Investigation – राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी ने दर्ज किया संतोष दुबे का बयान
Investigation – अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने रविवार को हिंदू धर्मसेना के प्रमुख और पूर्व जिला पंचायत सदस्य संतोष दुबे से विस्तृत पूछताछ की। अधिकारियों ने उनसे उनके सार्वजनिक आरोपों के संबंध में जानकारी ली और उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा। संतोष दुबे ने बताया कि वह अपने दावों से जुड़े सभी रिकॉर्ड जांच एजेंसी को उपलब्ध कराएंगे।

आरोपों पर मांगे गए दस्तावेज
पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर कार्यालय में हुई पूछताछ के दौरान एसआईटी ने संतोष दुबे से उन आरोपों का क्रमवार विवरण मांगा, जो उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे, ट्रस्ट के कामकाज और अन्य मामलों को लेकर लगाए हैं। पूछताछ वर्चुअल माध्यम से की गई, जिसमें जांच अधिकारियों ने प्रत्येक आरोप के समर्थन में उपलब्ध साक्ष्यों की जानकारी भी मांगी। दुबे ने कहा कि संबंधित दस्तावेज सोमवार तक जांच टीम को भेज दिए जाएंगे।
चढ़ावा और जमीन सौदों का उठाया मुद्दा
पूछताछ के दौरान संतोष दुबे ने कथित चढ़ावा अनियमितताओं के साथ-साथ कुछ भूमि खरीद से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि उन्होंने जांच एजेंसी के सामने विभिन्न घटनाओं का क्रमवार विवरण रखा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास उपलब्ध दस्तावेज इन आरोपों के समर्थन में जांच के लिए सौंपे जाएंगे, ताकि एजेंसी तथ्यों की स्वतंत्र रूप से जांच कर सके।
जिम्मेदारी तय करने की उठाई मांग
संतोष दुबे ने कहा कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनके अनुसार, जांच में यदि किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी तय होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। एसआईटी ने इस संबंध में उपलब्ध रिकॉर्ड और अन्य प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
जांच प्रक्रिया जारी
पूछताछ पूरी होने के बाद संतोष दुबे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और आगे भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगे। उनका कहना था कि यदि उनके लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से सही साबित होते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके दावे गलत सिद्ध होते हैं तो वह कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए भी तैयार हैं। फिलहाल एसआईटी आरोपों से जुड़े दस्तावेजों का इंतजार कर रही है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।