Love Triangle Murder: दोस्ती से दुश्मनी तक! लव ट्रायंगल ने ली युवक की जान, जानें पूरा मामला…
Love Triangle Murder: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से सामने आया यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि भरोसे, दोस्ती और प्रेम के टूटने की खौफनाक कहानी है। यहां लव ट्रायंगल में उलझे तीन युवाओं की कहानी ने एक की जान ले ली। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की जड़ एक युवती से जुड़ा प्रेम प्रसंग था, जिसने जिगरी दोस्तों को दुश्मन बना दिया। इस सनसनीखेज वारदात (Unnao-crime) ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और ग्रामीणों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।

12 दिसंबर की शाम और अचानक लापता हुआ सुधीर
टिकरी गणेश मजरा बलियाखेड़ा निवासी 25 वर्षीय सुधीर पाल (Missing-youth) 12 दिसंबर को अपने दोस्त रंजीत के साथ बाइक से अचलगंज गया था। परिजनों के मुताबिक, बदरका में रंजीत को छोड़ने के बाद सुधीर घर लौटने वाला था, लेकिन वह कभी वापस नहीं आया। रात बीत गई, मोबाइल बंद रहा और घरवालों की चिंता बढ़ती चली गई। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह शाम सुधीर की जिंदगी की आखिरी शाम साबित होगी।
खेत में मिला शव, पहचान के बाद मचा कोहराम
रविवार सुबह खेतों की ओर जा रही कुछ महिलाओं को घासफूस के नीचे कुछ संदिग्ध दिखाई दिया। पास जाकर देखा तो एक युवक का शव (Dead-body) पड़ा था। सूचना मिलते ही सुधीर के परिजन मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की। सुधीर के गले में साड़ी के किनारे से बनी रस्सी का फंदा था, चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे और मुंह से खून बह रहा था। यह दृश्य देखकर हर किसी की रूह कांप उठी।
प्रेम संबंध ने कैसे बदली दोस्ती की दिशा
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सुधीर का गांव की ही एक युवती से प्रेम संबंध (Love-affair) था। इसी दौरान उसका करीबी दोस्त संदीप भी उसी युवती के संपर्क में आ गया। धीरे-धीरे संदीप और युवती की नजदीकियां बढ़ीं, जिससे सुधीर और संदीप के बीच तनाव पैदा हो गया। करीब छह महीने पहले दोनों के बीच इस बात को लेकर तीखा विवाद भी हुआ था। यही विवाद आगे चलकर खून-खराबे की वजह बन गया।
झोलाछाप संदीप और रंजीत की साजिश
बताया जा रहा है कि गंगा बैराज क्षेत्र का रहने वाला संदीप बलियाखेड़ा में झोलाछाप दवाखाना चलाता था। उसी दौरान उसका प्रेम प्रसंग भी शुरू हो गया। पुलिस के अनुसार, संदीप और रंजीत ने मिलकर सुधीर को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पूछताछ में कई अहम कड़ियां जुड़ती चली गईं, जिससे साफ हुआ कि यह हत्या (Murder-plot) अचानक नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश का नतीजा थी।
भागने की तैयारी और फिर ढोंग का खेल
हत्या के बाद रंजीत जयपुर भागने (Escape-plan) की फिराक में था और शनिवार को घर से निकलकर कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक पहुंच भी गया। लेकिन जब उसे सुधीर की बाइक बरामद होने की खबर मिली तो वह वापस लौट आया। इसके बाद उसने सुधीर को तलाशने का नाटक किया और यहां तक कि घटनास्थल तक पहुंचने के बावजूद शव की जानकारी किसी को नहीं दी। यही व्यवहार पुलिस के शक की सबसे बड़ी वजह बना।
शराब, मोबाइल कॉल और कत्ल की रात का सच
पूछताछ में सामने आया कि हत्या वाली रात सुधीर, संदीप और रंजीत अचलगंज में शराब पीने गए थे। लौटते वक्त रंजीत बदरका में उतर गया, लेकिन शाम करीब छह बजे तीनों फिर संपर्क में आए। सुधीर ने पहले संदीप को कॉल (Call-details) किया, कॉल रिसीव नहीं हुई। फिर रंजीत के मोबाइल से कॉल की गई, जिसे संदीप ने उठाया। कॉल डिटेल और बयानों के मिलान से हत्या की साजिश पूरी तरह उजागर हो गई।
पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
सूचना मिलने पर एसपी और सीओ मौके पर पहुंचे और त्वरित खुलासे के निर्देश दिए। रंजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद संदीप को भी छेरिहा गांव से गिरफ्तार कर लिया गया। सुधीर के पिता की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया (Police-investigation) के तहत कड़ी सजा दिलाने की तैयारी की जा रही है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि प्रेम में अंधापन कितना खतरनाक हो सकता है।
एक हत्या, कई सवाल और समाज के लिए चेतावनी
यह वारदात सिर्फ एक युवक की हत्या नहीं, बल्कि समाज (Social-impact) के लिए एक गंभीर चेतावनी है। दोस्ती, प्रेम और ईर्ष्या जब हदें पार कर जाएं तो नतीजा कितना भयावह हो सकता है, यह मामला उसी का उदाहरण है। उन्नाव का यह मर्डर केस लंबे समय तक लोगों के जेहन में डर और सवाल छोड़ जाएगा।



