CensusUpdate – यूपी में आज से शुरू होगा घर-घर जनगणना सर्वे अभियान
CensusUpdate – उत्तर प्रदेश में जनगणना की प्रक्रिया शुक्रवार से नए चरण में प्रवेश कर रही है। अब राज्यभर में नियुक्त प्रगणक घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से जुड़ी जानकारी एकत्र करेंगे। यह अभियान जनगणना 2027 के पहले चरण का हिस्सा है, जिसमें आवास, परिवार और संपत्ति से जुड़े कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है, जो देश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर लागू हो रही है।

20 जून तक चलेगा हाउस सर्वे
शुक्रवार से शुरू हो रहा यह सर्वे 20 जून तक जारी रहेगा। इस दौरान सरकारी कर्मचारी मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए नागरिकों से प्राप्त जानकारी सीधे डिजिटल सिस्टम में दर्ज करेंगे। पहले चरण में केवल मकानों और परिवारों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि लोगों की वास्तविक जनगणना अगले वर्ष फरवरी में दूसरे चरण में की जाएगी।
राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए बड़े स्तर पर कर्मचारियों और अधिकारियों की तैनाती की है। पूरे प्रदेश में करीब 5 लाख 25 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को इस प्रक्रिया में लगाया गया है, ताकि निर्धारित समय के भीतर सर्वे पूरा किया जा सके।
स्वगणना अभियान में लाखों लोगों ने लिया हिस्सा
इससे पहले 7 मई से 21 मई तक चले स्वगणना अभियान में लाखों लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से अपना विवरण दर्ज कराया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेशभर में 46 लाख 93 हजार 783 लोगों ने स्वयं जनगणना पोर्टल पर जानकारी भरी। इस अभियान में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया।
जिलावार आंकड़ों में शाहजहांपुर सबसे आगे रहा, जबकि कौशांबी सबसे पीछे दर्ज किया गया। राजधानी लखनऊ में करीब 98 हजार से अधिक लोगों ने स्वगणना प्रक्रिया में भाग लिया। हालांकि प्रशासन को उम्मीद थी कि यह संख्या एक लाख के पार जाएगी।
पहली बार पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था
जनगणना प्रक्रिया में इस बार तकनीक का बड़े स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। नागरिकों को पहली बार घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा दी गई थी। स्वगणना के दौरान परिवार के मुखिया को एक 11 अंकों की यूनिक आईडी जारी की गई, जिसे प्रगणक के घर पहुंचने पर दिखाना होगा। इससे दोबारा जानकारी भरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और डेटा सत्यापन में भी आसानी होगी।
अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सिस्टम लागू होने से आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी और पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में ज्यादा पारदर्शी होगी। मोबाइल एप आधारित डेटा एंट्री से कागजी काम भी काफी कम हो जाएगा।
ड्यूटी में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने जनगणना ड्यूटी को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनगणना कार्य पूरा होने के बाद कर्मचारियों को अपने चार्ज ऑफिसर से प्रमाण पत्र लेना होगा और उसे कोषागार में जमा करना अनिवार्य होगा।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश सिंह ने स्पष्ट किया है कि प्रमाण पत्र की जांच के बाद ही कर्मचारियों का वेतन जारी किया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित पाया जाता है या निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं करता, तो उसका वेतन रोका जा सकता है।
अगले चरण में होगी आबादी की गिनती
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान चरण केवल हाउस लिस्टिंग और परिवार से जुड़े आंकड़ों के लिए है। अगले वर्ष फरवरी में दूसरे चरण के दौरान वास्तविक जनसंख्या गणना की जाएगी। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक स्थिति और अन्य जनसांख्यिकीय जानकारियां दर्ज की जाएंगी।
प्रशासन का मानना है कि डिजिटल जनगणना से नीतियां बनाने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। साथ ही इससे भविष्य में सरकारी योजनाओं की पहुंच और डेटा प्रबंधन भी अधिक प्रभावी हो सकेगा।