवर के बाद स्कोर 88/4 हो चुका था, जिससे टीम दबाव में आ गई और फिर संभल नहीं सकी।
पोस्ट मैच प्रस्तुति में कप्तान इरास्मस ने साफ कहा कि वरुण के उस स्पेल ने उनकी टीम की उम्मीदें तोड़ दीं। उन्होंने माना कि छोटे मैदान और ओस के कारण स्पिनरों को बाद में चुनौती मिल सकती थी, लेकिन वरुण ने बीच के ओवरों में जो प्रभाव डाला, वही निर्णायक साबित हुआ।
कप्तान की प्रतिक्रिया और टीम का आकलन
इरास्मस ने अपनी टीम की गेंदबाजी के कुछ हिस्सों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि डेथ ओवरों में गेंदबाजों ने बेहतर नियंत्रण दिखाया, खासकर स्मित के स्पेल का जिक्र करते हुए उन्होंने संतोष जताया। हालांकि पावरप्ले के बाद कुछ ओवरों में रन ज्यादा खर्च हुए, जिसे उन्होंने सुधार की जरूरत बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी टीमों से मुकाबला करने के लिए टीम को शीर्ष और अंतिम क्रम में स्थिरता और विशेषज्ञता लानी होगी। उनके मुताबिक, नामीबिया के पास बल्लेबाजी में ताकत है, लेकिन उसे सही समय पर लागू करना अभी बाकी है।
अगले मुकाबले पर नजर
अगले मैच में अमेरिका के खिलाफ खेलने को लेकर इरास्मस ने उम्मीद जताई कि धीमी परिस्थितियां उनकी टीम के अनुकूल हो सकती हैं। उनका मानना है कि टीम अभी अपनी पूरी क्षमता के साथ नहीं खेल पा रही है और टूर्नामेंट में आगे बेहतर प्रदर्शन की संभावना बनी हुई है।
भारतीय गेंदबाजों की गुणवत्ता की भी उन्होंने सराहना की। उनके अनुसार पिच में खास बदलाव नहीं था, लेकिन भारत की गेंदबाजी ने मध्य ओवरों में दबाव बनाकर मैच को अपने पक्ष में कर लिया।
इस मुकाबले ने एक बार फिर दिखाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छोटे स्पेल भी मैच का परिणाम तय कर सकते हैं। नामीबिया की टीम ने अच्छी शुरुआत की, मगर बीच के ओवरों में आए झटकों से उबर नहीं सकी और भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया।



